Myanmar Earthquake Update: म्यांमार में एक बार फिर कांपी धरती, 4.6 तीव्रता का आया भूकंप, लगातार आ रहे झटके
Myanmar Earthquake Update: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने रविवार, 30 मार्च को दोपहर 12:38 बजे (आईएसटी) म्यांमार में 4.6 तीव्रता के भूकंप की पुष्टि की। एनसीएस के अनुसार, यह भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिसका केंद्र अक्षांश 22.14 एन और देशांतर 95.88 ई पर स्थित था।
इससे पहले शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल हुए।

Myanmar Earthquake Update: अब तक 14 बार महसूस हुए झटके
शुक्रवार को आए भूकंप के इस झटके को म्यांमार से लेकर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक और चीन के युन्नान प्रांत तक महसूस किए गए। इसके बाद से म्यांमार में अब तक कम से कम 14 झटके दर्ज किए गए हैं, जिनमें 3 से 5 तीव्रता के झटकों के अलावा सबसे शक्तिशाली 6.7 तीव्रता का झटका था, जो मुख्य भूकंप के मात्र 10 मिनट बाद आया।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में मांडले भी शामिल है, जहां 68 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मांडले शहर के करीब 20 मील की दूरी पर 4.9 और 6.7 तीव्रता के दो बड़े झटके भी आए, जिससे भारी नुकसान हुआ।
Myanmar Earthquake Update: रेड अलर्ट पर म्यांमार
CNN के मुताबिक, इस आपदा ने म्यांमार की सैन्य सरकार को अंतर्राष्ट्रीय सहायता मांगने पर मजबूर कर दिया। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने अनुमान लगाया है कि मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है। USGS ने इस भूकंप के लिए "रेड अलर्ट" जारी किया, जो व्यापक क्षति और भारी जनहानि का संकेत देता है। इस आपदा के बाद म्यांमार की सैन्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय राहत एजेंसियां बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं।
Myanmar Earthquake News: भारत ने शुरू किया ऑपरेशन ब्रह्मा
म्यांमार में भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है जिससे वहां के बुनियादी ढ़ांचे को भारी नुकसान हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी अपने मित्र देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा के इस समय में म्यांमार को हर संभव मदद करने का वादा किया है।
भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान शनिवार को 15 टन राहत सामग्री लेकर हिंडन एयरबेस से म्यांमार के यांगून के लिए रवाना हुआ था। भारत की ओर से इस संकट में म्यांमार के लोगों के लिए तत्काल जरूरत की चीजें भेजी गई। भारत की ओर से बेघर हुए लोगों को आश्रय और गर्माहट देने के लिए टेंट और स्लीपिंग बैग भेजे गए। लोगों के खाने-पीने के लिए भोजन सामग्री, वाटर प्यूरीफायर और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए हाइजीन किट भेजी गई जो बीमारियों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
गृह मंत्रालय के प्रवकता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर ट्विट करके बताया कि ऑपरेशन ब्रह्मा कल(शुक्रवार)भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य कर रहा है। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप में यांगून पहुंच गई।












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