Bangladesh President: शहाबुद्दीन चुप्पू होंगे बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति, जानें जज से शीर्ष पद तक का सफर
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू बांग्लादेश के लंबे समय तक राष्ट्रपति रहने वाले मोहम्मद अब्दुल हामिद की जगह ले सकते हैं। मोहम्मद अब्दुल हामिद का का कार्यकाल इसी साल 23 अप्रैल को खत्म हो रहा है।

Image: Twitter
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं। सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग ने उनके समर्थन में संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इसके बाद पार्टी ने उन्हें आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। दरअसल, संसद में विपक्षी पार्टी ने किसी को देश के सर्वोच्च पद के लिए नामित नहीं किया है, ऐसे में चुप्पू का रास्ता साफ हो गया है। अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर ने रविवार को इसकी घोषणा की। मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू 74 साल के हैं और देश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा भी ले चुके हैं।
अब्दुल हामिद की लेंगे जगह
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू बांग्लादेश के लंबे समय तक राष्ट्रपति रहने वाले मोहम्मद अब्दुल हामिद की जगह ले सकते हैं। मोहम्मद अब्दुल हामिद का का कार्यकाल इसी साल 23 अप्रैल को खत्म हो रहा है। मोहम्मद अब्दुल हामिद बीते दो चुनावों में देश के राष्ट्रपति चुने गए थे। इससे पहले मोहम्मद अब्दुल हामिद को 24 अप्रैल, 2018 को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ दिलाई गई थी। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, कोई व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में तीसरा कार्यकाल नहीं रख सकता है।
अवामी लीग की 305 सीटें
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू को राष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुना जाएगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू को सत्ताधारी दल अवामी लीग की ओर से प्रत्याशी घोषित किया गया है, जिसके पास 350 सदस्यीय सदन में कुल 305 सीटें हैं। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव मौजूदा राष्ट्रपति के 5 साल के कार्यकाल के खत्म होने से 90 से 60 दिन पहले होना चाहिए।
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू कौन हैं?
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू का जन्म 1949 में पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के उत्तर-पश्चिमी पबना जिले में हुआ था। चुप्पू 1960 के अंत और 1970 की शुरुआत में अवामी लीग के छात्र और युवा विंग के नेता थे। इसके साथ ही चुप्पू बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम का भी हिस्सा थे और बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर की हत्या के बाद विरोध करने के आरोप में कैद किए गए थे।
न्यायिक सेवा में भी किया काम
मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू को देश की न्यायिक सेवा में 1982 में शामिल किया गया और 1996 में अवामी लीग के लौटने पर बंगबंधु हत्याकांड मामले के कोऑर्डिनेटर के रूप में भी काम किया। वह जिला और सत्र न्यायाधीश के पद से रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद चुप्पू ने स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग के आयुक्तों में से एक के रूप में काम किया, जिसके बाद में वो राजनीति में शामिल हो गए और अवामी लीग सलाहकार काउंसिल के मेंबर बन गए। चुप्पू की पत्नी रेबेका सुल्ताना बांग्लादेश सरकार की पूर्व संयुक्त सचिव हैं।












Click it and Unblock the Notifications