King Charles III: किंग चार्ल्स का आज होगा राजतिलक, 12वीं सदी की चम्मच से लगाया जाएगा गुप्त तेल...

इस कार्यक्रम में 200 से ज्यादा शाही मेहमान शामिल होंगे, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी जिल बाइडेन और भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी शामिल हैं।

King Charles III coronation

King Charles III coronation: ब्रिटेन को आज अपना नया राजा मिल जाएगा और कुछ घंटों के बाद King Charles III का राजतिलक किया जाएगा। ब्रिटेन में King Charles III के राजतिलक के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं, क्योंकि 70 सालों के बाद ये पल आया है, जब ब्रिटेन को नया राजा मिलने वाला है।

हालांकि, किंग चार्ल्स तृतीय पिछले साल सितंबर महीने में अपनी मां, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद ही यूनाइटेड किंगडम के सम्राट बन गये थे, लेकिन आज उन्हें धूमधाम और गंभीर धार्मिक उत्सवों से भरे समारोह में ताज पहनाया जाएगा। यानि, आज ब्रिटेन के नये सम्राट का राजतिलक किया जाएगा।

हालांकि, यूनाइटेड किंगडम में किए गये कई जनमत संग्रह में अब राजशाही के काफी कमजोर होने की बात पता चलती है, लिहाजा किंग चार्ल्स तृतीय के पास जनता के बीच फिर से अपना प्रभाव बनाने का मौका होगा।

King Charles III coronation

राज्याभिषेक का इतिहास

यूनाइटेड किंगडम में किसी राजा के राज्याभिषेक या सिलसिला करीब एक हजार साल पुराना है और पिछले हजार सालों में ये परंपरा उसी तरह से चली आ रही है। पिछले एक हजार सालों से इंग्लैंड और ब्रिटेन के राजाओं और रानियों को लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में एक भव्य समारोह के दौरान ताज पहनाया जाता है, हालांकि वक्त के साथ इसमें थोड़ा बदलाव आया है।

वेस्टमिंस्टर एब्बे में अभी तक यूके के 38 सम्राटों का राजतिलक किया गया है और ताज पहनाया गया है। ब्रिटेन के राजा का अंतिम राज्याभिषेक 1953 में हुआ था, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का राज्याभिषेक 27 साल की आयु में किया गया था। 1601 के बाद से मई के महीने में सिर्फ एक बार ही राज्याभिषेक हुआ है।

आज किंग चार्ल्स तृतीय को भव्य समारोह में धार्मिक रीति रिवाजों के तहत राज्याभिषेक किया जाएगा और ताज पहनाते वक्त 'ईश्वर सम्राट की रक्षा करें' के नारे लगाए जाएंगे। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज के कार्यक्रम के लिए दुनिया के 100 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को आमंत्रण भेजा गया है और भारत की तरफ से देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

King Charles III coronation

राज्याभिषेक कब और कहां होगा?

इंग्लैंड की राजधानी लंदन में आज दो जुलूस निकाले जाएंगे। एक राजा का जुलूस और एक जुलूस राज्याभिषेक का। रिपोर्ट के मुताबिक, ये कार्यक्राम लंदन की समय के मुताबिक, सुबह 11 बजे शुरू होगा, जब भारत में करीब साढ़े चार बज रहे होंगे।

किंग चार्ल्स तृतीय का जुलूस ब्रिटेन के शाही महल बकिंघम पैलेस से निकलेगा और किंग चार्ल्स तृतीय अपनी पत्नी कैमिला के साथ एक बग्घी में सवार होकर वेस्टमिंस्टर एब्बे के लिए निकलेंगे। ये दूरी करीब 2 किलोमीटर की है, जिसे तय करने में करीब 45 मिनट लगेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक किंग चार्ल्स तृतीय के जुलूस की अगुवाई करेंगे।

राज्याभिषेक के इस कार्यक्रम का खुफिया नाम 'ऑपरेशन गोल्डेन ऑर्ब' रखा गया है

शाही चर्च: वेस्टमिंस्टर एब्बे

वेस्टमिंस्टर एब्बे मूल रूप से एक हजार साल पहले बेनिदिक्तिन मठ के रूप में स्थापित किया गया था। शाही चर्च को 1065 में एडवर्ड द कन्फेसर द्वारा और फिर 1220 और 1272 के बीच फिर से बनाया गया था।

वेस्टमिंस्टर एब्बे का फ्लोर एरिया 32 हजार स्क्वायर फीट का है और इसमें 225 फीट (69 मीटर) की ऊंचाई वाले दो टावर हैं। इस चर्च ने 1997 में राजकुमारी डायना की विदाई सहित प्रतिष्ठित राजकीय शादियों और अंतिम संस्कारों की मेजबानी की है।

King Charles III coronation

राज्याभिषेक के समय क्या होगा?

किंग चार्ल्स तृतीय आज कानून और इंग्लैंड के चर्च को बनाए रखने की शपथ लेंगे। किंग एडवर्ड की कुर्सी के रूप में जानी जाने वाली ऐतिहासिक कोरोनेशन चेयर पर बैठकर और स्टोन ऑफ डेस्टिनी से युक्त, कैंटरबरी के आर्कबिशप द्वारा उनका अभिषेक किया जाएगा।

चार्ल्स को विभिन्न अलंकृत स्वर्ण आभूषण, राजदंड, तलवारें और एक अंगूठी भी भेंट की जाएगी, जो सभी क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा हैं।

आर्चबिशप उसके सिर पर पिछले 350 वर्षों से राज्याभिषेक में उपयोग किए जाने वाले भारी सेंट एडवर्ड क्राउन को रखेंगे। सिर्फ किंग चार्ल्स को ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी कैमिला को भी ताज पहनाया जाएगा।

राज्याभिषेक उसी तरह से होगा, जैसा हम बचपन से सुनते और राजा-महाराजाओं पर बनी फिल्मों में देखते आए हैं। राजतिलक के दौरान किंग चार्ल्स शाही आसन के सामने खड़े होंगे और उनके ऊपर अभिमंत्रित जल छींटा जाएगा। फिर उसके बाद उन्हें शाही लेप लगाया जाएगा और हीरों जवाहरात से बना एक ताज उन्हें पहनाया जाएगा।

King Charles III coronation

ताजपोशी की धार्मिक प्रक्रिया

किंग चार्ल्स तृतीय की ताजपोशी पूरी तरह से धार्मिक प्रक्रियाओं के मुताबिक होगा और कई चरणों में उनका राजतिलक किया जाएगा। ताजपोशी की शुरूआत में किंग चार्ल्स तृतीय 700 साल पुरानी कुर्सी के बगल में खड़े होंगे और कैंटरबरी के आर्कबिशप वहां मौजूद हजारों लोगों के सामने उन्हें पेश करेंगे।

इस दौरान भीष 'ईश्वर सम्राट की रक्षा करें' का नारा बुलंद करेगी और फिर तुरही बजाकर उनके राज्याभिषेक की घोषणा की जाएगी। जिसके बाद उन्हें चर्च ऑफ इंग्लैंड का कायम रखने और सम्राट कानून को बनाए रखने की शपथ दिलवाई जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद किंग चार्ल्स तृतीय को शाही सिंहासन पर बिठाया जाएगा। शाही सिंहासन पर जब किंग विराजमान हो जाएंगे, तो कैंटरबरी के आर्कबिशप किंग चार्ल्स तृतीय के सीने, हाथ और सिर पर पवित्र तेल से राज्याभिषेक करेंगे।

Recommended Video

    Princess Diana और Kate Middleton को देना पड़ा था Fertility Test, जानें वजह | वनइंडिया हिंदी

    पवित्र तेल के बारे में कहा जाता है, कि तेल कैसे बनता है, ये गुप्त बात है। लेकिन, जिस चम्मच से ये तेल किंग के ऊपर छिड़का जाएगा, उसके बारे में कहा जाता है, कि वो चम्मच 12वीं सदी की है।

    तेल का छिड़काव होने के बाद राजा को चारों तरफ से एक कपड़े से घेर लिया जाएगा, ताकि वो किसी को दिखाई ना दें। इसके बाद उन्हें कैंटरबरी के आर्कबिशप शाही गोला सौपेंगे, जो राजा को मिले अधिकारों का प्रतीक है। उसके बाद किंग को सोने से बना राजदंड सौंपा जाएगा, जो राजा को मिली शक्तियों का प्रतीक है, ताकि वो न्याय कर सकें।

    और फिर कैंटरबरी के आर्कबिशप किंग को जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे, जहां जनता अपने राजा का अभिवादन करेगी और अपनी निष्ठा प्रस्तुत करेगी।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+