इमरान खान को जिंदा रहने के लिए पाकिस्तानी सेना ने दिए 3 लाइफलाइन, पूर्व कप्तान ने चुना शहीद होने का ऑप्शन!
Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक करीबी सहयोगी डॉ. सलमान अहमद ने दावा किया है, कि जेल में बंद पूर्व कप्तान की जिंदगी खतरे में हैं। डॉ. सलमान अहमद ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा है, कि पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान को जिंदा रहने के लिए तीन ऑप्शन दिए हैं।
इमरान खान, जिन्हें सरकारी सीक्रेट लीक करने के मामले में 10 साल और तोशाखाना मामले में 14 साल की कैद की सजा सुनाई गई है, उन्हें पाकिस्तानी सेना ने जिंदगी भर जेल में रखने का फैसला कर लिया है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री की उम्र 70 साल से ज्यादा है।

इमरान खान को तीन लाइफलाइन
इमरान खान को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, उनकी पार्टी से चुनाव चिन्ह बैट छीन लिया गया है, उनके 90 प्रतिशत उम्मीदवार या तो नामांकन दाखिल ही नहीं कर पाए या जिन्होंने नामांकन दाखिल किए, उनके नॉमिनेशन खारिज कर दिए गये हैं।
और डॉ. सलमान अहमद ने News18 से बात करते हुए दावा किया है, कि पाकिस्तान की सेना ने इमरान खान को जिंदा रहने के लिए 3 ऑप्शन दिए हैं।
पहला ऑप्शन- इमरान खान अपनी गलती मानकर पाकिस्तान की जनता से माफी मांगे और राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा करें। हालांकि, उन्हें चुनावी राजनीति का हिस्सा बनने के लिए, अपने परिवार के सदस्य को नामांकित करने का विकल्प दिया गया है, लेकिन उन्हें खुद पूरी तरह से हटना होगा।
दूसरा विकल्प- इमरान खान के सामने दूसरा विकल्प ये है, कि उन्हें अपनी बाकी की जिंदगी इस्लामाबाद स्थिति अपने घर बानी गाला में ही रहना होगा और उन्हें अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से पूरी तरह से दूर रहना होगा। अपनी पार्टी से नाता तोड़ना होगा।
तीसरा विकल्प- इमरान खान के लिए तीसरा विकल्प प्रधानमंत्री पद के लिए तीन उम्मीदवारों में से किसी एक को नामांकित करना और जनता के सामने नाम उनके नाम की घोषणा करना होगा।
डॉ. अहमद के मुताबिक, इमरान खान ने कोई भी ऑफर मानने से इनकार कर दिया है। डॉ. अहमद ने इमरान खान को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा, कि पाकिस्तान की 95 प्रतिशत जनता का समर्थन उन्हें प्राप्ता है और वो राजनीति से दूर नहीं रहेंगे।
वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि तीनों विकल्पों को ठुकराने का मतलब है, कि इमरान खान ने अपने लिए चौथा विकल्प, यानि 'राजनीतिक शहीद' बनना चुना है।
डॉ अहमद ने दावा किया है, कि "इमरान (खान) झुकेंगे नहीं और सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे।"
दरअसल, पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने इमरान खान को अपनी पार्टी के अंदर नये चेयरमैन का चुनाव करने के लिए कहा था और चुनाव करवाए भी गये, लेकिन पार्टी के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने चुनाव को चुनौती दे दी और फिर चुनाव आयोग ने पार्टी के अंदर की वोटिंग को अवैध करते हुए पीटीआई का चुनाव चिन्ह छीन लिया।
पीटीआई ने चुनाव आयोग के फैसले को कोर्ट में चुनौती थी, लेकिन कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले के पक्ष में अपना फैसला सुनाया।
हालांकि, पीटीआई ने फिर से 8 फरवरी को पार्टी में चुनाव करवाने की घोषणा की है, लेकिन 8 फरवरी को देश भर में चुनाव हैं और 5 फरवरी को पीटीआई का चुनाव किसी को समझ नहीं आ रहा है। क्योंकि पार्टी पहले ही अपने उम्मीदवारों को बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतार चुकी है।












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