कार्गो विमानों को मिसाइल कैरियर्स में बदलेगा.. तेजी से युद्ध की तैयारी क्यों कर रहा जापान, किससे है खतरा?
Japan News: जापान ने माल ढुलाई करने वाले अपने परिपहन कार्गो विमानों को मिसाइल कैरियर्स में बदलने का फैसला किया है और ये काम तेजी से शुरू करने को कहा गया है। जापान जिन कार्गो विमानों को मिसाइश कैरियर्स में बदल रहा है, उन विमानों का इस्तेमाल जापान, अपने दूर-दराज इलाकों में सामानों को पहुंचाने के लिए करता था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और उत्तर कोरिया का मुकाबला करने के लिए जापान ने पारंपरिक, न्यूक्लियर हथियारों को काउंटर करने और अपनी सामरिक क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है, जिसके लिए वो इन कार्गो विमानों का इस्तेमाल करेगा।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद हथियार उत्पादन को बंद कर देने वाले जापान ने पिछले साल पहली बार, अपनी खुद की सेना का निर्माण करने की घोषणा की थी और इसके लिए उसने अगले पांच सालों में 400 अरब डॉलर खर्च करने की योजना तैयार की है। जापान, जो अतीत में विश्व का सबसे खतरनाक हथियार बनाने के लिए कुख्यात था और जापान की हथियार बनाने वाली कंपनियां, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने शुरू कर दिए थे, वो एक बार फिर से हथियार उत्पादन शुरू करने वाले हैं।
जापान पर पूरी दुनिया की निगाहें
वारज़ोन ने इसी महीने रिपोर्ट दी है, कि जापानी रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने जापान की जवाबी हमला करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों से दुश्मनों के ठिकानों पर हमला करने के लिए अपने कावासाकी सी-2 कार्गो जेट को, हवा से लॉन्च की जाने वाली मिसाइलों से लैस करने पर विचार कर रहा है।
जापान अपने दुश्मनों को संदेश देना चाहता है, कि वो शांति के रास्ते पर चल रहा है, इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाए, क्योंकि इस खेल का सबसे पुराना खिलाड़ी वही है।
जापान के पास फिलहाल 13 कार्गो जेट हैं और रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया है, कि कितने कार्गो विमानों को मिसाइल कैरियर्स बनाया जाएगा, लेकिन ये रिपोर्ट पक्का है, कि कार्गो जेट पर कावासाकी सी-2 मिसाइल को तैनात किया जाएगा।
कावासाकी सी-2 काफी खतरनाक मिसाइल है और इस मिसाइल के इंजन को एक्टिवेट होने से पहले ही गिरा दिया जाता है, लिहाजा इस विमान को अपने टागरेट पर हमला करने के लिए काफी वक्त रहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान के मौजूदा विमानों में महत्वपूर्ण बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी।
युद्ध की तैयारी कर रहा है जापान
चीन के साथ साथ उत्तर कोरिया और रूस लगातार जापान पर प्रेशर बना रहा है, लिहाजा अब जापान ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है।
वारज़ोन रिपोर्ट में कहा गया है, कि अमेरिका संबंधित तकनीक विकसित कर रहा है, जिसे रैपिड ड्रैगन एयर-लॉन्च पैलेटाइज्ड म्यूनिशन कॉन्सेप्ट के रूप में जाना जाता है, जिसका पहली बार 2021 में परीक्षण किया गया था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, कि जापान अपने सी-बोर्ड पर रैपिड ड्रैगन या इसी तरह की घरेलू विकसित प्रणाली का C-130 मालवाहक विमान पर उपयोग कर सकता है।
इसके अलावा, जापान के पास घरेलू स्तर पर निर्मित पैलेटाइज़्ड युद्ध सामग्री प्रणाली के लिए कई पेलोड विकल्प हो सकते हैं। एशिया टाइम्स की जून 2023 की एक रिपोर्ट में कहा गया था, कि जापान एक "द्वीप रक्षा एंटी-शिप मिसाइल" विकसित कर रहा है, जिसमें मॉड्यूलर वॉरहेड और 2,000 किलोमीटर की रेंज के साथ एक सीक्रेट टर्बोफैन-ऑपरेशनल डिज़ाइन है।
इस मिसाइल सिस्टम में 3 इन वन क्षमता है, यानि इसके जरिए आकाश से जमीन पर हमला करने के साथ साथ, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) और टोही हथियार से भी हमला किया जा सकता है।
जापान के पैलेटाइज़्ड युद्ध मैटेरियल में कई प्रकार की मिसाइलें शामिल हैं, जो अलग अलग तरह की क्षमता से लैस हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन टोही कैमरे लगे हैं, जो दुश्मनों की पहचान करने के लिए है और दुश्मन के रडार सिस्टम और उसके सेंसर को ध्वस्त करने के लिए इसमें ईडब्ल्यू मिसाइल लगाया गया है और उसके बाद घातक हमला करने के लिए उच्च-विस्फोटक वारहेड के साथ एक मिसाइल को अलग से लगाया गया है।












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