Layoffs 2023: मार्च खत्म हुआ नहीं, 1.5 लाख लोग गंवा चुके अपनी नौकरी, 500 से अधिक टेक कंपनियों में भयंकर छंटनी
IT Layoffs 2023: रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आई अस्थिरता, बढ़ती महंगाई आदि कारणों की वजह से पूरी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में इसका असर कंपनियों और नौकरियों पर पड़ रहा है।

Image: Oneindia
छंटनी का बेहद बुरा दौर जारी है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, ट्विटर, अमेजन, टेक या स्टार्टअप इंडस्ट्री की शायद ही ऐसी कोई बड़ी कंपनी बची है जहां छंटनी नहीं हुई है या फिर वहां छंटनी होने की तैयारी न हो रही हो। ऐसा कहा जा रहा है कि आर्थिक मंदी की आशंका के कारण दुनियाभर में कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 के 3 महीनों के अंदर ही करीब 1.53 लाख कर्मचारियों की छंटनी में नौकरी जा चुकी है।
छंटनी की वजह क्या है?
नौकरियों में अंधाधुंध छंटनियों के पीछे के कारण बताए जा रहे हैं। दरअसल कोरोना काल में कई इंडस्ट्री में नौकरियां गईं, लेकिन लोगों के ऑनलाइन शिफ्ट होने की वजह से टेक इंडस्ट्री में जबरदस्त बूम आया। इस वजह से जरूरत से अधिक हायरिंग भी हुई लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आई अस्थिरता, बढ़ती महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के कारण स्थिति बिगड़ने लगी और ये लगातार बुरी होती जा रही है। कई बैंक धराशाई हो रहे हैं जिसका असर कंपनियों और नौकरियों पर पड़ रहा है।
3 महीने में डेढ़ लाख से अधिक छंटनी
छंटनी के आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट Trueup.io data के मुताबिक साल 2023 में अबतक कुल 534 टेक कंपनियों ने छंटनी का ऐलान किया है। इस कारण कुल 1.53 लाख लोगों ने इस साल नौकरी गंवाई है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जनवरी में ही 1,07,760 लोगों की नौकरी छिनी है। इतना ही नहीं जो लोग छंटनी से बच गए हैं उन्हें सैलरी में कटौती या सैलरी में न बढ़ोतरी की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन कंपनियों में हुई छंटनी
- अमेजन- 27,000
- मेटा(फेसबुक)- 21,000
- एक्सेंचर- 19,000
- एल्फाबेट(गूगल)- 12,000
- डिज्नी- 11,000
- माइक्रोसॉफ्ट- 10,000
- डेल- 6,650
- एरिक्सन- 8,500
- IBM कॉर्प- 3,900
- इंडीड- 2,200
- पेपल- 2,000
- McKinsey- 2,000
- जूम- 1,300












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