मलाला यूसुफजई ने पहली बार अफगानिस्तान पर खोला मुंह, तालिबान को लेकर कही बड़ी बात, मचेगा बवाल
मलाला के बयानों को पाकिस्तान में कुछ खास पसंद नहीं किया जाता है और वो अकसर कट्टरपंथियों के निशाने पर रहती हैं। पिछले दिनों मलाला के शादी वाले बयान पर पाकिस्तान में भारी विरोध-प्रदर्शन किया गया था।
काबुल, अगस्त 25: अफगानिस्तान में वर्तमान हालातों को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने पहली बार मुंह खोला है। इस वक्त जब अफगानिस्तान की बर्बादी के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया जा रहा है और तालिबान ने पूरे करीब-करीब पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, उस वक्त मलाला यूसुफजई ने पहली बार अफगानिस्तान संकट पर अपना मुंह खोला है। मलाला यूसुफजई ने तालिबान को लेकर जो कुछ भी कहा है, माना जा रहा है कि उसके बाद पाकिस्तान में बवाल मचना तय है।

तालिबान पर पहली बार बोली मलाला
नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने मंगलवार को अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए अपनी चिंता जाहिर की है और तालिबान आतंकवादी समूह की जमकर निंदा की है। इतना ही नहीं, मलाला यूसुफजई ने तालिबान को लेकर अपनी निजी पीड़ा का भी इजहार किया है, जो वर्तमान में अफगानिस्तान की सत्ता को चुनी हुई सरकार से छीन चुका है। एक ब्लॉग पोस्ट में मलाला ने कहा कि वह बोस्टन से अफगानिस्तान के घटनाक्रम को करीब से देख रही हैं। आपको बता दें कि अक्टूबर 2012 में स्कूल जाने के दौरान पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों ने मलाला यूसुफजई के ऊपर कई गोलियां चलाई थीं, जिसमे मलाला बुरी तरह से घायल हो गईं थीं। कई दिनों तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा था और उसके बाद उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई के लिए काम करना शुरू कर दिया। फिलहाल, वो कई सालों से पाकिस्तान से बाहर हैं।

महिलाओं से क्रूरता
मलाला यूसुफजई ने अपने ब्लॉग में तालिबानी की सख्त आलोचना की है और उन्होंने कहा है कि ''तालिबान की वजह से अफगानिस्तान की महिलाओं को 'भयानक भाग्य' का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले लगी गोली से वो आज भी उबरने की कोशिश कर रही है और अफगानिस्तान के लोग तो पिछले चार दशकों से गोली खा रहे हैं।'' उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है कि ''मेरा दिल उन लोगों के लिए टूटता है जिनके नाम हम भूल जाएंगे या कभी नहीं जान पाएंगे, जिनकी मदद के लिए और हम क्यों रो रहे हैं, इसका जवाबदेह कोई नहीं होगा।''

''राष्ट्राध्यक्षों से कर रही हूं बात''
मलाला ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि ''मैं अफगानिस्तान के वर्तमान हालात को लेकर अलग अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों को फोन कर रही है, चिट्ठी लिख रही है और उनसे अफगानिस्तान में महिला अधिकारों को लेकर बात कर रही हूं, चिंता जता रही हूं।'' उन्होंने लिखा है कि ''पिछले दो हफ्तों में हमने कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम किया है, लेकिन मुझे पता है कि हम सभी को नहीं बचा सकते हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता ने यह भी कहा कि वह अपने दो अन्य दोस्तों से बात करती हैं, जो उस दिन उनके साथ थी, जब पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादी ने उनके सिर में गोली मार दी थी। उन्होंने कहा कि, उसके सबसे अच्छे दोस्त ने उसे बताया कि उसने आतंकवादियों का 'क्रूर' चेहरा देखा था और उसे आज भी वो आतंकवादी सपने में बुरी तरह डरा देता है।

'तालिबान राज से काफी चिंतिंत'
मलाला ने अपने ब्लॉग में तालिबान राज को लेकर काफी चिंता जताई है। उन्होंने महिलाओं के अधिकार को तालिबान किस तरह से कुचल देते हैं, इसे लेकर व्यापक चिंता जताई है। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है कि, ''1996 से 2001 के बीच पिछले तालिबान शासन के दौरान अफगान महिलाओं को आतंकवादी संगठन के क्रूर शासन का सामना करना पड़ा।'' आपको बता दें कि, काबुल पर कब्जा करने के दो दिनों के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान ने कहा था कि वो इस्लामी कानून के तहत महिलाओं को काम करने की इजाजत देंगे, लेकिन कल तालिबान ने महिलाओं को लेकर नया आदेश निकाला है और कामकाजी महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है।

पाकिस्तान में मलाला पर गुस्सा
आपको बता दें कि मलाला के बयानों को पाकिस्तान में कुछ खास पसंद नहीं किया जाता है और वो अकसर कट्टरपंथियों के निशाने पर रहती हैं। पिछले दिनों मलाला के शादी वाले बयान पर पाकिस्तान में भारी विरोध- प्रदर्शन किया गया था। दरअसल, मलाला यूसुफजई के वोग मैग्जीन फोटोशूट और मैग्जीन के लिए दिए गये इंटरव्यू को लेकर खूब बवाल हुआ था। वोग मैग्जीन को दिए इंटरव्यू के दौरान मलाला यूसुफजई ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी थी। मलाला यूसुफजई ने इंटरव्यू में कहा कि 'उनके माता-पिता ने अरेंज मैरिज की है, लेकिन मैं शादी को इतना जरूरी नहीं मानती हूं। आखिर दो लोगों को साथ रहने के लिए शादी करना ही क्यों जरूरी है। आखिर शादी के कागजों पर सिग्नेचर क्यों करने होते हैं और शादी सिर्फ एक पार्टनरशिप की तरह ही क्यों नहीं रह सकती है।'

मलाला के खिलाफ कट्टरपंथी
शादी को लेकर मलाला के दिए बयान के बाद पाकस्तान के लोग उन्हें एंटी इस्लाम कहा था और लोगों ने आरोप लगाया था कि वो पाकिस्तान के युवाओं को बर्बाद कर रही हैं। वो लंदन में रहते हुए पाकिस्तानी युवाओं को शादी के खिलाफ भड़का रही हैं। पाकिस्तान के कट्टरपंथियों का मानना है कि मलाला के ऊपर पश्चिमी सभ्यता का रंग चढ़ गया है और वो पाकिस्तान के लिए कुछ नहीं कर रही हैं, सिर्फ पश्चिमी देशों के हाथ की कठपूतली बनकर रह गई हैं। ट्विटर पर कुछ लोगों का कहना है कि मलाला यूसुफजई पश्चिमी देशों के बहकावे में आकर पाकिस्तान समाज को खत्म करने की साजिश कर रही है और उनका एजेंडा जल्द ही खत्म हो जाएगा।












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