वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के मेमोरियल पर लोगों के सेल्फी क्रेज से नाराज पीड़ित
न्यूयॉर्क। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए 11 आतंकी हमलों ने आतंकवाद का एक ऐसा चेहरा दुनिया के सामने रखा था जिसके बारे में कभी लोगों ने सोचा भी नहीं था। इन हमलों के 15 वर्ष पूरे होने वााले हैं लेकिन आज तक लोगो के जेहन में आतंकवाद की वह डरावनी तस्वीर मौजूद है।

हर समय सेल्फी की होड़
न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर इन हमलों में होने वाली तबाही का सबसे बड़ा सूबूत हैं। न्यूयॉर्क स्थित ट्विन टॉवर पर हुए हमलों में 2,600 लोगों की मौत हो गई थी। आज उसी जगह पर एक मेमोरियल बना हुआ है।
यह मेमोरियल दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। आज इस मेमोरियल पर सेल्फी के लिए लोगों की भीड़ लगती है।
23 मिलियन लोगों ने देखा मेमोरियल
15 वर्ष बाद बदली टेक्नोलॉजी ने इसे देखने का नजरिया भी बदल दिया है। सेल्फी स्टिक्स, कैमरा और स्मार्ट फोन के साथ यहां पर पर्यटकों की भीड़ आपको हमेशा देखने को मिलेगी। इस मेमोरियल को पांच वर्ष पहले लोगों के लिए खोला गया है। अब तक करीब 23 मिलियन लोग यहां आ चुके हैं।
मारे गए लोगों का अपमान करते पर्यटक
कुछ लोगों के लिए जहां उनके न्यूयॉर्क घूमने का हिस्सा होता है तो कुछ लोगों के लिए अपने लोगों को याद करने का जरिया। रोसाने ह्यूज जिन्होंने अपने पति को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में खो दिया था, वह यहां पर सेल्फी लेने वाले लोगों से काफी नाराज हैं।
वह कहती हैं कि सेल्फी लेकर लोग उन तमाम लोगों का अपमान करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवा दी थी। उन्हें आज तक समझ नहीं आता है कि लोग यहां पर कैमरे के आगे मुस्कुराते हुए फोटो कैसे खिंचवा सकते हैं।
700 मिलियन डॉलर का खर्च
- इस मेमोरियल के निर्माण में 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा का खर्च आया था।
- इस मेमोरियल में दो झरनों के साथ दो पूल बने हुए हैं।
- एक एकड़ के इलाके में फैले इस मेमोरियल के पूल ट्विन टॉवर की नींव पर ही हैं।
- इस मेमोरियल पर उन सभी लोगों के नाम दर्ज हैं जिनकी मौत वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमलों में हो गई थी।
- यहां पर हर वक्त एक सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहता है जो बच्चों को इस पर दर्ज नामों पर बैठने से रोकता है।












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