पाकिस्तान सेना ने स्वीकारा, ISI का आतंकियों से हैं संबंध
इस्लामाबाद। अमेरिकी जनरल जोसेफ डनफोर्ड ने दो दिन पहले कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का आतंकी संगठनों से लिंक है, इस बात को पाक मिलिट्री ने भी स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान मिलिट्री ने गुरूवार को स्वीकार करते हुए कहा कि टॉप खुफिया एजेंसी ISI के संबंध उग्रवादियों से हैं। पाकिस्तान मिलिट्री ने कहा कि ISI के संबंध मिलिटेंट से है। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि आतंकवादी और उग्रवादी में फर्क होता है।

पाकिस्तान के मेजर जनरल ने आसीफ गफूर ने अमेरिकी जनरल के आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा है कि ISI के संबंध उग्रवादियों से है। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि सपोर्ट और लिंक में फर्क होता है। उनके अनुसार, उग्रवादियों के साथ ISI के लिंक है, जिन्हें सकारात्मक ढंग से देखा जाना चाहिए। पाकिस्तानी जनरल ने कहा कि यूएस डिफेंस सेक्रेटरी ने यह नहीं कहा कि हमारी खुफिया एजंसी इनको सपोर्ट करती है।
पाकिस्तान मिलिट्री के अनुसार, उन्होंने जमात-उद-दावा की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है और हम इन्हें सपोर्ट नहीं करते हैं। आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और उनका सरगना हाफिज सईद 2008 मुंबई हमलों का दोषी है।
रावलपिंडी में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गफूर ने कहा कि सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव है। उन्होंने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंडियन आर्मी ने पिछले एक साल में 222 पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या की है। गफूर ने दोनों देशों की बीच तनाव को कम करने पर जोर देते हुए कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, इसलिए हम इस खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
यूएस डिफेंस सेक्रेटरी ने व्हाइट हाउस में कहा था कि हमें पाकिस्तान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में काम करने का एक और मौका दिया जाना चाहिए। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि अफगानिस्तान में उग्रवादी ताकतों को तब तक खत्म नहीं किया जा सकता जब तक कि पाकिस्तान नहीं चाहता।












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