Rohingya Crisis: रोहिंग्या मुसलमानों को वापस लेने के लिए म्यांमार ने रखी शर्त

Posted By: Amit J
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Rohingya crisis: Myanmar ready to take refugees back on a condition | वनइंडिया हिंदी

यंगून। रोहिंग्या मुस्लिम संकट को लेकर म्यांमार और बांग्लादेश सरकार में समझौता हुआ है। म्यांमार और बांग्लादेश सरकार के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में म्यांमार ने रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने कि लिए तैयार हुआ है। इसके अलावा जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की बैठक में म्यांमार के सामाजिक कल्याण मंत्री विन म्यात आय ने कहा, "हमारी अगली प्राथमिकता उन शरणार्थियों को वापस लाना है जो भागकर बांग्लादेश चले गये हैं"।

Rohingya Crisis

म्यांमार ने अपने देश के रोहिंग्या मुसलमानों को वापस लेने के लिए एक मांग भी रखी है। म्यांमार सरकार के अनुसार, उन्हीं लोगों को वापस लिया जा सकता है जो अक्टूबर 2016 से म्यांमार छोड़कर गए हैं। सरकार के अनुसार 1993 प्रोसेस के अंतर्गत ही रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार में प्रवेश कर सकते हैं।

म्यांमार मिल्ट्री द्वारा किए अत्याचार के बाद 5 लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश में पनाह ले चुके हैं। बांग्लादेश में लाखों रोहिंग्याओं को रिफ्यूजी कैंपों में रखा गया है। वहीं, दूसरी तरफ म्यांमार मीडिया ने कहा है कि अभी भी करीब 10,000 रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में प्रवेश करने के लिए सीमा पर खड़े हैं।

म्यांमार सरकार ने भले ही शरणार्थियों को वापस बुलाने का मन बनाया है, लेकिन कई रोहिंग्या मुस्लिम वापस जाने के लिए तैयार नहीं है। एक रोहिंग्या मुस्लिम ने कहा, 'हमारे घर और लोग जला दिए गए, सरकार हमें वहां रुकने लिए पहले जीने का अधिकार दें'

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English summary
Rohingya Crisis - An agreement has been reached between Myanmar and Bangladesh government regarding the Rohingya Muslim crisis. In a meeting between Myanmar and Bangladesh government officials, Myanmar has agreed to withdraw Rohingya refugees.

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