अब किर्गीस्तान और ताजिकिस्तान के बीच भी युद्ध की आशंका, दोनों ने सीमा पर भेजे विध्वंसक हथियार
किर्गिज़ राष्ट्रपति सदिर जापरोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली राखमोन दोनों उज़्बेकिस्तान में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
नई दिल्ली, सितंबर 16: यूक्रेन युद्ध पिछले 6 महीने से चल रहा है और पिछले एक हफ्ते से अजरबैजान और आर्मीनिया सीमा संघर्ष में उलझे हुए हैं, जिसमें दोनों देशों के सौ से ज्यादा सैनिक मारे गये हैं और अब किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच भी सीमा विवाद युद्ध की आशंका तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों ने अपने अपने सैनिकों को विध्वंसक और भारी हथियारों के साथ सीमा पर भेज दिया है और दोनों देश एक दूसरे पर उकसाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, दो दिन पहले भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव हुआ था, जिसमें 3 लोगों की मौत हुई थी और 27 घायल हुए थे।

किर्गीस्तान और ताजिकिस्तान में तनाव
किर्गिस्तान की सीमा रक्षक सेवा ने कहा है कि, ताजिक बलों ने शुक्रवार तड़के एक विवादित पहाड़ी सीमा क्षेत्र में ताजिक बलों के साथ टैंकों, बख्तरबंद कर्मियों के वाहक और मोर्टार का उपयोग करके अपनी कई चौकियों पर एक बार फिर से गोलियां चलाईं। बदले में, ताजिकिस्तान ने किर्गिज़ बलों पर एक ही क्षेत्र में "भारी हथियारों" के साथ एक चौकी और सात गांवों पर गोलाबारी करने का आरोप लगाया, जो अपने जिग्सॉ पजल और इथनिक ज्योग्राफी के लिए प्रसिद्ध है। इस जगह को लेकर पिछले साल भी दोनों देशों के बीच संघर्ष हउआ था और दोनों देश करीब करीब युद्ध के करीब पहुंच गये थे और एक बार फिर से युद्ध की आशंका काफी ज्यादा बन गई है।

ताजिकिस्तान ने क्या कहा?
ताजिक शहर इस्फारा में अधिकारियों ने कहा कि, किर्गीस्तान की गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई और तीन घायल हो गए हैं। किर्गिस्तान ने अपने दक्षिणी बटकेन प्रांत में रातोंरात 18 घायल होने की सूचना दी, जो ताजिकिस्तान के उत्तरी सुगद क्षेत्र की सीमा में है और ताजिक एक्सक्लेव, वोरुख, हाल के संघर्षों में एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। बिश्केक सरकार ने कहा कि, किर्गिज़ और ताजिक विदेश मंत्रियों ने इस मामले पर चर्चा की है, लेकिन सीमा रक्षक सेवा ने कहा कि दो युद्धविराम समझौते पहले ही विफल हो चुके हैं। किर्गिज़ सीमा प्रहरियों ने कहा कि, सीमा से सटे किर्गिज़ और ताजिक प्रांतों के राज्यपालों को एक सीमा पार करने के लिए संघर्ष को समाप्त करने के प्रयास में मिलने के लिए निर्धारित किया गया था। वहीं, किर्गिस्तान की राज्य सुरक्षा सेवा ने कहा कि, उसके प्रमुख अपने ताजिक समकक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं और गोलीबारी की तीव्रता कम हो रही है।

एससीओ में मौजूद हैं दोनों राष्ट्रपति
आपको बता दें कि, किर्गिज़ राष्ट्रपति सदिर जापरोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली राखमोन दोनों उज़्बेकिस्तान में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं और गुरुवार को रात्रिभोज के दौरान ली गई तस्वीर में दोनों नेताओं को एससीओ के बाकी नेताओं के साथ देखा गया था। आपको बता दें कि, दो पूर्व सोवियत गणराज्यों के बीच सीमा रेखा को लेकर अकसर विवाद होते रहते हैं, लेकिन आमतौर पर पहले ये विवाद बातचीत से सुलझा लिया जाता था, लेकिन पिछले साल से नौबत युद्ध तक पहुंच जा रही है। ये दोनों देश रूस के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हैं और इन दोनों ही देशों में रूस के सैन्य ठिकाने हैं, लिहाजा रूस ने दोनों ही देशों से शत्रुता खत्म करने का आग्रह किया है। वहीं, रूस के नेतृत्व में बने कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन ने आज कहा है, कि वो दोनों ही देशों की सरकारों के संपर्क में हैं। किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान, दोनों ही इसके सदस्य हैं।












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