एक्स वाइफ पद्मा का रिएक्शन, दुःस्वप्न के बाद सलमान रुश्दी को राहत
कई देशों में सलमान रुश्दी की विवादास्पद उपन्यास 'द सैटनिक वर्सेज'बैन है। ऐसे में एक सवाल बार-बार उठता है कि कितने लोगों ने इस किताब को पढ़कर उनसे नाराजगी जताई होगी।
न्यूयॉर्क, 16 अगस्त : अमेरिका में पिछले हफ्ते मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला हुआ था। इस घटना की चारों तरफ निंदा हुई। कई लोग तो इस खबर के सदमें से अभी तक उबर नहीं पाए हैं और जो लोग इससे निकलने की कोशिश कर रहे हैं उनमें भी एक डर का माहौल है। बता दें कि, शुक्रवार को न्यूयॉर्क में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम में 75 साल के रुश्दी पर एक युवक ने धारदार हथियारों से हमला किया था। इस हमले में सलमान रुश्दी को गंभीर चोटें आई थीं।

पद्मा लक्ष्मी ने रुश्दी के बारे में बताया
लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले के बाद दुनिया भर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उनकी पूर्व पत्नी पद्मा लक्ष्मी ने कहा कि उनकी (सलमान रुश्दी) रिकवरी की खबर मिलने के बाद उन्होंने थोड़ी राहत की सांस ली है। उन्होंने आगे कहा कि, सलमान रुश्दी पर हमले के बाद से वे काफी बेचैन हो गई थीं। वे उनकी हालत को लेकर काफी चिंतित थीं। वो एक दु:स्वप्न था जब सलमान पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि दुनिया के मशहूर लेखक रुश्दी अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। पद्मा लक्ष्मी ने ये बातें ट्वीट कर लोगों को बताईं।

रुश्दी की पूर्व पत्नी पद्मा लक्ष्मी
भारतीय-अमेरिकी लेखिका, टीवी होस्ट और मॉडल, पद्मा लक्ष्मी की शादी 2004-2007 के बीच हुई थी। बता दें कि, पद्मा लक्ष्मी लोकप्रिय शो 'टॉप शेफ' की होस्ट भी हैं। बता दें कि, रुश्दी पर जब जानलेवा हमला हुआ था इसके बाद उन्हें अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अब सुनने में आया है कि, रुश्दी का स्वास्थ्य अब धीरे-धीरे ठीक हो रहा है तो ऐसे में वेंटिलेटर सपोर्ट को हटा लिया गया है, जो कि रुश्दी के चाहने वालों के लिए राहत की सांस लेने वाली खबर है।

फतवे की याद आई
जब न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी पर हमला हुआ था, उसके बाद ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी का 33 साल पुराना फतवा याद आ गया। खुमैनी ने रुश्दी के उपन्यास 'द सैटनिक वर्सेज'को लेकर नाराजगी जताते हुए उनके नाम (रुश्दी) मौत का फतवा जारी कर दिया था। इसके लिए उन्होंने करोड़ों की राशि देने की घोषणा कर दी थी।

रुश्दी को मारने के लिए इनाम की घोषणा हुई थी
खुमैनी ने रुश्दी को मारने के लिए इनाम की घोषणा की
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने सलमान रुश्दी को मारने वाले के लिए 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर के इनाम का घोषणा कर दी। इस फतवे का असर कई देशों में साफ देखने को मिल रहा था, इसके बाद सलमान रुश्दी को आए दिन मौत की धमकियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने रुश्दी को कड़ी सुरक्षा प्रदान कर दी। साल 1989 में आए इस फतवे के बाद सलमान रुश्दी को 9 साल तक छिपकर रहना पड़ा।

'द सैटेनिक वर्सेज'कई देशों में प्रतिबंध
सलमान रुश्दी के चौथे उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेज' की खरीद और बिक्री पर भारत समेत कई देशों में प्रतिबंध है। जानकारी के मुताबिक रुश्दी के इस किताब में पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने वाले बातों का जिक्र करने का आरोप लगाया गया। इसको लेकर कई कट्टरपंथी समूह रुश्दी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। कई देशों में विरोध-प्रदर्शन हुए और उपन्यास की प्रतियों को जला दिया गया। उस समय भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश में इस उपन्यास की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था।

क्यों विवादित है यह उपन्यास
जानकारी के मुताबिक, इस उपन्यास में सलमान रुश्दी ने मुस्लिम धर्म की एक परंपरा को लेकर गलत बातें लिखी, जिसकी वजह से पूरा विवाद हुआ और कई इस्लामिक बहुल देशों के लोग सड़कों पर आ गए। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी किया तो इसके बाद इस उपन्यास का दूसरी भाषाओं में अनुवाद करने वाले भी निशाना बनाए गए। सलमान रुश्दी के इस उपन्यास का जापानी भाषा में अनुवाद करने वाले हितोशी इगाराशी की हत्या हुई तो इटैलियन में अनुवाद करने वाले पर भी जानलेवा हमला हुआ था। इस पुस्तक के प्रकाशक को निशाना बनाकर भी हमले किए गए थे।












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