सुशीला कार्की ब्राह्मण हैं या राजपूत? सामने आ गई पूरी सच्चाई, नेपाल में कितने फीसदी हैं उनकी जाति के लोग?

Sushila Karki Caste: नेपाल की राजनीति इस समय बेहद उथल-पुथल से गुजर रही है। लंबे समय से सत्ता पर काबिज नेताओं को जनता ने खारिज कर दिया है। युवाओं की लहर ने देश की दिशा बदल दी है। Gen Z आंदोलन के दबाव में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हटना पड़ा। इसी माहौल में सुशीला कार्की का अंतरिम प्रधानमंत्री बनना नेपाल के इतिहास में एक नया अध्याय है।

कार्की न सिर्फ पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री हैं, बल्कि उनकी ईमानदार छवि, न्यायपालिका में सख्त फैसले और भारत से जुड़ा पुराना रिश्ता उन्हें खास बनाता है। कार्की का सत्ता तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि अब नेपाल में राजनीति का चेहरा बदल रहा है और महिलाओं के लिए भी नए रास्ते खुल रहे हैं।

Sushila Karki Caste

किस जाति से ताल्लुक रखती हैं सुशीला कार्की?

सुशीला कार्की का जन्म 1952 में झापा जिले में हुआ था। वह छेत्री समुदाय से आती हैं, जो नेपाल के प्रमुख और प्रभावशाली जातीय समूहों में गिना जाता है। लंबे समय से यह समुदाय राजनीति और प्रशासन में सक्रिय रहा है।

Oneindia hindi से बातचीत में नेपाल के एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि वहां छेत्री समुदाय भारत के राजपूत जाति समुदाय से मेल खाता है। यानी की नेपाल के क्षत्रिय समुदाय को छेत्री कहा जाता है और वो कार्की सरनेम लगाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल की कुल आबादी में 16% लोग छेत्री जाति से आते हैं, जो देश में सर्वाधिक है।
ये भी पढ़ें: Gen-Z आंदोलन में जान गंवाने वालों को मिलेगा शहीद का दर्जा, इतने लाख का मिलेगा मुआवजा, PM सुशीला कार्की का ऐलान

सुशीला कार्की का शिक्षा से राजनीति तक का सफर

कार्की ने 1972 में महेंद्र मोरंग कैंपस से पढ़ाई पूरी की और फिर 1975 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर्स किया। भारत में बिताए दिनों ने उनके नजरिए और राजनीतिक समझ को मजबूत बनाया। 2016-17 में कार्की नेपाल की सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रहीं।

इसी दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम फैसले दिए। मंत्री जया प्रकाश गुप्ता को जेल भेजने का आदेश उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान रहा। हालांकि उनके खिलाफ महाभियोग का प्रयास हुआ, लेकिन जनता के समर्थन के चलते यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा।

अंतरिम प्रधानमंत्री बनने की कहानी

12 सितंबर को उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। Gen Z आंदोलन और युवाओं का समर्थन उनके पीछे रहा। सेना ने भी उन्हें मजबूती दी है, जिस वजह से उनका पद और अधिक सुरक्षित माना जा रहा है।

भारत से पुराना रिश्ता

कार्की का भारत से गहरा नाता है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), उत्तर प्रदेश से 1975 में राजनीति विज्ञान (Political Science) में मास्टर्स की डिग्री (M.A.) हासिल की थी। उनका परिवार नेपाल के पहले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बीपी कोइराला से भी जुड़ा रहा। उनकी मां ने नृत्य की शिक्षा बीपी कोइराला की पत्नी सुशीला कोइराला से ली थी। इस तरह भारत से उनका सांस्कृतिक और राजनीतिक रिश्ता लंबे समय से रहा है।
ये भी पढ़ें: Nepal: सुशीला कार्की के सामने सत्ता की 5 सबसे बड़ी परीक्षाएं, विफल रहीं तो फिर भड़क सकता है आंदोलन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+