Langya Henipavirus: चीन से आया एक और विनाशकारी वायरस, क्या हैं लक्षण और बचाव... फौरन समझिए
बीजिंग, 10 अगस्तः दुनिया में कोरोना के बाद एक नए वायरस ने दस्तक दे दी है। इस नए वायरस का नाम जूनोटिक लैंग्या है। बीते 8 अगस्त को चीन में जूनोटिक लैंग्या वायरस के 35 मामलों की पुष्टि की गई। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक नए प्रकार के इस वायरस से चीन के शेडोंग और हेनान प्रांत में लोग संक्रमित पाए गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि 35 रोगियों का एक-दूसरे के साथ कोई संपर्क नहीं मिला है। इसके साथ ही ना ही इन मरीजों के परिवारों और करीबियों में कोई संक्रमित मिला है। आइए बताते हैं कि चीन से निकला ये नया वायरस कितना खतरनाक हो सकता है।
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जानवरों से फैल रहा वायरस
द ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हेनिपावायरस को लैंग्या हेनिपावायरस, एलएवी भी कहा जाता है। इस वायरस को जैव सुरक्षा स्तर पर 4 रोगजनकों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये जानवरों तथा मनुष्यों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। हेनिपावायरस लैंग्या वायरस जानवरों से फैल रहा है। ये वायरस इंसानों को संक्रमित कर सकता है। फिलहाल इस वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई टीका या दवा बन नहीं पाया है।

अलग प्रकार है यह हेनिपावायरस
द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित ए जूनोटिक हेनिपावायरस इन फेब्राइल पेशेंट्स इन चाइना के हालिया रिपोर्ट के मुताबिक यह नया खोजा गया वायरस, फाइलोजेनेटिक रूप से अलग हेनिपावायरस है। इससे पहले जिन हेनिपावायरस की पहचान की गई थी, उनमें हेंड्रा, निपाह, देवदार, मोजियांग और घाना के बैट वायरस शामिल थे। यूएस सीडीसी के मुताबिक सीडर वायरस, घाना के बैट वायरस और मोजियांग वायरस मानव शरीर में नहीं फैलता, लेकिन हेंड्रा और निपाह वायरस इंसानों को संक्रमित करते हैं और घातक बीमारी का कारण बन सकते हैं।

ये हैं लक्षण
इस बीच लैंग्या को बुखार कारण माना जा रहा है। एनईजजेएम की रिपोर्ट के मुताबिक लैंग्या का जीनोम संगठन अन्य हेनिपावायरस के समान है और यह मोजियांग हेनिपावायरस के अधिक करीबी है। लैंग्या की खोज पूर्वी चीन में रोगियों की निगरानी परीक्षण के दौरान की गई थी। 35 मरीजों में से 26 इस नए वायरस संक्रमित पाए गए थे। इन सभी 26 रोगियों को बुखार था। इनमें से 54 फीसदी लोगों तो थकान जबकि 50 फीसदी लोगों को खांसी की समस्या थी। इसके साथ ही 35 फीसदी लोगों ने सिरदर्द और उल्टी की शिकायत की। अध्य्यन में यह भी पाया गया है कि 35 फीसदी लोगों का लीवर खराब था जबकि 8 फीसदी लोगों को गुर्दे में खराबी थी। इसके साथ ही रोगियों में व्हाइट ब्लड सेल की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है।

लैंग्या वायरस कहां से आया है
पूरी संभावना है कि यह नया वायरस किसी जानवर से एक इंसान से आया है। ताइवान के सीडीसी के उप महानिदेशक चुआंग जेन-हिसियांग ने बताया, अभी तक इस वायरस के इंसानों से इंसानों में संचरण के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, अभी यह जांच की जा रही है कि इस वायरस के मनुष्यों के बीच प्रसार की कितनी संभावना है। उन्होंने बताया सीरोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो प्रतिशत बकरियां और पांच प्रतिशत कुत्तों में लैंग्या वायरस की पुष्टि हुई है।

कितना खतरनाक है नया वायरस
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी इस वायरस से किसी की मौत नहीं हुई है। लेकिन ये कितना खतरनाक हो सकता है अभी इस पर रिसर्च चल रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इससे बचाव के उपाय करने जरूरी हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, लैंग्या वायरस जानवरों और मनुष्यों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और इसे जैव सुरक्षा स्तर 4 वायरस के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें मृत्यु दर 40-75 फीसदी के बीच है।












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