2030 तक विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत, मोर्गन स्टेनली ने कहा- सही रास्ते पर सरकार
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि आने वाले दशक में भारत में प्रतिव्यक्ति आय 35 हजार अमेरिकी डॉलर वाले परिवारों की संख्या बढ़कर पांच गुना हो जाएगी।
Economy News: भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया की प्रमुख वैश्विक निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने शानदार अनुमान लगाया है और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ये एक बहुत अच्छी खबर है। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है, कि साल 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है और इसके लिए मॉर्गन स्टेनली ने कई प्वाइंट्स के आधार पर अपना अनुमान लगाया है।

मॉर्गन स्टेनली का बड़ा अनुमान
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्यूफैक्चरिंग, एनर्जी ट्रांजिशन का तेजी से विकास हो रहा है और एडवांस डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से देश की आर्थिक व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और ये तमाम बातें भारतीय अर्थव्यवस्था को साल 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में ले जाएंगे। इसके साथ ही मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार के भी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन जाने का अनुमान लगाया है। मॉर्गन स्टेनली ने 'व्हाई दिस इज इंडियाज डिकेड' शीर्षक के नाम से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट पब्लिश की है, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले रुझानों और नीतियों की बात की गई है।

भारत को लेकर पॉजिटिव रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत काफी तेजी से विकास कर रहा है और साल 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि इन सब वजहों से भारत विश्व अर्थव्यवस्था में शक्ति हासिल कर रहा है, और हमारी राय में भारत में जो स्पेशल ट्रांसफॉर्मेशन हो रहे हैं, वो निवेशकों और कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि चार वैश्विक रुझान- जनसांख्यिकी, डिजिटलीकरण, डीकार्बोनाइजेशन और डीग्लोबलाइजेशन, न्यू इंडिया के रूप में कहे जाने वाले चार शानदार पक्ष हैं। इसने कहा कि भारत इस दशक के अंत तक वैश्विक विकास का पांचवां हिस्सा चलाएगा।

प्रति व्यक्ति इनकम में इजाफा
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि आने वाले दशक में भारत में प्रतिव्यक्ति आय 35 हजार अमेरिकी डॉलर वाले परिवारों की संख्या बढ़कर पांच गुना हो जाएगी। यानि, अगले एक दशक में भारत में करीब ढाई करोड़ परिवार होंगे, जिनकी सलाना इनकम 35 हजार डॉलर से ज्यादा होगी। वहीं, मॉर्गन स्टेनली के अनुमान में कहा गया है, कि साल 2031 में भारत की जीडीपी 7.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है। वहीं, साल 2031 तक भारत में प्रतिव्यक्ति इनकम बढ़कर 2278 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 5242 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी। वहीं, आने वाले दशक में भारतीय बाजार में 11 प्रतिशक की उछाल के साथ 10 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी आ जाएगी।

वर्क फ्रॉम इंडिया का होगा विस्तार
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है, कि पिछले दो सालों में भारत में वर्क फ्रॉम इंडिया यानि ऑफसोर वर्क में काफी तेजी से इजाफा हुआ है और पिछले दो वर्षों में भारत में खोले गए वैश्विक इन-हाउस कैप्टिव केंद्रों की संख्या पिछले चार वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। कोविड महामारी के दो सालों में भारत में ऑफसोर वर्क इंडस्ट्री में विस्तार हुआ है और महामारी से पहले ऑफसोर इंडस्ट्री में जहां 43 लाख लोग कार्यरत थे, वो अब बढ़कर 51 लाख तक पहुंच गया और वैश्विक सेवाओं के इस व्यापार में भारत को 60 अंक दिए गये हैं और भारत में ऑफसोर वर्क का प्रतिशत बढ़कर 4.3 तक पहुंच गया है। वहीं, साल 2030 तक भारत में ऑउटसोर्सिंक बिजनेस कारोबार 180 अरब डॉलर से बढ़कर 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

आधार सिस्टम में बदलाव से फायदे
भारत की आधार प्रणाली की कामयाबी के बारे में बात करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि, यह सभी भारतीयों के लिए मूलभूत आईडी है और डिजिटल इंडिया में आधार को अब लेनदेन में भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। वहीं, अब भारत में करीब 130 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड बन चुका है, लिहाजा अब भारत में वित्तीय लेनदेन काफी ज्यादा आसान हो चुका है और निश्चित तौर पर भारत को इसका जबरदस्त फायदा होगा। वहीं, आधार कार्ड की वजह से सरकार के लिए वेलफेयर स्कीम चलाना भी काफी आसान हो चुका है।












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