पाक एयरस्ट्राइक से तालिबान के पलटवार तक, जानिए 9 अक्टूबर से अब तक क्या-क्या हुआ?
Afghanistan Pakistan Conflict: पाकिस्तान द्वारा अफगान धरती पर की गई एयरस्ट्राइक ने पड़ोसी देशों के बीच गंभीर सैन्य संघर्ष (military conflict) को जन्म दे दिया है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रमुख को निशाना बनाने के मकसद से किए गए इस हमले को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने 'संप्रभुता का सीधा उल्लंघन' माना है। इसी के प्रतिशोध में, अफगान तालिबान बलों ने डुरंड लाइन पर स्थित कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर ज़ोरदार जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दोनों तरफ से भारी हथियारों के इस्तेमाल और कई हताहतों की खबरों ने सीमावर्ती इलाकों में दहशत पैदा कर दी है। अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे के बीच हुए इस टकराव ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को गहरा झटका दिया है, बल्कि संपूर्ण क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति को भी एक खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। आगे इस रिपोर्ट में, जानते हैं दोनों देशों के बीच जारी इस विस्फोटक तनाव का पूरा घटनाक्रम (Timeline)।

9 अक्टूबर 2025: पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक
- हमले की शुरुआत: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर कई स्थानों, जिनमें काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका शामिल हैं, पर हवाई हमले किए।
- लक्ष्य: पाकिस्तान का दावा था कि इन हमलों का निशाना आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का प्रमुख नूर वली मेहसूद था।
- अफगान प्रतिक्रिया: तालिबान सरकार ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अफगानिस्तान की हवाई सीमा का गंभीर उल्लंघन और संप्रभुता (Sovereignty) पर सीधा हमला बताया।
10 अक्टूबर 2025: अफगान सरकार का आरोप और चेतावनी
- आरोप: अफगान रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान पर हवाई सीमा का उल्लंघन करने और ड्यूरंड लाइन के पास पक्तिका प्रांत के मरघी क्षेत्र में एक बाज़ार पर बमबारी करने का आरोप लगाया।
- कूटनीतिक तनाव: यह घटना तब हुई जब अफगान तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत की यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक माहौल गरमा गया।
- चेतावनी: अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उसने दोबारा सीमा का उल्लंघन किया तो अफगान सैनिक कड़ा और निर्णायक जवाब देंगे।
11 अक्टूबर 2025: तालिबान का जवाबी हमला और सीमा पर भीषण संघर्ष
- जवाबी कार्रवाई: शनिवार देर रात, अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तान के हवाई हमलों का प्रतिशोध लेते हुए डुरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर भीषण हमला किया।
- हमले के क्षेत्र: यह झड़पें खास तौर पर नंगरहार और कुनार प्रांतों में शुरू हुईं, लेकिन जल्द ही पक्तिया, पक्तिका, खोस्त और हेलमंद सहित अन्य सीमावर्ती जिलों तक फैल गईं।
- भारी गोलाबारी: बीबीसी की रिपोर्ट और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, कुनार-कुर्रम क्षेत्र और अंगूर अड्डा, बाजौर, दीर जैसे इलाकों में दोनों ओर से भारी हथियारों (Heavy Artillery) और छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिससे रात भर गोलीबारी जारी रही।
- नुकसान का दावा: अफगान सेना ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया है और कुछ को नष्ट कर दिया है। अफगानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस झड़प में 12 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और उनके सैन्य उपकरणों (जैसे ड्रोन्स और रडार सिस्टम) को भी नुकसान पहुंचा है।
- पाकिस्तान का आरोप: पाकिस्तानी सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान की ज़मीन "पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद का संचालन केंद्र बन गया है।"
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12 अक्टूबर 2025: कूटनीतिक पलटवार और स्थिति की गंभीरता
- पाकिस्तान की आपत्ति: संघर्ष के बीच, पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान के बीच जारी संयुक्त बयान पर आपत्ति जताते हुए अफगान राजदूत को तलब किया। पाकिस्तान ने भारत-अफगान संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के संदर्भों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
- तालिबान का रुख: तालिबान सरकार ने अपने सैनिकों की कार्रवाई को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक बताया, जबकि पाकिस्तानी अधिकारी इसे "अनावश्यक गोलीबारी" मान रहे हैं।
- वर्तमान स्थिति: गोलाबारी और सैन्य संघर्ष कई सीमावर्ती इलाकों में अब भी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सबसे बड़ी सैन्य वृद्धि है, जिससे दक्षिण एशिया में सुरक्षा चिंताएँ बहुत अधिक बढ़ गई हैं।
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