काफी वक्त से भारत का विरोध कर रहे इस देश ने बढ़ाई सिंगल्स की टेंशन, सेक्स करने पर काटेंगे 7 साल की सजा
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन इस बार कतर में किया जा रहा है। इस वर्ल्ड कप को लेकर खिलाड़ी और फुटबॉल फैन्स काफी उत्साहित हैं, लेकिन कतर के अजीबोगरीब नियम उनके लिए समस्याएं पैदा कर रहे। कई बार देखा गया है कि बड़ी प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों के रिश्ते बन जाते हैं, लेकिन अब कतर ने इसमें भी टांग अड़ा दी है।

वन नाइट स्टैंड पर रोक
कतर अपने सख्त और अजीबोगरीब नियमों के लिए दुनियाभर में फेमस है। समलैंगिकता पर तो वहां पर पहले से ही बैन है, लेकिन अब उसने कथित तौर पर वन-नाइट स्टैंड पर भी प्रतिबंध लगा दिया है यानी कोई भी कपल बिना शादी के शारीरिक संबंध नहीं बना सकता। अगर किसी ने इस नियम को तोड़ा तो उसे जेल जाना पड़ेगा। ये नियम स्थानीय लोगों के साथ विदेशियों पर भी लागू है।

काफी सख्ती बरत रहा कतर
डेली स्टार ने एक पुलिस सूत्र के हवाले से बताया कि अगर आप फीफा वर्ल्ड कप में पति-पत्नी के रूप में नहीं आ रहे, तो सेक्स को भूल जाइए। इस टूर्नामेंट में निश्चित रूप से कोई वन-नाइट स्टैंड नहीं होगा। इसको लेकर काफी सख्ती बरती जा रही और टूर्नामेंट से पहले ही सबको बता दिया जाएगा।

मैच के बाद होती हैं पार्टियां
वहीं आमतौर पर देखा गया कि फुटबॉल मैच के बाद खूब पार्टियां होती हैं। इस पर पुलिस सूत्र ने कहा कि इस साल वास्तव में कोई पार्टी नहीं होगी। जिसको जेल जाने से बचना होगा, वो ऐसा नहीं करेगा। इस साल विश्वकप में पहली बार अनिवार्य रूप से सेक्स पर प्रतिबंध है। उन्होंने आगे कहा कि कतर में समलैंगिकता और शादी से पहले सेक्स प्रतिबंधित है। इसके लिए सात साल की सजा का प्रावधान है, जो भी नियम तोड़ेगा उसे सात साल जेल में रहना पड़ेगा।

सिंगल लोगों की टेंशन बढ़ी!
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बहुत से लोग ये सोचकर टूर्नामेंट के बाद पार्टी और सेक्स करेंगे कि ये नियम सिर्फ स्थानीय लोगों पर लागू हैं, लेकिन वो गलतफहमी में हैं। कतर की जमीन पर खड़े हर शख्स पर ये नियम लागू होगा, चाहे वो विदेशी हो या स्थानीय। खिलाड़ियों को भी इसमें कोई रियायत नहीं मिलेगी। वहीं दूसरी ओर इस फैसले के बाद से सिंगल लोगों की टेंशन बढ़ गई है।

भारत का कर रहा था विरोध
आपको बता दें कुछ वक्त पहले नूपुर शर्मा ने पैंगबर मोहम्मद को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद कतर ने भारत का विरोध करना शुरू कर दिया। वहां पर भारत के बॉयकॉट की अपील की गई थी। कुछ भारतीय और पाकिस्तानी मुस्लिमों ने कतर में प्रदर्शन भी किया। जिस पर कतर ने उनको वापस उनके मुल्क भेज दिया।












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