'हिजाब' की आग में जल रहा ईरान! अब तक 75 लोगों की गई जान, सुप्रीम लीडर खामेनेई को 'हटाओ' के लगे नारे
पुलिस का आरोप है कि कुर्दिश महिला महसा अमीनी ने हिजाब ठीक ढंग से नहीं पहना था इसलिए उसकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि उसने महिला की पुलिस कस्टडी में मौत को खारिज कर दिया है।
तेहरान, 27 सितंबर : ईरान में हिजाब के खिलाफ सुलगती आग अब भड़क चुकी है। एक अधिकारी समूह ने कहा कि मोरैलिटी पुलिस हिरासत में कुर्द महिला महसा अमीनी की मौत के बाद भड़की हिंसा में अब तक 75 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश में प्रदर्शन से उत्पन्न अशांति के खिलाफ ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया ,जिसमें 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक मौत का आंकड़ा 41 बताया है। इस हिंसक प्रदर्शन में मरने वालों में सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई (supreme leader Ayatollah Ali Khamenei) के तीन दशक से अधिक के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया।

ईरान में हिजाब की आग तेज
ईरान में महसा अमीनी की मौत (Mahsa Amini Death) से उत्पन्न हिजाब मामले की आग दुनिया भर (Iran Protest) में फैलती जा रही है। ईरान समेत विदेशों में इसको लेकर एंटी-हिजाब प्रदर्शन जारी हैं। ईरानी महिलाएं अपने हिजाब जला रही हैं और बाल काट कर विरोध जता रही हैं। वह हिजाब कानून का विरोध कर रही हैं। अमेरिका ने महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन में साथ देने का वादा किया है। बताया जा रहा है कि, महसा को ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि उन्होंने ठीक से हिजाब नहीं पहना था जो देश में महिलाओं के लिए तय ड्रेस कोड के खिलाफ है। वहीं, अमेरिका ने महिला की कथित तौर पर पुलिस कस्टडी में मौत के मामले को लेकर ईरान की मोरैलिटी पुलिस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

1,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तारियां हुईं
अधिकारियों ने कहा कि एंटी हिजाब प्रदर्शन के दौरान 1,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि, महसा अमीनी की मौत के बाद महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर बनाए गए सख्त कानून पर ईरानी महिलाओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने एएफपी को बताया कि तेहरान और अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारी सोमवार की रात फिर से सड़कों पर उतर आए। 16 सितंबर को अमिनी की मौत के बाद से देशव्यापी प्रदर्शन जारी है।

सुप्रीम लीडर को हटाने की मांग
आप सोच नहीं सकते कि हिजाब के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन कितना उग्र होता चला जा रहा है। प्रदर्शन के क्रम में तेहरान की भीड़ ने तानाशाह की मौत के नारे लगाए और 83 साल के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के तीन दशक से अधिक के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया।

प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग
प्रदर्शन के क्रम में ओस्लो स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइटस (आईएचआर) के वीडियो में देखा जा सकता है कि, कथित तौर पर तबरीज शहर में कैसे सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले बरसा रहे हैं और कैसे उन पर बल का प्रयोग करके प्रदर्शन को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रदर्शन में 76 लोगों के मरने की जानकारी
सड़क के स्तर से ऊपर कई मंजिलों से शूट किए गए वीडियो, कथित तौर पर तबरीज़ शहर में, ओस्लो स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) द्वारा प्रकाशित छवियों में लोगों को सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के कनस्तरों की आवाज़ का विरोध करते हुए दिखाया गया है। आईएचआर ने कहा कि ईरान में हुई कार्रवाई में कम से कम 76 लोग मारे गए हैं, जो पिछले 57 लोगों की संख्या से अधिक है।

ईरान पर बढ़ रहा पश्चिमी देशों का दबाव
ईरानी सरकार की इस कार्रवाई की विश्व में निंदा हो रही है। अमेरिका के बाद अन्य पश्चिमी देशों ने इस कार्रवाई की घोर निंदा की है। जर्मनी ने ईरानी राजदूत को बुलाकर फटकार लगाई तो कनाडा ने ईरान पर प्रतिबंधों की घोषणा की। वहीं, यूरोपीय संघ ने भी ईरान के वर्तमान हालात की निंदा की। वहीं तेहरान ने ब्रिटिश औरनॉर्वेजियन दूतों को तलब किया। इस पूरे मामले को लेकर पश्चिमी देशों के साथ ईरान का तनाव बढ़ता दिख रहा है।
((Photo Credit: Twitter & PTI)












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