पैगंबर पर टिप्पणी के साइड इफेक्ट्स, इस देश में भारतीय सामानों का शुरू हुआ बहिष्कार, स्टोर से हटे सामान
कुवैत से आई ये वीडियो फूटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वहीं, खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार के लिए भी कई आह्वान किए गए हैं।
कुवैत, जून 07: पैगंबर मुहम्मद पर बीजेपी नेताओं द्वारा की गई विवादित टिप्पणी के बाद इस्लामिक देशों से भारत को कड़ी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है और दर्जन भर से ज्यादा इस्लामिक देशों ने आपत्तिजनक बयान पर एतराज जताया है। वहीं, अब कुवैत में भारतीय सामानों का बहिष्कार भी शुरू हो गया है। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि क्या नुपूर शर्मा का बयान भारत पर भाड़ी पड़ेगा?
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कुवैत में भारतीय सामानों का बहिष्कार
अरब न्यूज द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में देखा जा रहा है कि, कुवैत सिटी के एक सुपरस्टोर से भारतीय सामानों को बाहर निकाल दिया गया है। अल अरदिया ऑपरेटिव सोसाइटी के कार्यकर्ता भारतीय चाय और अन्य उत्पादों को अपनी अलमारियों से नीचे लाते हुए और "इस्लामोफोबिक" के रूप में टिप्पणी की निंदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सुपरस्टोर के सीईओ नासिर अल-मुतारी ने कहा कि, ‘हमने पैगंबर के अपमान के कारण भारतीय उत्पादों का बहिष्कार किया। हम, कुवैती मुस्लिम लोग पैगंबर का अपमान स्वीकार नहीं कर सकते हैं'।
कई और देशों में आह्वान
कुवैत से आई ये वीडियो फूटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वहीं, खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार के लिए भी कई आह्वान किए गए हैं, और भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले हैशटैग कई देशों में सोशल मीडिया पर शीर्ष रुझान थे। ये हालात तब हुए हैं, जब कतर, कुवैत और ईरान से भारत के रिश्ते काफी ज्यादा अच्छे रहे हैं और कतर ने भारत के व्यापारिक संबंध काफी घनिष्ठ रहे हैं। लेकिन, इन देशों ने पिछले सप्ताह नुपूर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल द्वारा की गई पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करने के लिए अपने देशों में भारतीय राजदूतों को बुलाया। यह विवाद ऐसे समय में हो रहा है, जब उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए कतर में थे।

अरब देशों में गुस्सा
इसके साथ ही सऊदी अरब, अफगानिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने निलंबित और निष्कासित बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों के खिलाफ बयान जारी किया है। पाकिस्तान तीन अन्य इस्लामी देशों में शामिल हो गया, जिसने भारतीय दूत को अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए बुलाया। वहीं, कुछ मुस्लिम देश ऐसे भी हैं, जिन्होंने भारत को समझाने की कोशिश की, तो कुछ देशों ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत किया है। बहरीन ने नेताओं के खिलाफ एक्शन लेने के लिए मोदी सरकार की तारीफ की है, तो बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने भारत को समझाते हुए कहा कि, किसी की धर्म और किसी की आस्था के खिलाफ ऐसे टिप्पणियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

क्या बोला कुवैत और कतर?
कुवैत ने पैगंबर पर की गई टिप्पणी की निंदी की है। वहां भारत राजदूत सिबी जॉर्ज को तलब किया गया। भारत के राजदूत को सौंपे गए नोट में पैगंबर पर टिप्पणी का विरोध किया गया है। कुवैत भारत में पैगंबर पर टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से खारिज करने की बात कही। वहीं, कतर के विदेश मामलों के मंत्रालय ने भारतीय राजदूत को एक आधिकारिक नोट सौंपा। जिसमें कहा गया कि पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ भारत में सत्ताधरी राजनीतिक दल की ओर की गई टिप्पणी अस्वीकार्य और निंदनीय है। वहीं इसके जवाब में कतर में भारतीय दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि ये बयान किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। ये फ्रिंज तत्वों के विचार हैं।

गल्फ देशों के साथ भारत का व्यापार
दरअसल, अरब देशों का भारत के साथ काफी मजबूत व्यापारिक रिश्ता है और भारत सरकार के लिए ये परेशानी की बात है। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के साथ भारत का व्यापार, जिसमें कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान और यूएई शामिल हैं, 2020-21 में लगभग 90 बिलियन डॉलर का था। इसके साथ ही लाखों भारतीय जीसीसी देशों में रहते हैं और काम करते हैं।












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