पंजशीर का 'दुश्मन' बनेगा पाकिस्तान का नया आर्मी चीफ, तालिबान की सरकार बनाने का मिला इनाम?
लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अगले प्रमुख हो सकते हैं, जबकि आईएसआई के वर्तमान प्रमुख फैज हमीद पाकिस्तान के अगले आर्मी चीफ हो सकते हैं।
इस्लामाबाद, अक्टूबर 06: पंजशीर में तबाही मचाने वाले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख फैज हमीद को पाकिस्तानी सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया जा सकता है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फैज हमीद का नाम सबसे आगे है और उन्हें पाकिस्तानी सेना का नया प्रमुख बनाया जा सकता है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को देश का अगला आईएसआई प्रमुख नियुक्त किया जा सकता है।

नदीम अंजुम अगले आईएसआई चीफ!
पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को पाकिस्तान की प्राथमिक खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानि, आईएसआई का नया प्रमुख नियुक्त किए जाने की सबसे अधिक संभावना है। हालांकि, पाकिस्तान के आईएसआई के नए महानिदेशक की नियुक्ति के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की जानी बाकी है। लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम वर्तमान में कराची में पाकिस्तान की वी-कोर के कोर कमांडर के रूप में तैनात हैं। उन्होंने पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स के महानिरीक्षक के रूप में भी काम किया है। लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम की संभावित नियुक्ति उस महत्वपूर्ण समय में हुई है, जब पाकिस्तान अफगानिस्तान में तालिबान शासन की ओर से पैरवी कर रहा है।

फैज हमीद अगले आर्मी चीफ?
पाकिस्तानी मीडिया की खबरों की अगर मानें, तो अगर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम, आईएसआई चीफ फैज हमीद की जगह लेते हैं, तो लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पाकिस्तान सेना प्रमुख के पद के लिए चार दावेदारों में से एक के रूप में उभर सकते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल हमीद को पाकिस्तानी सेना के GOC XI कोर का कॉर्प कमांडर नियुक्त किया गया है और उन्हें पेशावर में तैनात किया जाएगा। इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया कि इससे उन्हें अन्य दावेदारों पर बढ़त मिल सकती है। पिछले महीने ही निवर्तमान आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद ने 'अंतरिम कैबिनेट' की घोषणा से पहले काबुल में तालिबान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी।

बाजवा की जगह फैज हमीद?
XI कॉर्प्स देश के खैबर-पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में तैनात पाकिस्तानी सेना का एकमात्र डिवीजन है। इस डिवीजन की स्थापना 1975 में पाकिस्तान के उत्तरी प्रांतों में प्रशासनिक सैन्य परिचालन इकाइयों का समर्थन करने के लिए की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, सोवियत-अफगान युद्ध में शामिल होने के लिए पाकिस्तानी सेना की XI कोर को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली। जानकार सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि निवर्तमान आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच काफी पसंद किया जाता है और वह अपने प्रोफेशनल अंदाज के लिए जाने जाते हैं। अफगानिस्तान में तालिबान के साथ उनके हालिया जुड़ाव ने जनरल कमर जावेद बाजवा के उत्तराधिकारी बनने की उनकी संभावनाओं को काफी बढ़ा दिया है।

कयानी के रास्ते पर फैज हमीद
लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद का करियर पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ जनरल अशफाक परवेज कयानी के समान हो सकता है, जिन्होंने आईएसआई के महानिदेशक और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख दोनों के रूप में भी काम किया था। चार सितारा जनरल, कयानी 2004 से 2007 तक आईएसआई प्रमुख थे और 2007 से 2013 तक पाकिस्तान के आठवें सेनाध्यक्ष के रूप में काम किया था। भारतीय सेना के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि, "पाकिस्तानी सेना प्रमुख के पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व-आवश्यकताओं में से एक के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के पास एक महत्वपूर्ण कोर डिवीजन की कमान संभालने के लिए एक वर्ष का समय होगा। वहीं, जनरल कमर जावेद बाजवा नवंबर 2022 इस पद पर बने रहेंगे।

तालिबान की सरकार बनाने का इनाम?
कुछ वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकारों ने कहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख जनरल फैज हमीद को अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने का इनाम मिल सकता है। जनरल फैज हमीद ने अफगानिस्तान की सरकार में हक्कानी नेटवर्क को प्रमुख जिम्मेदारी दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी, इसके साथ ही अफगानिस्तान में तालिबान को जीत मिले, इसके लिए भी फैज हमीद ने काफी काम किया था और तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को काफी मदद की थी। हालांकि, पाकिस्तानी सेना के वर्तमान प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और जनरल फैज हमीद एक वक्त काफी करीबी थी, लेकिन अफगानिस्तान युद्ध में बाजवा को क्रेडिट नहीं मिला, जिससे बाजवा काफी नाराज हो गये हैं, बावजूद इसके संभावना है कि फैज हमीद को पाकिस्तानी आर्मी का चीफ बनाया जा सकता है।

पंजशीर का 'कसाई'
आईएसआई चीफ ने तालिबान की मदद के लिए पंजशीर में जिस तरह से बमबारी करवाई थी और लोगों को मारा था, इसके लिए उन्हें अफगानिस्तान में कसाई कहा जा रहा है। अफगानिस्तान के युवा सोशल मीडिया पर फैज हमीद को काफी भला-बुरा कहते हैं और अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति के लिए पाकिस्तान के साथ साथ फैज हमीद को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब फैज हमीद ने तालिबान की सरकार बनवाने के लिए अफगानिस्तान की यात्रा की थी, तो वहां पर उनका काफी विरोध किया गया था। पंजशीर में आईएसआई प्रमुख फैज हमीद के कहने पर ही पाकिस्तानी सेना ने बमबारी की थी और दर्जनों बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसपर ईरान की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी।












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