रिटायर होने से पहले PAK आर्मी चीफ की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा, सारे रिश्तेदार बने अरबपति, जानें कैसे?
कमर जावेद बाजवा जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ नहीं बने थे, उस वक्त उनकी पत्नी टैक्सपेयर भी नहीं थीं और उन्होंने अपने आप को हाउस वाइफ बता रखा था। लेकिन, अब उनके नाम एक अरब से ज्यादा की संपत्ति है।
Pakistan News: कहा जाता है, पाकिस्तान की सरकारें तो भारत के साथ शांति करना चाहती हैं, लेकिन पाकिस्तान की सेना भारत से लगातार दुश्मनी का माहौल बनाकर रखना चाहती है, क्योंकि जब तक भारत से तनाव रहेगा, पाकिस्तानी सेना के जनरल्स अपना घर भरते रहेंगे। कमर जावेद बाजवा, जो इस वक्त पाकिस्तानी सेना के आर्मी चीफ हैं, उनका परिवार पिछले 6 सालों में अरबपति हो गया, जबकि इस दौरान पाकिस्तान कर्ज के दलदल में और धंसता ही गया है। हैरानी की बात ये है, कि जनरल बाजवा के चाहे करीबी रिश्तेदार हों, या फिर दूर के रिश्तेदार हों, हर कोई मालामाल हुआ है और वो लड़की, जो बाजवा की बहू बनने वाली थी, वो शादी से ठीक एक हफ्ते पहले करोड़पति बन जाती है। आईये जानते हैं, रिटायर होने से पहले पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने कितनी दौलत बनाई है?
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बाजवा की दौलत पर बड़ा खुलासा
पाकिस्तान की खोजी वेबसाइट FactFocus ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और उनके पूरे परिवार की दौलत को लेकर इन्वेस्टिगेशन की है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, कि बाजवा के करीबी रिश्तेदार हों या फिर दूर के रिश्तेदार हों, सभी ने देश में और विदेशों में अंतर्राष्ट्रीय कारोबार बाजवा के आर्मी चीफ बनने के बाद शुरू किए और इस दौरान उन्होंने विदेशों में जमकर प्रॉपर्टी खरीदी। इस दौरान पाकिस्तानी आर्मी चीफ की होने वाली बहू शादी से 9 दिन पहले अरबपति बन गई, जबकि बाजवा की तीन बहनों की स्थिति पहले जैसी ही रही।

शादी से पहले बहू बन गई अरबपति
FactFocus के मुताबिक, महनूर साबिर, जो 2 नवंबर 2018 को जनरल बाजवा की बहू बनी, उसके नाम पर शादी से करीब एक हफ्ते पहले, यानि 23 अक्टूबर को गुजरांवाला में 8 डीएएच प्लॉटों का आवंटन कर दिया गया। जबकि, नियमों के मुताबिक ऐसा तभी किया जा सकता है, जब किसी के पास डीएएच द्वारा अधिग्रहित भूमि का स्वामित्व हो। लेकिन, खुलासा हुआ है, कि 2018 में इसी दिन बाजवा की होने वाली बहू 2015 की पिछली तारीखों में फिर से एक कॉन्स्टिट्यूशन वन ग्रैंड हयात अपार्टमेंट की मालकिन भी बनी। इसके अलावा जनरल बाजवा के परिवार ने लाहौर के साबिर "मिठू" हमीद (अपनी बहू के पिता और बाजवा के बेटे के ससुर) के साथ ज्वाइंट कारोबार भी शुरू किया और उसी वर्ष हमीद ने पाकिस्तान के बाहर भारी पैसे ट्रांसफर किए और विदेशों में संपत्ति खरीदना शुरू कर दिया।

बाजवा की पत्नी भी बनी अरबपति
बाजवा के कार्यकाल के दौरान उनकी पत्नी आयशा गुलबर्ग के नाम पर ग्रीन्स इस्लामाबाद और कराची में बड़े फार्महाउस किए गये। वहीं, लाहौर में कई आवासीय प्लॉट और डीएचए योजनाओं में कॉमर्शियल प्लॉट और प्लाजा भी उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड किए गये और इन संपत्तियों की कीमत अरबों में है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजवा के आर्मी चीफ बनने के ठीक बाद उनकी पत्नी डीएचए लाहौर के फेज IV और फेज VI में दो कमर्शियल प्लाजा की मालकिन बनीं। वहीं, जनरल की पत्नी के अकाउंट में इस दौरान करीब आधा मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए गये। एफबीआर रिकॉर्ड बताते हैं, कि संपत्ति छिपाने के लिए जनरल की पत्नी को कई बार चेतावनी दी गई थी। फैक्ट फोकस ने दावा किया है, कि वो इस बाबत और भी जानकारी बहुत जल्द अपने फॉलोअप स्टोरी में जारी करेगा। इसके साथ ही इस वेबसाइट ने दावा किया है, कि साल 2018 में बाजवा ने एक तेल कारोबार की भी शुरूआत की, जिसका हेडक्वार्टर दुबई में बनाया गया। वहीं, सबसे दिलचस्प बात ये है, कि बाजवा के तेल कारोबार को पूरे पाकिस्तान में फैलने में सिर्फ कुछ महीनों का ही वक्त लगा।

कैसे मालामाल बन गया परिवार?
हैरान करने वाली बात ये है, कि कमर जावेद बाजवा जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ नहीं बने थे, उस वक्त उनकी पत्नी टैक्सपेयर भी नहीं थीं और उन्होंने अपने आप को हाउस वाइफ बता रखा था। वहीं, बाजवा के होने वाले समधी उस वक्त तक एक साधारण व्यवसायी ही थे, लेकिन ना उनका कारोबार फैला हुआ था और ना ही वो अरबपति थे। लेकिन, बाजवा के आर्मी चीफ बनते ही दोनों परिवारों का रूतबा ही बदल गया। बाजवा के समधी हमीद ने अचानक पाकिस्तान के बाहर एक के बाद एक प्रॉपर्टी खरीदनी शुरू कर दी और बाजवा की पत्नी के नाम पर फार्म हाउस और दर्जनों प्लाट्स आ गये। 6 साल के भीतर जनरल बाजवा और उनके समधी, दोनों का परिवार अरबपति बन गये। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 6 सालों में जनरल बाजवा की पत्नी और बहू के नाम पर करीब 12.7 अरब रुपये की चल-अचल संपत्ति आ गई है। FactFocus वेबसाइट ने दावा किया है, कि जनरल बाजवा की संपत्ति को लेकर पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, डीजी-आईएसपीआर, खुद आर्मी चीफ, और आर्मी चीफ के समधी से कई बार संपर्क कोशिश कर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन किसी ने भी वेबसाइट के सवालों का जवाब नहीं दिया। वहीं, वेबसाइट का दावा है, कि बाजवा और उनके समधी के पूरे परिवार की संपत्ति अगर जोड़ ली जाए, तो पिछले 6 सालों में संपत्ति 100 अरब के करीब बढ़ी है।

फिर आर्मी चीफ बनने से किया इनकार
आपको बता दें कि, इमरान खान के शासनकाल के दौरान साल 2019 में कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल खत्म हो गया था, लेकिन फिर इमरान खान ने उन्हें 3 सालों का एक्सटेंशन दे दिया था और बाद में बाजवा की नाराजगी के बाद इमरान खान को ही सत्ता से बाहर होने पड़ा। वहीं, एक बार फिर से बाजवा को एक्सटेंशन देने की मांग की गई थी, लेकिन खुद बाजवा ने एक्सटेंशन लेने से इनकार कर दिया। लिहाजा, पाकिस्तान में अब नये आर्मी चीफ की तलाश हो रही है और अगला आर्मी चीफ कौन होगा, इसको लेकर बवाल मचा हुआ है। इमरान खान चाहते हैं, कि नया आर्मी चीफ उनकी मर्जी से बने, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ नये आर्मी चीफ की नियुक्ति से इमरान खान के साया को भी दूर रखना चाहते हैं और इसी बात पर तकरार जारी है। जनरल बाजवा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है और माना जा रहा है, कि कार्यकाल खत्म होने के बाद पाकिस्तान के दूसरे रिटायर्ड आर्मी चीफ की तरह बाजवा का परिवार भी पाकिस्तान छोड़कर लंदन, दुबई या फिर ऑस्ट्रेलिया में रहेगा।












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