पाकिस्तान आर्मी चीफ ने एक्सटेंशन लेने से किया इनकार, जाते-जाते कर दिया इमरान खान का काम तमाम
आर्मी चीफ जनरल बाजवा ने उस वक्त एक्सटेंशन लेने से इनकार किया है, जब पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इमरान खान के चुनाव लड़ने पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
Pakistan Army Chief: पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने शुक्रवार को घोषणा की है, कि वो अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए एक्सटेंशन नहीं लेंगे और अब उनका कार्यकाल सिर्फ पांच हफ्तों का बचा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि पाकिस्तान में नये आर्मी चीफ को लेकर सारी आशंकाएं अब खत्म हो गई हैं और जनरल बाजवा ने साफ कर दिया है, कि वो अपने कार्यकाल में एक्सटेंशन नहीं चाहते हैं। वहीं, पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज ने कहा है कि, आर्मी ने ये भी साफ कर दिया है, कि पाकिस्तान की राजनीति में आर्मी कोई दखल नहीं देगी।

एक्सटेंशन लेने से इनकार
इससे पहले पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज प्रेस रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार, जिन्हें हाल ही में थ्री-स्टार रैंक पर प्रमोशन दिया गया है, उन्होंने 14 अप्रैल को ही मीडिया से कहा था, कि 29 नवंबर को जनरल बाजवा रिटायर्ड हो जाएंगे। अगला आर्मी चीफ कौन होगा, इसको लेकर पाकिस्तान की राजनीति पिछले दो महीने से गर्म है और शहबाज शरीफ ने नये आर्मी चीफ को लेकर लंदन में रह रहे अपने भाई नवाज शरीफ से भी मुलाकात की थी। हालांकि, अगले महीने नये आर्मी चीफ की नियुक्ति को लेकर अभी तक तय नहीं है, कि अगला आर्मी चीफ कौन बनेगा। पाकिस्तान का इतिहास रहा है, कि जो आर्मी चीफ बनता है, वही पाकिस्तान की राजनीति को कंट्रोल करता है और फिलहाल सत्ता में शहबाज शरीफ हैं, लिहाजा पूरी उम्मीद है, कि अगला आर्मी चीफ उनके मनपसंद का होगा।

इमरान की कर गये छुट्टी?
वहीं, आर्मी चीफ जनरल बाजवा ने उस वक्त एक्सटेंशन लेने से इनकार किया है, जब पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इमरान खान के चुनाव लड़ने पर 5 सालों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यानि, इस फैसले के मुताबिक, 5 सालों तक अब इमरान खान कभी भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और ना ही कोई सार्वजनिक मंत्रालय का जिम्मा ही संभाल सकते हैं। इमरान खान को ये सजा तोशेखाना केस में सुनाई गई है। इमरान खान पर सरकार को विदेशों से मिले गिफ्ट को बेचकर फंड इकट्ठा करने का आरोप था, जिसके खिलाफ मामला पाकिस्तान चुनाव आयोग में चल रहा था। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या इमरान खान को राजनीति से पूरी तरह से धक्का देकर बाहर निकलने के बाद ही जनरल बाजवा ने सेना से हटने का फैसला किया है?

इमरान से क्यों है बाजवा से नफरत
ऐसा माना जाता है, कि अक्टूबर 2021 में पेशावर कोर में आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को ट्रांसफर करने के बाजवा के फैसले पर आपत्ति जताकर इमरान खान ने लाल रेखा को पार कर लिया था और तत्कालीन आईएसआई प्रमुख फैज हमीद खान, जो इमरान खान के करीबी थे, इमरान खान ने उन्हें आईएसआई पद पर रखने की कोशिश की थी। चूंकी फैद हमीद ने इमरान खान का राजनीतिक प्रबंधन किया था, इसीलिए इमरान खान चाहते थे, कि फैज हमीद आईएसआई प्रमुख बने रहें। लेकिन, जनरल बाजवा इस बात से नाखुश थे, कि इमरान खान उनके काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं और आखिरकार इमरान खान को फैज हमीद के ट्रासफर के लिए तैयार होना पड़ा। लेकिन, जनरल बाजवा के मन से इमरान खान के लिए भरोसा टूट गया था, लिहाजा जनरल बाजवा ने तय कर लिया, कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा, ये तय करने के लिए अब इमरान खान अपने दफ्तर में नहीं होंगे और ऐसा ही हुआ।












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