मधुमक्खियों से हारा सुपरसोनिक फाइटर जेट, नहीं उड़ पाया
वर्जीनिया। भले ही अमरेकी एयरफोर्स का एफ-22 रैप्टर विमान दुनिया का सबसे एडवांस फाइटर जेट है, लेकिन 143 मिलियन डॉलर की कीमत वाला सुपरसोनिक क्षमता से लैस यह विमान मधुमक्खियों के झुंड से हार गया। एफ-22 विमान 11 जून 2016 को सिर्फ इसलिए उड़ान नहीं भर पाया क्योंकि उस पर करीब 20 हजार मधुमक्खियों ने छत्ता बना रखा था। उस समय यह विमान वर्जीनिया के ज्वाइंट बेस लैंग्ले-यूस्टिस में था।

तकनीकी अधिकारी जेफरी बस्किन ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि वह भी और लोगों की तरह यह देखकर चौंक गए थे। वह बोले कि मधुमक्खियों का छत्ता ऐसा लग रहा था मानों हजारों मधुमक्खियों का कोई बादल हो। क्रू के सदस्यों ने उस समय मधुमक्खियों को वहां से यूं ही नहीं हटाया। उन्हें यह एहसास हुआ कि मधुमक्खियां विलुप्त होने की कगार पर हैं।
इसके बाद मधुमक्खी पाने वाले एक शख्स से संपर्क करके उसे बुलाया गया, जो मधुमक्खियों को कई बाल्टियों में भरकर पूरी सुरक्षा के साथ वहां से दूसरी जगह ले गया। मधुमक्खी पालन करने वाले शख्स एंडी वेस्ट्रिच अमेरिकी वायुसेना से रिटायर सैनिक है। वेस्ट्रिच ने कहा कि उसने इससे पहले इतनी सारी मधुमक्खियां एक साथ नहीं देखी थीं।
वेस्ट्रिच कहते हैं कि हर बसंत ऋतु में मधुमक्खियां एक रानी बनाती हैं और वह रानी छत्ते की आधी मक्खियों को अपने साथ लेकर अलग हो जाती है। वेस्ट्रिच ने कहा कि हो सकता है यहां से गुजरने के दौरान रानी मक्खी आराम करने के लिए जेट पर बैठी हो, इसलिए सारी मक्खियों ने यहीं पर छत्ता लगा दिया हो।
आपको बता दें कि मधुमक्खी के छत्ते की सारी मधुमक्खियां वहीं जाती हैं, जहां पर उनकी रानी मक्खी जाती है। वेस्ट्रिच ने कहा कि जैसे ही मधुमक्खियों को यहां से पूरी तरह से हटा लिया जाएगा तो यह जेट विमान फिर से उड़ान भरने लगेगा।












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