चीन की गोदी में बैठने वाले मुइज्जू की पार्टी हार गई माले मेयर चुनाव, भारत के खिलाफ जाने पर जनता की चेतावनी?

हाईलाइट्स

  • माले में मेयर चुनाव में मोइज्जू की पार्टी को शिकस्त
  • मोइज्जू राष्ट्रपति चुनाव से पहले थे राजधानी के मेयर
  • राष्ट्रपति बनने के दो महीने के भीतर मुइज्जू को हार
Muizzu party loses key seat

भारत से विवाद के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू को करारा झटका लगा है। मुइज्जू की पार्टी मालदीव की राजधानी माले में हुए मेयर के चुनाव में हार गई है। माले के मेयर पद का चुनाव भारत समर्थक मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी जीत गई है।

एमडीपी पार्टी के नेता एडम अजीम माले के मेयर बन गए हैं। दिलचस्प बात ये है कि पहले मेयर का पद खुद राष्ट्रपति मुइज्जू के पास था। लेकिन मुइज्जू ने 2023 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

44 फीसदी लोगों का मिला समर्थन

शनिवार को हुए मेयर चुनाव में 17,000 से अधिक लोगों ने मतदान किया। एडम अजीम 44 प्रतिशत वोटों के साथ विजयी हुए, उनके निकटतम दावेदार पीपुल्स नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार अजीमा शकूर थे। इस चुनाव में 5 लोग खड़े थे।

भारत समर्थक मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी के एडम अजीम को 7621 वोट मिले, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के ऐशथ अजीमा शकूर से 2590 वोट अधिक थे। 52 वर्षीय एडम अजीम मालदीव नेशनल पार्टी (एमएनपी) के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री मोहम्मद नाज़िम के भाई हैं।

पूर्व राष्ट्रपति सोलेह ने जताई खुशी

चुनाव से पहले अजीम ने दावा किया था कि अगर वह मेयर के रूप में चुने जाते हैं, तो उनकी योजना "पूरे माले शहर को बदलने, इसे एक सुगंधित बगीचे में बदलने" की है। पूर्व राष्ट्रपति और मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के अध्यक्ष इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने चुनाव परिणामों के लेकर खुशी जताई है।

70 फीसदी लोगों ने नकारा

सोलिह ने कहा, "आज के चुनाव से माले के निवासियों ने संदेश दिया है कि सत्ता में आने के लिए इस सरकार द्वारा दिए गए बयान, धोखे, नफरत और झूठ अब उजागर हो गए हैं।" सोलिह ने कहा कि परिणाम बताते हैं कि 70 फीसदी लोगों ने इस सरकार की नीतियों को 'ना' कहा है।

58 दिन बाद ही हार गए माले

सत्ता में आने के दो महीने से भी कम समय के बाद इतनी भारी संख्या में लोगों ने इस सरकार पर अविश्वास जताया है। सोलिह ने कहा कि लोगों ने बिना कारण के नीतियों को अस्वीकार नहीं किया है। बल्कि जनता के सामने अब सत्ताधारी पार्टी के नफरत और झूठ अब उजागर हो गए हैं।

पूर्व विदेश मंत्री ने जताई खुशी

एमडीपी नेता और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा ने कहा कि राजधानी माले के लोगों ने राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू और उनकी नीतियों को उनके पद संभालने के सिर्फ 58 दिन के भीतर स्पष्ट रूप से नकार दिया है।

मेहनत नहीं कर पाई पार्टी

वहीं, सत्तारूढ़ पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के अध्यक्ष अब्दुल रहीम अब्दुल्ला ने कहा है कि आज के मेयर चुनाव में पार्टी की हार का कारण यह है कि वे अभियान के दौरान पर्याप्त मेहनत करने में असमर्थ रहे।

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