पाकिस्तान में भी बदले गए हैं कई जगहों के नाम

पाकिस्तान
Getty Images
पाकिस्तान

भारत में जगहों के नाम बदलने का सिलसिला चल रहा है. हाल ही में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फ़ैज़ाबद ज़िले का नाम अयोध्या कर दिया गया है.

नाम बदलने की यह राजनीतिक परंपरा सिर्फ़ भारत में नहीं है. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी नाम बदलने का चलन रहा है.

पाकिस्तान में नाम बदलने की परंपरा विभाजन के तुरंत बाद ही शुरू हो गई थी.

विभाजन के बाद नए बने इस देश ने ख़ुद को भारतीय विरासत से दूर करने की कोशिश की.

वह अपनी नई पहचान बनाने के प्रयास कर रहा था. ख़ासकर एक मुस्लिम देश की पहचान, जो पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों के बजाय अरब देशों के ज़्यादा क़रीब हो.

पाकिस्तान
Getty Images
पाकिस्तान

कई नाम बदले गए

इसके कई उदाहरण हैं. जैसे लाहौर से 50 किलोमीटर दूर एक छोटा सा शहर है, जिसे भाई फेरू कहा जाता था. यह एक सिख अनुयायी के नाम पर रखा गया था.

कहा जाता है कि सातवें सिख गुरु इस जगह पर आए थे और भाई फेरू की भक्ति देखकर बहुत प्रभावित हुए थे. तब उन्होंने इस जगह का नाम भाई फेरू रख दिया था. मगर, बाद में इसे बदलकर फूल नगर कर दिया गया.

लाहौर में ऐसी कई जगहें हैं जिनके हिंदू या सिख नाम हैं. जैसे एक इलाका है कृष्ण नगर. इसका नाम बदलकर इस्लामपुर रख दिया गया.

भारत में बाबरी म​स्जिद गिराए जाने के बाद जैन मंदिर चौक को बाबरी मस्जिद चौक कर दिया गया. बलूचिस्तान में ''हिंदू बाग'' नाम की जगह ''मुस्लिम बाग'' बन गई.

बाबरी
AFP
बाबरी

बोलचाल मे हैं पुराने नाम

नाम बदलने के बावजूद आम बोलचाल में जगहों के पुराने नाम ही प्रचलित हैं. मगर कई जगहें ऐसी भी हैं, जिनके नाम अभी भी हिंदुओं और सिखों से जुड़े हुए हैं.

जैसे लाहौर में या उसके आसपास दयाल सिंह कॉलेज, गुलाब देवी और गंगा राम हॉस्पिटल हैं. इसी तरह किला गुज्जर सिंह इलाका, लक्ष्मी चौक, संतनगर और कोट राधा किशन अब भी मौजूद हैं.

कराची में गुरु मंदिर चौरंगी, आत्माराम प्रीतमदास रोड, रामचंद्र टेंपल रोड और कुमार स्ट्रीट, बलूचिस्तान में हिंगलाज और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में हरिपुर प्रांत हैं.

पाकिस्तान, लाहौर
Getty Images
पाकिस्तान, लाहौर

दिशा बदल रहा पाकिस्तान

जहां भारत अपने धर्मनिरपेक्ष रास्ते से भटकता हुआ नज़र आ रहा है और 'नया पाकिस्तान' बनता दिख रहा है, वहीं लगता है कि पाकिस्तान सबक ले चुका है. उग्रवाद और नरसंहार के भयावह दौर से गुज़रने के बाद उसने यह सीख ली है.

अब यहां विविधता के लिए स्वीकार्यता बढ़ रही है. हाल के दिनों में पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों का भरोसा जीतने के लिए कई क़दम उठाए गए हैं.

इनमें अल्पसंख्यकों को सेनाऔर राजनीतिक मुख्यधारा में लाना, उनकी धार्मिक विरासत को सुरक्षा देना और धार्मिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना शामिल है.

पाकिस्तान लंबे समय बाद सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+