Myanmar earthquake: भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमार को भेजी राहत सामग्री, चीन ने भी की मदद
Myanmar earthquake News: म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस भूकंप में 150 लोगों की अब तक जान जाने की खबरें आई हैं। भारत ने म्यांमार को को लगभग 15 टन राहत सामग्री भेजकर मदद की है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदा से उबरने में देश की मदद करने के लिए हर आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
इंडियान एयरफोर्स ने गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन से एक C130J विमान का उपयोग कई आवश्यक आपूर्तियों को ले जाने के लिए किया। इनमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जनरेटर सेट शामिल थे, जिनका उद्देश्य भूकंप के पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करना था।

इसके अलावा इसमें पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज और मूत्र बैग जैसी महत्वपूर्ण दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भी शामिल थे।
चीन ने म्यांमार भेजी रेसक्यू मेडिकल टीम भेजी
वहीं चीन ने भी म्यांमार की सहायता के लिए कदम उठाया है, खोज और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 37 सदस्यीय चीनी रेसक्यू मेडिकल टीम भेजी है। दक्षिण-पश्चिमी चीन में कुनमिंग चांगशुई के हवाई अड्डे से रवाना होने वाली यह टीम आपातकालीन और बचाव उपकरण, भूकंप की पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल उपग्रह साथ लेकर म्यांमार पहुंची है।
चीन के सरकारी सीसीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 37 चीनी बचावकर्मियों की एक टीम आपातकालीन आपूर्ति से लैस होकर म्यांमार पहुंची है, ताकि विनाशकारी घटना के बाद खोज और बचाव प्रयासों में सहायता की जा सके।
दक्षिण-पश्चिमी चीन के कुनमिंग चांगशुई हवाई अड्डे से रवाना हुआ यह समूह न केवल आवश्यक बचाव उपकरणों से लैस है, बल्कि अपने मिशन में सहायता के लिए भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल उपग्रह जैसी उन्नत तकनीक भी साथ लेकर आया है।
बता दें म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद बिजली और संचार नेटवर्क में व्यवधान आ गया है जिसके कारण जीवित बचे लोगों की तलाश चुनौतीपूर्ण है, खासकर मांडले और यांगून के प्रमुख शहरों में। बीबीसी बर्मी सेवा ने भयावह स्थिति के बारे में जानकारी दी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से निवासियों के लिए अपने परिवारों से संपर्क करना या इंटरनेट का उपयोग करना मुश्किल हो गया है।
EAM Dr S Jaishankar tweets, "80-member strong National Disaster Response Force (NDRF) search & rescue team departs for Nay Pyi Taw. They will assist in the rescue operations in Myanmar."#OperationBrahma pic.twitter.com/X6RNBVzdGO
— ANI (@ANI) March 29, 2025
गौरतलब है कि निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत के ढहने से करीब 100 लोग लापता हो गए हैं। इस घटना के कारण बैंकॉक में कम से कम दो इमारतों को खाली कराना पड़ा, साथ ही भूकंप से संबंधित नुकसान के लिए 2,000 अतिरिक्त संरचनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल से हाथ से बाहर निकाला जा रहा है।












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