उत्तर कोरिया ने किया अंडरवाटर परमाणु ड्रोन का टेस्ट, किम जोंग के हाथ लगा सुनामी लाने वाला हथियार
किम जोंग उन अपने सैनिकों को पहले ही हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहने का आदेश दे चुके हैं। उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर उकसाने का आरोप लगाया है।

North Korea tests nuclear underwater drone: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के हाथों में समुद्र में सुनामी पैदा करने वाला हथियार लग गया है। उत्तर कोरिया ने दावा किया है, कि उसने पानी के अंदर हमला करने वाले न्यूक्लियर हथियार से लैस ड्रोन का कामयाब परीक्षण कर लिया है। उत्तर कोरिया के सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग उन के नेतृत्व वाले उत्तर कोरिया ने परमाणु सक्षम अंडरवाटर अटैक ड्रोन का परीक्षण किया है, जिसका मकसद पानी के अंदर दुश्मन के इलाकों पर डायरेक्ट हमला करना है।
सुनामी पैदा करने में सक्षम है ड्रोन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पानी के भीतर हमला करने वाला ये ड्रोन एक रेडियोएक्टिव सुनामी उत्पन्न कर सकता है। वहीं, उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षण के दौरान 59 घंटे से ज्यादा समय तक ड्रोन पानी के अंदर 80 से 150 मीटर की गहराई तक पहुंचा और फिर अपने टारगेट पर हमला किया। केसीएनए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी समुद्री तट के पास पानी के अंदर टारगेट पर हमला कर इस न्यूक्लियर अंडरवाटर ड्रोन का कामयाब परीक्षण कर लिया है। उत्तर कोरिया ने अपने ड्रोन सिस्टम का नाम 'Haeil (हैइल) ' रखा है, जिसका मतलब सुनामी होता है और यह पानी के भीतर भीषण धमाका कर सुपर-स्केल रेडियोधर्मी तरंग बनाकर नौसैनिक स्ट्राइकर समूहों और प्रमुख बंदरगाहों को नष्ट कर सकता है। ड्रोन को संचालन के लिए एक सतही जहाज द्वारा खींचा जा सकता है, और इसे किसी भी तट या बंदरगाह पर तैनात किया जा सकता है। हालांकि, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है, कि उत्तर कोरिया ने अपने छोटे हथियारों पर फिट होने वाले परमाणु हथियार विकसित किए हैं या नहीं।

मिसाइलों का परीक्षण करता उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया लगातार मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है और उत्तर कोरियाई स्टेट मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है, कि उत्तर कोरिया ने सामरिक परमाणु हमला मिशनों का अभ्यास किया है। इस बात का दावा पहले दक्षिण कोरिया की तरफ से किया गया था। KCNA के मुताबिक, परीक्षण वारहेड वाली क्रूज मिसाइलों ने 1,500 से 1,800 किमी तक उड़ान भरी है। आपको बता दें, कि उत्तर कोरिया की तरफ से जो ताजा मिसाइल प्रक्षेपण और परीक्षण किए जा रहे हैं, उसका मकसद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर प्रेशर कामय करना है। इस महीने अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेना ने पिछले कुछ सालों के दौरान का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास कोरियाई प्रायद्वीप में किया है, जिसे उत्तर कोरिया ने उकसाने वाली कार्रवाई बताया है और उसके बाद से ही उत्तर कोरिया एक के बाद एक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी जहाज, यूएसएस माकिन भी दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर बुसान में एक नौसैनिक अड्डे पर बुधवार को डॉक किया है, जिसमें 10 F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान थे। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने कहा है, कि सैन्य अभ्यास विशुद्ध रूप से रक्षात्मक हैं।
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कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ा है तनाव
आपको बता दें, कि पिछले हफ्ते अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने यूएस बी-1बी रणनीतिक बमवर्षकों के साथ हवाई और समुद्री अभ्यास किया है। दोनों देशों की नौसेनाएं और समुद्री कोर, बड़े पैमाने पर सांगयोंग उभयचर लैंडिंग अभ्यास शुरू करने के लिए तैयार हैं। यह सैन्य अभ्यास अगले दो हफ्ते, यानि 3 अप्रैल तक चलेगा। जिसको लेकर भी उत्तर कोरिया बौखलाया हुआ है और उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास की कड़ी निंदा की है और कहा है, कि "कोरियाई प्रायद्वीप की सैन्य और राजनीतिक स्थिति को अपरिवर्तनीय रूप से खतरनाक बिंदु पर ले जाया गया है।" उत्तर कोरिया ने लंबे समय से दावा किया है, कि वाशिंगटन और सियोल भविष्य के आक्रमण की तैयारी कर रहे हैं और इसीलिए सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। उत्तर कोरिया दावा करता है, कि ऐसे ही सैन्य अभ्यास के खिलाफ वो अपने हथियारों का परीक्षण कर रहा है।












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