'मैं जिंदा हूं', मरने की अफवाहों के बीच इजरायली PM नेतन्याहू का इंटरव्यू, बताया कैसे करेंगे ईरान को नेस्तनाबूद
Israeli PM Benjamin Netanyahu: मिडिल ईस्ट में तेज होते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर उड़ रही मौत और फरारी की अफवाहों पर अब खुद उन्होंने विराम लगा दिया है। ईरान की ओर से उनके दफ्तर पर हमले के दावे के बाद पहली बार टीवी इंटरव्यू में सामने आए नेतन्याहू ने साफ कहा कि वे सुरक्षित हैं।
ईरान से जंग के बीच दिए अपने पहले इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान से जंग कई साल तक नहीं चलेगा। सैन्य कार्रवाई बहुत जल्द खत्म होने वाली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह जंग सालों तक खिंचने नहीं दी जाएगी और कार्रवाई "तेज और निर्णायक" होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान के साथ वॉर चार-पांच हफ्तों तक होने वाला है।

ईरान का दावा बेंजामिन नेतन्याहू की मौत और अफवाहों की आंधी (IRGC Statement)
2 मार्च को इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि "खैबर शिकन" बैलिस्टिक मिसाइलों की 10वीं लहर में नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायुसेना कमांडर के मुख्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी एजेंसी फारस न्यूज एजेंसी ने भी इसी तरह का दावा प्रकाशित किया।
इजरायली अधिकारियों ने हमले में किसी के घायल होने से इनकार किया, हालांकि नेतन्याहू की लोकेशन को लेकर शुरुआती घंटों में चुप्पी रही। इसी बीच सोशल मीडिया पर यह अफवाह भी चली कि वे जर्मनी भाग गए हैं। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू ने 1 मार्च को तेल अवीव में रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ स्टाफ और मोसाद प्रमुख के साथ बैठक की थी।
'एंडलेस वॉर' नहीं होगी, तेज और निर्णायक कार्रवाई (Benjamin Netanyahu Fox News Interview)
अमेरिकी चैनल Fox News को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, "यह अंतहीन युद्ध नहीं होगा। यह तेज और निर्णायक कार्रवाई होगी।" उन्होंने जोड़ा कि संघर्ष कुछ समय चल सकता है, लेकिन यह वर्षों तक नहीं खिंचेगा।
नेतन्याहू का दावा है कि ईरान नए परमाणु ठिकाने और भूमिगत बंकर बना रहा था, जो कुछ महीनों में उसकी मिसाइल और परमाणु क्षमता को लगभग अछूता बना देते। उनके मुताबिक अगर अभी कार्रवाई न की जाती, तो आगे कोई विकल्प नहीं बचता।
सत्ता परिवर्तन की बात, लेकिन जिम्मेदारी जनता की (Regime Change)
इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ईरान में अंतिम बदलाव वहां की जनता ही करेगी। उनका संकेत साफ था कि इजरायल और अमेरिका ऐसे हालात बना रहे हैं, जिनसे ईरानी नागरिक अपने शासन के खिलाफ खड़े हो सकें। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल लंबा युद्ध नहीं चाहता और ऑपरेशन सीमित अवधि का रहेगा। पृष्ठभूमि में यह भी बताया जा रहा है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित संयुक्त हमले में मौत के बाद तेज हुई है।
सऊदी शांति का रास्ता और ट्रंप की अहम बैठक (White House Meet)
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य रुख सऊदी अरब के साथ संभावित शांति समझौते का रास्ता खोल सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका में भी हलचल है। डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार दोपहर 2 बजे व्हाइट हाउस में वित्त और ऊर्जा सचिवों के साथ बैठक कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान को लेकर आर्थिक और ऊर्जा मोर्चे पर रणनीतिक फैसले हो सकते हैं।
आगे क्या?
मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट की हर गतिविधि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर असर डाल रही है। नेतन्याहू का संदेश साफ है कि इजरायल पीछे हटने वाला नहीं है, लेकिन वह इसे वर्षों तक चलने वाली जंग में भी नहीं बदलना चाहता। सवाल अब यह है कि क्या यह "तेज़ और निर्णायक" अभियान सच में सीमित समय में परिणाम देगा या क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा। फिलहाल, अफवाहों के दौर में एक बात स्पष्ट है कि नेतन्याहू सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी मौजूदगी और रणनीति दोनों का ऐलान कर चुके हैं।












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