कोरोना वायरस के कारण 1956 के बाद पहली बार नोबेल पुरस्कार समारोह हुआ रद्द
स्वीडन। दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के कारण नोबेल पुरस्कार समारोह 64 साल में पहली बार रद्द किया गया है। यह समारोह परंपरागत रूप से नोबेल सप्ताह के अवसर पर आयोजित होता है, जब प्रतिष्ठित पुरस्कार के विजेताओं को वार्ता और पुरस्कार समारोह के लिए स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आमंत्रित किया जाता है। हालांकि 2020 के लिए नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा की जाएगी। लेकिन इस बार समारोह का आयोजन नहीं होगा। ये समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किया जाता है।
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इससे पहले समारोह को साल 1956 में रद्द किया गया था। उस समय इसके पीछे का कारण सोवियत संघ में हो रहे विरोध प्रदर्शन थे। इससे पहले ये समारोह प्रथम और द्वितिय विश्व युद्ध के समय भी रद्द हुआ था। ये पुरस्कार नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में साल 1901 में शुरू किया गया था और यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है।
स्थानीय अखबर से बातचीत में नोबेल फाउंडेशन के चेयरमैन लार्स हेकेंस्टीन ने कहा, 'दो परेशानियां हैं। आप ज्यादा संख्या में लोगों को एक साथ जमा नहीं कर सकते। और यह अनिश्चित है कि लोग स्वीडन तक यात्रा करना चाहते हैं या नहीं।' इस साल सभी तरह की घोषणाएं nobelprize.org पर लाइव की जाएंगी। फाउंडेशन का कहना है कि आमतौर पर पुरस्कार विजेता पुरस्कार समारोह में स्टॉकहोम के सिटी हॉल में स्वीडिश शाही परिवार और 1300 मेहमानों के साथ भोज के लिए शामिल होते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा।
हेकेंस्टीन ने बताया कि पुरस्कारों (चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र) की घोषणा 5 से 12 अक्टूबर के बीच की जाएगी। आपको बता दें कोरोना वायरस के कारण ज्यादातर लोग एक स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं। क्योंकि इससे वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
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