Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान डिपोर्ट की गई रक्षंदा राशिद को लाना होगा वापस, कोर्ट ने दिया चौंकाने वाला फैसला

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान भेजी गई महिला को वापस लाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने को कहा है ताकि महिला को उसके घर और परिवार के पास सुरक्षित वापस लाया जा सके। इस निर्णय से मानवाधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्या है पूरी खबर जानिए विस्तार से।

महिला को क्यों भेजा था पाकिस्तान?

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान भेजी गई महिला को वापस लाने का दिया आदेश
जज ने पाकिस्तान से एक महिला को भारत वापस आने का आदेश दिया। जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 63 वर्षीय महिला को पाकिस्तान से वापस भारत लाने का निर्देश दिया है। इस महिला को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान भेज दिया गया था।

kashmir

कोर्ट ने क्या कहा?

6 जून को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायलय ने मानवता के पक्ष में फ़ैसला सुनाया। पाकिस्तान की याचिकाकर्ता पिछले 38 वर्षों से अपने पति और दो बच्चों के साथ जम्मू में रह रही थी। इस को मद्देनज़र रखते हुए न्यायाधीश ने केंद्रीय गृह सचिव को 63 वर्षीय एक गृहिणी को भारत वापस भेजने का आदेश दिया है। जस्टिस राहुल भारती ने रक्षंदा राशिद नामक महिला की ओर से उसकी बेटी फलक जहूर के माध्यम से दायर एक रिट याचिका में यह निर्देश पारित किया की रक्षंदा को वापस भारत आना होगा। याचिकाकर्ता के पति शेख जहूर अहमद ने न्यायालय को यह भी बताया कि पाकिस्तान में रक्षंदा राशिद की देखभाल और संरक्षण के लिए कोई भी नहीं है और वह कई बीमारियों से पीड़ित भी है। हाईकोर्ट ने आदेश की दिनांक (6 जून) से दस दिनों के भीतर अनुपालन का निर्देश दिया और अनुपालन रिपोर्ट के लिए इस मामले को 1 जुलाई तक के लिए टाल दिया।

जज ने लगाई फटकार

जस्टिस राहुल भारती ने आगे कहा मानवाधिकार मानव जीवन का सबसे जरूरी पहलू है। इसलिए ऐसे अवसर आते हैं, जब संवैधानिक न्यायालय को किसी मामले के गुण-दोषों के बावजूद एसओएस जैसी भावना के साथ आना चाहिए, जिस पर केवल समय रहते ही निर्णय लिया जा सकता है। इसलिए यह न्यायालय भारत सरकार के गृह मंत्रालय को याचिकाकर्ता को उसके निर्वासन से वापस लाने का निर्देश दे रहा है।

बाकी लोगों की जागी उम्मीद

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पहलगाम हमले के बाद निर्वासित हुए लोगों में सकरात्मक और घर वापसी के संकेत मिल रहे है। ऐसे में लोगों के मन में कुछ सवाल भी हैं कि क्या सभी लोगों की घर वापसी मुमकिन है? क्या न्यायलय के आगे सरकार का फैसला कम आंका जाने लगेगा? क्या सभी के लिए बॉर्डर खोल दिए जाएंगे, यह तो वक़्त ही बताएगा?

क्या सरकार को इस मामले पर कानून बनाने की जरूरत है?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+