मासिक-धर्म पर हो चर्चा इसलिए दीवारों पर चिपका दिये सैनेटरी-पैडस
इस्लामाबाद। मासिक धर्म एक प्राकृतिक क्रिया है जिस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए लेकिन होता इसके ठीक उलट है इस कारण अब इस मुद्दे पर लड़कियां काफी प्रखर और मुखर हो गई हैं। भारत हो या पाकिस्तान अब महिलाएं और लड़कियां इस विषय पर खुलकर बातें करना चाहती हैं और जब उन्हें इस बात की आजादी नहीं मिलती है तब वो विरोध जताने में भी पीछे नहीं रहतीं।
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पाकिस्तान विश्वविद्यालय में भी ऐसा ही अजब-गजब मामला सामने आया है जहां कि कुछ छात्राओं ने दीवारों पर सैनेटरी पैड ही चिपका दिया और उस पैड में एक स्लोगन लिखा कि यह नैचुरल है इसलिए हम ना तो खराब है और ना अछूत।
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जिसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस विरोध को जताने वाली छह लड़कियां हैं जो कि लाहौर की बीकॉन हाउस नेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं। पाकिस्तान में मासिक-धर्म पर बात करना भी पाप समझा जाता है। इन लड़कियों ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि हम जब बाजार में पैडस खरीदने जाते हैं तो हमे काले रंग के प्लास्टिक में उसे दिया जाता है।
हम इस मुद्दे पर धीरे-धीरे बातें करते हैं जैसे कि हम किसी गंदी फिल्म या अश्लील रिश्ते की बातें कर रहे हैं। अगर किसी महिला या लड़की के कपड़े पर दाग लग जाते हैं लड़के उसका मजाक उड़ाते हैं और महिलाएं लड़की को फूहड़ और गंदा कहती हैं इसी कारण हमने इस पर विरोध जताया है और लोगों को समझाने की कोशिश की है, ये कोई अपराध नहीं है,अगर ये ना हो तो जीवन का सृजन ना हो। हमारी कोशिश इस समाज में फैली मासिक चक्र के बारे में कुरीतियों को खात्मा करना है।
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नोट: यह तस्वीरें छात्रा मावीरा रहीम के फेसबुक वॉल से ली गई हैं जो कि विरोध जताने वाली छह छात्राओं में से एक हैं।












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