नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के टकराव ने पैदा किए 'तीसरे विश्व युद्ध' जैसे हालात
नई दिल्ली। पिछले कई महीनों से नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच टकराव की स्थिति ने पूरी दुनिया को हैरान करके रख दिया है। एक तरफ नॉर्थ कोरिया है जो अपने हथियारों के जखिरों में लगातार वृद्धी करता हुआ परमाणु बम का परीक्षण करता जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका नित नए नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगाए जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि नॉर्थ कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के लिए हर वो प्रतिबंध नाकाम साबित हो रहा है जो उनके देश पर अमेरिका या विश्व समुदाय ने लगाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोज नॉर्थ कोरिया को खुलेआम चुनौती देकर इस सनकी देश को उकसाने का काम कर रहे हैं। नॉर्थ कोरिया पर अमेरिका के रवैये को लेकर चीन और रूस जैसी महाशक्तियां भी ट्रंप हरकतों से नाराज है। विश्व समुदाय का एक बड़ा हिस्सा शांति से इस समस्या का समाधान चाहता है, लेकिन अमेरिका की मंशा कुछ और ही दिख रही है। यही कारण है कि अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच तनातनी ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

आज के हालात, पिछले 2 विश्व युद्ध की याद दिलाता है
यहां यह समझना जरूरी है कि पिछले दोनों विश्व युद्ध का कारण सिर्फ एक छोटी सी गलती थी। जब ऑस्टिया के राजकुमार और उनकी पत्नी की सेराजोवा में हत्या हो गई तो यह आगे जाकर प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण बनी थी। उस दौरान पूरी दुनिया में हितों के टकराव की स्थिति पैदा होने के कारण प्रथम विश्व युद्ध छिड़ गया था। वहीं, दूसरी तरफ वर्साय संधि के तहत जर्मनी आर्थिक हितों पर प्रतिबंध लगा दिए गए और फिर 1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दुनिया में दूसरा विश्व युद्ध छेड़ दिया। उसी दौरान अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराकर पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।

किम जोंग उन की लादेन से ना करें तुलना
कई बार सुनने में आया है कि अमेरिका, किम जोंग उन का भी वो ही हाल करेगा जो आतंकी ओसामा बिन लादेन का किया था। एक आतंकी और तानाशाह में फर्क में होता है। लादेन के पास कुछ हथियार और हमलावरों के अलावा कुछ नहीं था। वहीं, किम जोंग उन के पास ना सिर्फ हाई टेक्नोलॉजी के हथियारों का जखीरा है, बल्कि परमाणु हथियारों का भी भंडार है। नॉर्थ कोरियाई तानाशाह जिस तरह की हरकतें कर रहा है, उससे साफ दिख रह है कि उसे अपनी जनता से कोई लेना देना नहीं और वो कभी भी हमला बोल सकता है।

नॉर्थ कोरिया युद्ध चाहता है
2006 से लेकर अब तक नॉर्थ कोरिया छह परमाणु परीक्षण कर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से ही नॉर्थ कोरिया ने अपने हथियारों के जखीरों में तेजी से वृद्धी की है। नॉर्थ कोरिया के आज की परिस्थितियों को देखते हुए तीसरे विश्व युद्ध की आहट को नकारा नहीं जा सकता। किम जोंग उन की हरकतों से लग रहा है कि वो खुद युद्ध को आमंत्रित करना चाहता है।

तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो होगा भयंकर नरसंहार
आज के वर्तमान हालात को देखते हुए लगा रहा है कि अमेरिका और नॉर्थ कोरिया में से किसी भी देश ने हमले की पहल की तो विश्व एक बार फिर विश्व युद्ध की ओर बढ़ जाएगा। अगर युद्ध छिड़ा तो इस बार नरसंहार पिछले दोनों विश्व युद्ध की तुलना में कई गुना ज्यादा। इस परमाणु हथियारों के दौर में अंदाज लगाया जा सकता है कि तीसरे युद्ध की विभीषिका क्या होगी।












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