मारा गया लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर और आर्मी कैंप आतंकी हमले का मास्टरमाइंड, अज्ञात लोगों ने मारकर लावारिश फेंका
Lashkar-E-Taiba Commander Khwaja Shahid Found Dead: लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और साल 2018 में कश्मीर के सुंजुवान आतंकवादी हमले के पीछे के मास्टरमाइंडों में से एक, ख्वाजा शाहिद अलियास मिया मुजाहिद का लावारिश शव मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने आतंकी ख्वाजा शाहिद का अपहरण कर लिया था और अब उसकी मौत की खबर सामने आई है।
मूल रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की नीलम घाटी के रहने वाले ख्वाजा शाहिद उर्फ मिया मुजाहिद ने फरवरी 2018 में जम्मू में सुंजुवान सेना शिविर पर घातक हमले की योजना बनाई थी। लिहाजा, उसके अपहरण और फिर उसकी मौत ने पाकिस्तानी अधिकारियों के माथे पर बल ला दिया है और रिपोर्ट है, कि पाकिस्तानी अधिकारी ये पता लगाने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं, जो पाकिस्तानी आतकियों को अगवा कर ठिकाने लगा रहा है।

फिलहाल, ख्वाजा शाहिद को किसने अगवा किया था, इसका पता नहीं चल पाया है, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना दोनों के लिए एक चुनौती है। उसके अपहरण के पीछे की रहस्यमय परिस्थितियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को चिंता में डाल दिया है, और वे स्थिति को सुलझाने के प्रयास तेज कर रहे हैं।
सुंजुवान आतंकी हमले के बारे में जानिए
सुंजुवान आतंकी हमला 10 फरवरी 2018 को हुआ था, जब जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने जम्मू के सुंजुवान में एक भारतीय सेना शिविर को निशाना बनाया था, जिसके परिणामस्वरूप इंडियन आर्मी को काफी नुकसान हुआ था। आतंकियों ने एके-47 असॉल्ट राइफलों और ग्रेनेड से लैस होकर आर्मी शिविर पर हमला किया था, जिसमें छह सैनिक, तीन हमलावर और एक नागरिक की मौत हो गई थी।
आतंकी हमले में 14 सैनिकों और पांच महिलाओं और बच्चों सहित 20 अन्य लोग घायल हो गए थे। यह घटना 2016 के उरी हमले के बाद सबसे घातक हमलों में से एक था और यह 2001 के भारतीय संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की मौत की सालगिरह के साथ मेल खाती है।
हमले के दौरान आतंकवादियों को शिविर के भीतर एक आवासीय परिसर में घेर लिया गया था। 24 घंटे से ज्यादा समय तक चलने वाली भीषण लड़ाई में भारतीय सेना के विशेष बलों ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया।
आतंकी हमले में सूबेदार सहित पांच सैनिकों की जान चली गई। जिनके नाम सूबेदार मदन लाल चौधरी, सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर, हवलदार हबीबुल्लाह क़ुरैशी, नायक मंज़ूर अहमद, और लेफ्टिनेंट नायक एनके मोहम्मद इक़बाल शामिल थे।
वहीं, हमलावरों की पहचान कारी मुश्ताक, मोहम्मद खालिद खान और मोहम्मद आदिल के रूप में की गई, जो सभी पाकिस्तानी नागरिक थे। इसके अलावा, ऐसी रिपोर्टें थीं, कि जम्मू में रहने वाले कुछ अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों की संलिप्तता भी आतंकी हमले में हो सकती है और उन्होंने हमले के दौरान आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान की होगी।












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