Emergency सेवाओं की पहल के डिवाइस 'पेजर और वॉकी-टॉकी' का 'विधाता' कौन? कैसे बन रहा हिजबुल्लाह के अंत का पयाम?
Lebanon Hezbollah Explosion News: इजराइल का गुस्सा लेबनान देश में सक्रिय ईरान समर्थित शिया इस्लामी आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह पर कहर बनकर टूट रहा है। एकाएक धमाकों की गूंज से लेबनान में दहशत का माहौल है। पेजर, वॉकी-टॉकी, और सोलर एनर्जी सिस्टम में कई शहरों में हो रहे विस्फोटों ने लेबनान को लहूलुहान कर दिया है।
पिछले 2 दिन में धमाकों के तीन पैटर्न में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3500 से ज्यादा हिजबुल्लाह सदस्य घायल हैं। धमाकों का सिलसिला न जाने कब थमेगा, इजराइल के गुस्से की आग लेबनान में हिजबुल्लाह के अंत का पयाम नजर आ रहा है।

सिलसिलेवार धमाकों ने इजराइल की खुफिया रणनीति और साइबर युद्ध में उसकी प्रगति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। खास बात यह है कि कभी आपातकालीन स्थिति के लिए इंवेंट किए गए पेजर आज इजराइल के एक घातक हथियार के रूप में नजर आ रहे हैं। इजराइल के इस खौफनाक खेल को हकीकत का रूप देने के पीछे 'इजराइल की जासूसी एजेंसी मोसाद और उसके साइबर विशेषज्ञ' हैं। आइए जानते हैं पेजर और वॉकी-टॉकी को इन्वेंट करने के पीछे क्या मकसद था? किसने किया था? हिजबुल्लाह का क्यों सफाया करने में जुटा इजराइल? ....
क्या है हिजबुल्लाह? (What is Hezbollah)
'हिजबुल्लाह' एक ईरान समर्थित शिया इस्लामी आतंकवादी संगठन और राजनीतिक दल है, जो मुख्य रूप से लेबनान में सक्रिय है। इसका गठन 1982 में लेबनान के गृहयुद्ध के दौरान हुआ था। हिजबुल्लाह का मुख्य उद्देश्य इजराइल का विरोध करना और लेबनान में शिया समुदाय का प्रतिनिधित्व करना है। इसका हेड क्वाटर्स दक्षिणी लेबनान में है, और इसे ईरान से धन, हथियार, और प्रशिक्षण मिलता है।
हिजबुल्लाह को अपने शुरूआती दिनों से ही आतंकवादी हमलों, आत्मघाती बम धमाकों, और सैन्य कार्यवाहियों के लिए जाना जाता है। संगठन की क्रूरता के उदाहरणों में 1983 का बेरूत अमेरिकी दूतावास पर हमला और इजराइल के खिलाफ विभिन्न संघर्ष शामिल हैं। इसके अलावा, हिजबुल्लाह ने अपनी राजनीतिक शक्ति को मजबूत कर लेबनान की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हिजबुल्लाह की क्रूरता के पयाम (Hezbollah Cruelty)
हिजबुल्लाह का काम करने का तरीका कई तरह से बेहद क्रूर और हिंसात्मक है। ये संगठन आत्मघाती हमले, बम विस्फोट, और नागरिकों पर हमले करने के लिए बदनाम है। हिजबुल्लाह का प्रमुख मकसद इजरायल को खत्म करना और क्षेत्र में ईरानी प्रभाव को फैलाना है। यह ईरानी क्रांतिकारी गार्ड से हथियार और वित्तीय सहायता प्राप्त करता है, और ईरान इसे अपनी छद्म युद्ध नीति (Proxy Warfare) का हिस्सा मानता है।
कब, किसने और क्यों किया था पेजर का आविष्कार? (Pager Invention)
- वायरलेस दूरसंचार उपकरण पेजर का आविष्कार 1949 में अल ग्रोफ (Al Gross) ने किया था। इसे 1950 के दशक में मेडिकल सेक्टर डॉक्टरों और आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल के लिए लाया गया, ताकि उन्हें तुरंत संदेश भेजे जा सकें।
- खासकर डॉक्टरों और नर्सों को संदेश भेजने के लिए। 1980 और 1990 के दशकों में पेजर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ, लेकिन मोबाइल फोन के आगमन के बाद इसका महत्व कम हो गया।
कैसे करता है पेजर काम?
पेजर एक रेडियो सिग्नल प्राप्त करने वाला उपकरण है। इसमें उपयोगकर्ता को छोटा संदेश, अलर्ट या संकेत भेजा जाता है। जब किसी उपयोगकर्ता को संदेश भेजा जाता है, तो वह पेजर के माध्यम से उसे प्राप्त करता है और संदेश को देख या सुन सकता है।
कब, किसने और क्यों किया था वॉकी-टॉकी का आविष्कार? (Walkie-Talkie Invention)
- वॉकी-टॉकी का आविष्कार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सैन्य संचार को बेहतर बनाने के लिए किया गया था। युद्ध के समय, सैनिकों को आपस में संचार की जरूरत होती थी, और यह उपकरण लंबी दूरी पर बिना किसी तार के संचार करने का एक सरल और पोर्टेबल माध्यम था।
- डॉनाल्ड हिंग्स ने इसे 1937 में मूल रूप से कनाडा की एक खनन कंपनी के लिए एक संचार उपकरण के रूप में डिजाइन किया था, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे सैन्य संचार के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया। इसके आविष्कार का मकसद युद्ध की परिस्थितियों में तेज और सुरक्षित संचार करना था।
यह घटना इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष में एक नया मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि इससे हिजबुल्लाह को बड़ा नुकसान हुआ है, और यह इजरायल की साइबर युद्ध क्षमता का प्रदर्शन भी है।












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