पूरे पाकिस्तान में एक ही दिन होंगे चुनाव, सरकार और इमरान खान की पार्टी में हुआ अहम समझौता
इमरान की पीटीआई पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में जल्दी चुनाव कराने की मांग कर रही थी। इसी दौरान पार्टी ने दोनों की प्रांतीय असेंबली को जनवरी में भंग कर दिया गया था।

पाकिस्तान में गठबंधन सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने एक ही दिन पूरे देश में आम चुनाव कराने पर सहमति बन गई है। हालांकि अभी तक चुनाव की तारीख पर सहमति नहीं बन पाई है। मंगलवार को रात भर चली इस बातचीत में ये सहमति बनी।
पाकिस्तान में चुनाव कराने की मांग को लेकर इमरान खान लंबे वक्त से सत्ता पार्टी को चुनौती पेश करते रहे हैं। ऐसे में एक दिन में प्रांतीय और केंद्रीय चुनाव कराने पर सरकार की सहमति इमरान खान की राजनीतिक जीत मानी जा रही है।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी लंबे समय से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराने की मांग कर रही है। वहीं सरकार और चुनाव आयोग इसे किसी ना किसी बहाने टालने की कोशिश करते आए हैं।
अब दोनों पक्षों की बैठक में एक ही दिन सारे प्रांतीय और केंद्रीय चुनाव कराने का फैसला किया गया है। दोनों पक्षों की बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है कि एक कार्यवाहक व्यवस्था के तहत यह चुनाव होंगे, ताकि चुनाव की निष्पक्षता बनी रहे।
पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री इसहाक डार ने कहा कि अब चुनाव को लेकर कोई भ्रम नहीं रह गया है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि देश में एक ही दिन चुनाव कराना बेहतरी के लिए है। हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीख को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
मंत्री ने कहा, ''हमने तारीख तय कर ली है... लेकिन हम अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने देश में एक दिन के चुनाव कराने पर बनी सहमति को 'बड़ी प्रगति' करार दिया। मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने पर्याप्त लचीलापन दिखाया है।
पाकिस्तान में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक चरण की बैठक होनी है, जिसमें चुनाव की तारीख को लेकर आम सहमति बनेगी। सरकार में सहयोगी पीपीपी के यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस बात पर भी सहमति बनी है कि दोनों पक्ष चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे।
सत्ता पक्ष की तरफ से इस बैठक में पीएमएल-नवाज पार्टी की तरफ से इशाक डार, ख्वाजा साद रफीक, आजम नजीर, सरदार अयाज सादिक, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की तरफ से यूसुफ रजा गिलानी, सैयद नवीद कमर और इमरान खान की पीटीआई की तरफ से शाह महमूद कुरैशी, फवाद चौधरी और सीनेटर अली जफर शामिल हुए।
पीटीआई की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि सिंध और बलूचिस्तान की विधानसभाओं को भंग करने की तारीख अभी नहीं हुई है। पीटीआई की मांग है कि इन विधानसभाओं को 14 मई या उससे पहले भंग किया जाए। हालांकि पाकिस्तान सरकार अभी इसके लिए तैयार नहीं है।
आपको बता दें कि पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई की सरकार थी लेकिन जब इमरान खान से सत्ता छीन ली गई तो इन दोनों प्रांतों की विधानसभाओं को पीटीआई की सरकार ने भंग कर दिया था।












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