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राजीव गांधी की कैबिनेट में मंत्री, दो राज्यों के सीएम रहे एनडी तिवारी का विवादों से भी रहा नाता

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    N D Tiwari का 90 साल की उम्र में Death, 3 Times Chief Minister of Uttar Pradesh| वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और फिर बाद में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी का 93 साल की उम्र में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में निधन हो गया है। बता दें कि कांग्रेस नेता एनडी तिवारी काफी दिनों से बीमार चल रहे थे जिसके बाद उनको साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एनडी तिवारी देश के इकलौते ऐसे नेता थे जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री रहे। ऐसे में आइए एक नजर उनकी प्रोफाइल पर डाल लेते हैं।

    एनडी तिवारी की शुरुआती जिंदगी

    एनडी तिवारी की शुरुआती जिंदगी

    एनडी तिवारी की जन्म 18 अक्टूबर, 1925 को नैनीताल के बलूती गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम पूर्णानंद तिवारी था जो कि वन विभाग में अफसर थे। तिवारी हलद्वानी, बरेली, नैनीताल में अलग-अलग स्कूलों से पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही एनडी तिवारी राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े। यहां तक ब्रिटिश विरोधी चिट्ठियां लिखने की वजह से 14 दिसंबर 1942 को गिरफ्तार भी किया गया था। 15 महीने बाद रिहा हुए तो सीधे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी पहुंच गए। वहां से आगे की पढ़ाई शुरू की। 1947 में स्टूंडेट यूनियन के अध्यक्ष बने।

    1952 में पहली बार बने विधायक

    1952 में पहली बार बने विधायक

    आजादी के बाद यूपी में साल 1952 में हुए पहले चुनाव में एनडी तिवारी समाजवादी पार्टी के टिकट पर नैनीताल से विधायक चुने गए। इसके बाद 1957 में एक बार फिर नैनीताल से जीते और विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। इसके बाद साल 1963 में उन्होंने सपा को छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन किया और चुनाव में काशीपुर से विधायक चुने गए और फिर मंत्री भी बने। एनडी तिवारी तीन बार (1976-77, 1985-85, 1988-89) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद साल 2000 में उत्तराखंड के अलग राज्य बन जाने के बाद 2002 से 2007 तक वे वहां मुख्यमंत्री रहे।

    राजीव गांधी की कैबिनेट में विदेश-मंत्री

    राजीव गांधी की कैबिनेट में विदेश-मंत्री

    यूपी में अपनी राजनीतिक छवि बनाने के बाद एनडी तिवारी धीरे-धीरे दिल्ली तक पहुंच गए। 1979 से 1980 के बीच चौधरी चरण सिंह की सरकार में वित्त और संसदीय कार्य मंत्री रहे। 1986 से 1987 के बीच एनडी तिवारी प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कैबिनेट में विदेश-मंत्री रहे। इसलिए इनकी गिनती ताकतवर और दिग्गज नेताओं में भी होती रही है। इसके बाद 2007 से 2009 के बीच वो आंध्र प्रदेश के गवर्नर रहे। लेकिन एक कथित सेक्स स्कैंडल में फंसने की वजह से उनको इस्तीफा देना पड़ा।

    राजभवन में महिलाओं संग लेटने का आरोप

    राजभवन में महिलाओं संग लेटने का आरोप

    एनडी तिवारी के जीवन में कई ऐसे मोड़ आए जब उनकी छवि धुमिल हुई। क्योंकि ABN आंध्र ज्योति चैनल ने एक वीडियो चलाया था जिसमे एनडी तिवारी कथित तौर पर राजभवन में तीन महिलाओं संग लेटे थे। इस घटना की भी जांच पड़ताल हुई। एनडी तिवारी ने भी माफी मांग ली। हालांकि उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की साजिश है। उनको फंसाया गया है। उस दौर में एनडी तिवारी का यह मामला काफी गरमाया हुआ था।

    जैविक पिता होने के मामला

    जैविक पिता होने के मामला

    पहला मामला शांत ही हुआ था कि एक नया मामला सामने आ गए। जिसमें साल 2008 में रोहित शेखर ने पितृ्त्व वाद दायर करते हुए दावा किया कि एनडी तिवारी उनके जैविक पिता है। इसके बाद कोर्ट ने डीएनए टेस्ट करवाया। डीएनए टेस्ट रोहित का दावा सही साबित हुआ और तिवारी रोहित के पिता निकले। इसके बाद साल 2014 में एनडी तिवारी ने रोहित को अपने बेटा मान लिया। 22 मई 2014 को उन्होंने रोहित की मां उज्जवला से शादी भी रचा ली।

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    English summary
    ND Tiwari Profile: Former UP and Uttarakhand CM ND Tiwari who passed away at 93
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