US Election 2024: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतवंशियों के बीच क्यों नहीं चल रहा कमला हैरिस का जादू?

US Election 2024: जब कमला हैरिस का डेमोक्रेटिक पार्टी की टिकट राष्ट्रपति चुनाव लड़ना तय हुआ, तो दक्षिण एशियाई अमेरिकियों में उत्साह भर गया। उन्होंने उनके पीछे रैली की, उनके अभियान के लिए पर्याप्त धन जुटाया और लेखक सलमान रुश्दी जैसी उल्लेखनीय हस्तियों ने उनका समर्थन किया।

कमला हैरिस वो पहली भारतवंशी नेता बनी हैं, जिन्हें अमेरिका के किसी प्रमुख राजनीतिक दल की तरफ से शीर्ष पद पर चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला हो और अगर वो जीतती हैं, तो राष्ट्रपति बनने वाली अमेरिका की पहली महिला नेता होंगी, जिससे कयास लगाए जा रहे थे, कि कमला हैरिस को भारतीय अमेरिकी समुदाय से महत्वपूर्ण समर्थन मिलेगा।

US Election 2024

लेकिन, कमला हैरिस को यह समर्थन हासिल करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक पर्दे पर काफी कुछ बदली तस्वीर नजर आ रही है। कुछ भारतीय-अमेरिकी उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप की ओर झुके हुए हैं। ट्रंप की टैक्स नीतियां, छोटे व्यवसायों पर उनका ध्यान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके करीबी रिश्ते जैसे फैक्टर्स ने भारतीय समुदाय को ट्रंप की तरफ जोड़ दिया है।

अमेरिका में भारतीय समुदाय का गहरा असर

भारतीय-अमेरिकी, अमेरिका में अब एक महत्वपूर्ण मतदाता समूह बन गए हैं, जिनकी संख्या 1990 के दशक की शुरुआत से दस गुना से ज्यादा बढ़ गई है। AAPI डेटा के मुताबिक, 21 लाख से ज्यादा पात्र भारतीय अमेरिकी मतदाता हैं, जो किसी नेता की जीत और हार में अपना असर डाल सकते हैं। भारतीय समुदाय का प्रभाव, एशियाई अमेरिकी अब देश भर में पात्र मतदाताओं का 6.1% हिस्सा हैं।

हाल ही में हुए मतदान के आंकड़ों से इन बदलावों पर प्रकाश पड़ता है। AAPI डेटा के एक सर्वेक्षण में पाया गया है, कि डेमोक्रेटिक पार्टी को हमेशा से वोट देने वाले भारतीय अमेरिकियों का प्रतिशत 2020 में 54% से घटकर 2024 में 47% हो गया है। इसके विपरीत, इसी अवधि के दौरान रिपब्लिकन के रूप में पहचान करने वाले भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की संख्या 16% से बढ़कर 21% हो गई है। इसके अलावा, भारतीय अमेरिकी मतदाताओं के बीच कमला हैरिस की लोकप्रियता 2022 में 62% से घटकर जुलाई 2024 में 54% हो गई, जैसा कि Nikkei.com ने बताया है।

रिपब्लिकन पार्टी से क्यों गहरा हो रहा लगाव?

दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली और उद्यमी विवेक रामास्वामी जैसे प्रमुख भारतीय अमेरिकी नेताओं को रिपब्लिकन पार्टी में तेजी से उदय ने भारतीय मूल के वोटरों को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ जोड़ा है।

यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा कि "रिपब्लिकन पक्ष में प्रमुख भारतीय-अमेरिकी राजनेता तेजी से बढ़ रहे हैं, और इसलिए, राजनेता एक बदलती जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।"

निक्केई डॉट कॉम ने अर्थशास्त्री अरुण कुमार के हवाले से कहा है, कि "अवैध प्रवासियों से नौकरियां वापस लेने और अमीरों पर टैक्स कम करने के रिपब्लिकन के वादे ने भारतीय अमेरिकी मतदाताओं को काफी आकर्षित किया है, जिनमें से ज्यादातर की औसत इनकम औसत अमेरिकियों की तुलना में काफी ज्यादा है।"

लेटेस्ट अमेरिकी जनगणना डेटा के अनुसार भारतीय अमेरिकियों की औसत घरेलू इनकम 123,700 डॉलर है, जो राष्ट्रीय औसत 63,922 डॉलर से लगभग दोगुनी है।

अमेरिका में हर पांचवें यूनिकॉर्न का CEO भारतीय मूल के निवासी हैं और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव वाले कई प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के CEO भी भारतीय हैं, जिससे भारतीय मूल के मतदाताओं का प्रभाव काफी बढ़ जाता है और वो कई और वर्ग के मतदाताओं पर इस असर का प्रभाव पड़ता है।

भारतीय-अमेरिकियों में गहराता विभाजन

लेकिन, इस बार के चुनाव में भारतीय अमेरिकी समुदाय के भीतर विभाजन ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखने लगा है। ऐतिहासिक रूप से डेमोक्रेट्स की ओर झुकाव के बावजूद, हाल के रुझानों से रिपब्लिकन के प्रति झुकाव बढ़ता हुआ दिखाई देता है। 53 वर्षीय कैलिफोर्नियाई रशीना हुमायूं ने टिप्पणी की, कि "हमारे समुदाय के वोट कभी भी पार्टी लाइनों के आधार पर इतने तेजी से विभाजित नहीं हुए हैं। जबकि मैं डेमोक्रेट्स का समर्थन कर रही हूं, तो मेरे कई साथी और दोस्त जो पहले डेमोक्रेटिक समर्थक थे, अब रिपब्लिकन की ओर झुक रहे हैं।"

इसी तरह, इलिनोइस यूनिवर्सिटी की छात्रा पूजा खेमका ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ग्रीन कार्ड देने के ट्रंप के प्रस्ताव को आकर्षक बताया है। निक्केई डॉट कॉम के हवाले से खेमका ने कहा, कि "भारतीय छात्रों को लगता है, कि भले ही हमारी जड़ें भारत में हैं, लेकिन हमारा भविष्य अमेरिका में है। ग्रीन कार्ड उस भविष्य का टिकट है।"

कमला हैरिस का संभावित प्रभाव

लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, कमला हैरिस की उम्मीदवारी में इस भारतीय-अमेरिकियों को अपनी तरफ खींचने की क्षमता मौजूद है। उनका ऐतिहासिक उदय भारतीय अमेरिकी मतदाताओं के साथ गहराई से जुड़ सकता है जो उनकी विरासत और उपलब्धियों से जुड़ते हैं। मुकेश अघी ने टिप्पणी की, कि "डेमोक्रेटिक टिकट पर उनकी उपस्थिति कई भारतीय अमेरिकी मतदाताओं के लिए भावनात्मक रूप से याद की जाएगी", विशेष रूप से वे जो उनकी विरासत और उपलब्धियों से जुड़ते हैं।

इसके अलावा, कश्मीर जैसे मुद्दों पर कई बार एंटी-इंडिया बयान देने वाली कमला हैरिस को अपनी इस तस्वीर को तोड़ना होगा, जैसा उन्होंने पिछले चार सालों से किया है। उन्हें विश्वास दिलाना होगा, कि अभी भी कहीं ना कहीं भारतीयता उनके अंदर बसा हुआ है।

जैसे-जैसे चुनाव का दिन नजदीक आ रहा है, कमला हैरिस के अभियान को भारतीय अमेरिकी समुदाय से समर्थन हासिल करने और उसे अपने पक्ष में करने के लिए इन जटिल फैक्टर्स को समझना होगा, जो इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण मतदाता समूह बन चुका है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+