कश्मीर को देख रहे होंगे... PoK में ऑउट ऑफ कंट्रोल हो चुके प्रदर्शन पर एस जयशंकर का आया बयान
S Jaishankar reacts on PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले एक हफ्ते से भीषण विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और हालात कई जगहों पर ऑउट ऑफ कंट्रोल होने लगे हैं। कई जगहों पर कई लोगों के मारे जाने की भी रिपोर्ट है।
वहीं, हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर बोलते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है, कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर "हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा।" हिंसा के बीच एस जयशंकर ने आगे कहा, पीओके के लोग अपनी स्थिति की तुलना जम्मू-कश्मीर से कर रहे होंगे, और कह रहे होंगे, कि केंद्र शासित प्रदेश में काफी प्रगति हुई है।

एस जयशंकर ने पीओके प्रदर्शन पर क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "पीओके में हलचल हो रही है, आप इसे सोशल मीडिया या टेलीविजन पर देख सकते हैं। इसका विश्लेषण बहुत जटिल है, लेकिन निश्चित रूप से, मेरे मन में कोई शक नहीं है, कि पीओके में रहने वाला कोई व्यक्ति अपनी स्थिति की तुलना, जम्मू कश्मीर में रहने वाले किसी व्यक्ति से कर रहा होगा, कि कश्मीर में वास्तव में लोग कितनी तेजी से विकास कर रहे हैं।"
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, कि "वे जानते हैं कि कब्जे में होने, भेदभाव किए जाने, बुरा व्यवहार किए जाने की भावना स्पष्ट रूप से मौजूद है, और ऐसी कोई तुलना उनके दिमाग में है।"
वहीं, यह पूछे जाने पर कि पीओके का भारत में विलय कब होगा, जयशंकर ने पत्रकार के सवाल को सही करने की कोशिश की और दोहराया, कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर हमेशा भारत का हिस्सा था और रहेगा। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता, कि विलय से आपका क्या मतलब है, क्योंकि पीओके भारत का हिस्सा है, और यह हमेशा रहेगा... अगर आप मुझसे पूछें, कि कब्ज़ा कब खत्म होगा, तो मुझे वास्तव में यह बहुत दिलचस्प लगता है।"
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, "जब तक अनुच्छेद 370 मौजूद था, तो वास्तव में हमारे देश में पीओके को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं होती थी। 1990 के दशक में एक समय ऐसा भी आया था, जब उस समय पश्चिमी देशों द्वारा हम पर कुछ दबाव डाला गया था...उस समय...संसद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था।''
"Certain ferment happening in PoK" say EAM Jaishankar pic.twitter.com/yfwpeXIqMm
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 14, 2024
जयशंकर की टिप्पणी तब आई है, जब पीओके में शुक्रवार से हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से बिजली की कीमतें कम करने का अल्टीमेटम दिया है। मंगलवार को, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम तीन लोग मारे गये हैं और 6 लोग घायल हुए हैं। आपको बता दें, कि पीओके की बिजली की सप्लाई पूरे पाकिस्तान में की जाती है और सबसे ज्यादा कीमत पर बिजली पीओके के लोगों को ही दी जाती है। पाकिस्तानी पत्रकारों के मुताबिक, पीओके में बिजली की दरें 20 रुपये से 50 रुपये प्रति यूनिट के बीच होती है।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 'आजादी' के नारे जोर-शोर से गूंज रहे हैं, और पीओके की गलियों में भारत के साथ विलय की मांग वाले पोस्टर लगे हुए हैं। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद कम से कम एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा के कारण पीओके के मुजफ्फराबाद और रावलकोट में कारोबार बंद रहने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।












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