Petrol Diesel Prices: तेल संकट से कांपी दुनिया, लेकिन भारत का सीक्रेट प्लान तैयार, महंगा नहीं होगा पेट्रोल
Isreal Iran War impact on Petrol Diesel Prices: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और कतर के गैस प्लांट बंद हो गए हैं। दुनिया का 31 फीसदी तेल इन्हीं खाड़ी देशों से आता है, इसलिए वहां काम रुकते ही कच्चे तेल की कीमतें 13 फीसदी बढ़कर 82 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।
अगर हालात नहीं सुधरे, तो पेट्रोल-डीजल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं। इस महा-संकट को देखते हुए भारत सरकार ने अपना 'सीक्रेट प्लान' एक्टिव कर दिया है ताकि देश में ईंधन की कमी न हो और महंगाई काबू में रहे।

Middle East Oil Crisis 2026: सऊदी अरामको पर हमला और प्रोडक्शन ठप
दुनिया में सबसे ज्यादा तेल पैदा करने वाले देश सऊदी अरब को बड़ा झटका लगा है। उसकी 'रास तनूरा' रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद काम रोक दिया गया है। यहां हर दिन 5.50 लाख बैरल तेल निकलता था। यह सिर्फ रिफाइनरी नहीं बल्कि एक्सपोर्ट का मुख्य जरिया भी है। सऊदी का काम रुकने का मतलब है पूरी दुनिया की तेल सप्लाई चेन का टूट जाना। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ईरान ने जानबूझकर सऊदी के एनर्जी सिस्टम को निशाना बनाया है।
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Isreal Iran War Update: कतर की गैस सप्लाई बंद, कीमतें 46% बढ़ीं
कतर दुनिया को 20 फीसदी गैस सप्लाई करता है, लेकिन ईरानी हमलों के डर से उसने अपना प्रोडक्शन बंद कर दिया है। कतर की गैस रुकते ही इंटरनेशनल मार्केट में गैस की कीमतें 46 फीसदी तक उछल गई हैं। इससे बिजली बनाना और फैक्ट्रियां चलाना महंगा हो जाएगा। कतर की गैस के सबसे बड़े खरीदार भारत, चीन और यूरोपीय देश हैं। अगर यह बंदी लंबी खिंची, तो दुनिया भर में बिजली और सीएनजी के दाम आसमान छूने लगेंगे।
इजराइल और ईरान में भी काम बंद
जंग के चलते इजराइल ने अपनी सबसे बड़ी गैस फील्ड 'लेविथान' और 'करीश' को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है। हाइफा की बड़ी ऑयल रिफाइनरी में भी कामकाज रुक गया है। दूसरी तरफ ईरान पर हुए हमलों ने वहां के सिस्टम को भी हिला दिया है। जब दो बड़े तेल-गैस उत्पादक देश आपस में लड़ते हैं, तो उसका असर पूरी दुनिया की जेब पर पड़ता है। फिलहाल इन देशों में तेल और गैस का उत्पादन पूरी तरह अनिश्चित है।
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भारत का 'सीक्रेट प्लान' और रूस से मदद
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगवाता है, इसलिए सरकार ने इमरजेंसी प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत भारत रूस से कच्चे तेल का आयात और तेजी से बढ़ाएगा। साथ ही, देश में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो, इसके लिए इनके एक्सपोर्ट पर रोक लगाई जा सकती है। सरकार अपने रिजर्व स्टॉक (Strategic Reserves) का इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रही है ताकि खाड़ी देशों से सप्लाई रुकने पर भी देश चलता रहे।
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पेट्रोल-डीजल के दाम क्या 100 डॉलर पार करेंगे?
बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में सऊदी और कतर में काम शुरू नहीं हुआ, तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल जाएगा। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अचानक बढ़ सकती हैं। तेल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे सब्जी, फल और राशन के दाम भी बढ़ जाएंगे। पूरी दुनिया इस समय दुआ कर रही है कि यह युद्ध जल्द थमे, वरना ग्लोबल मंदी आना तय है।












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