इजरायल ने ईरान को दी धमकी, कहा- तुम्हारा वक्त अब खत्म हुआ, जानिए विवाद का भारत से क्या है कनेक्शन
इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने ईरान को धमकी दे डाली है। बेनेट ने कहा कि ईरान को अपरोक्ष युद्ध छेड़ने और परदे के पीछे से हमलों के लिए उकसाने की सजा दी जाएगी।
तेलअवीव, 30 मईः रूस और युक्रेन के मध्य शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रही है वहीं दूसरी और इजराइल और ईरान के बीच भी तनाव बढ़ता जा रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने ईरान को धमकी दे डाली है। बेनेट ने कहा कि ईरान को अपरोक्ष युद्ध छेड़ने और परदे के पीछे से हमलों के लिए उकसाने की सजा दी जाएगी।

आंतक की कीमत चुकाएगा ईरान
इजरायल के पीएम बेनेट ने कहा कि दशकों से ईरानी शासन परदे के पीछे से अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इजराइल में आतंकवाद फैला रहा है। इस गुट का अगुआ ईरान ने हमेशा से संरक्षण का लुत्फ उठाया है। लेकिन अब इस देश के संरक्षण का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो लोग आतंकवाद को फंडिंग दे रहे हैं, जो आतंकवादी हैं और जो आतंकी भेज रहे हैं, उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी। बेनेट का यह बयान तेहरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कर्नल हसन सैय्यद खोडाई की हत्या के एक हफ्ते बाद आया है।

ईरानी अफसर की हुई थी हत्या
ईरान की राजधानी तेहरान में 22 मई को रिवोल्यूशनरी गार्ड के अफसर हसन सैय्यद खोदैई की बीच सड़क पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। खोदैई को 'धर्मस्थलों का रक्षक' कहा जाता था। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना को मोसाद ने अंजाम दिया था। इजरायल के एक अधिकारी ने अमेरिकी अधिकारी को बताया कि इस हत्या के लिए इजरायल की खूफिया एजेंसी मोसाद जिम्मेदार है। वहीं ईरान ने भी दावा किया था कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने इस हमले को अंजाम दिया है, क्योंकि हत्या के तौर-तरीके उसके पिछले टारगेट्स से मेल खाते थे।

दिल्ली में हुए हमले का लिया बदला
दरअसल भारत की राजधानी दिल्ली में साल 2012 में इजरायल के राजनयिक पर एक हमला हुआ था। उस समय पता चला था कि इस हमले में ईरान की कुद्स फोर्स का हाथ है। इजरायल का मानना था कि इस हमले की पूरी योजना रिवोल्यूशनरी गार्ड के अफसर हसन सैय्यद खोदैई ने बनाई है। इस बात का जिक्र वहां की स्थानीय मीडिया में भी हुई थी। इजरायल की खूफिया एजेंसी ने पूरे दस साल बाद इसका बदला ले लिया। खोदई को उसके घर के बाहर पांच गोलियां दागकर हत्या कर दी गई।

ईरान ने बदला लेने की खाई कसम
खोदैई को गोली मारने के बाद, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजराइली इंटेलिजेंस सर्विस नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनके बारे में उसका मानना था कि उन्होंने ईरान में हमले किए थे। हत्या का बदला लेने की कसम लेते हुए, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रसी ने खोदैई को कुद्स फोर्स का 'शहीद' बताया, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की फॉरेन ऑपरेशन शाखा है। नवंबर 2020 में शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह के बाद ईरान में यह सबसे हाई प्रोफाइल मामला था। इससे पहले फखरीजादेह को मोसाद ने ऐसे ही ठिकाने लगाया था।

कुद्स फोर्स क्या काम करती है
कर्नल हसन सईद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जरिए विदेश में ऑपरेशन को अंजाम देने वाली शाखा को कमांड करते थे। कुद्स फोर्स को ईरान की सबसे ताकतवर और अमीर फौज माना जाता है। कुद्स फोर्स सिर्फ ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है। इस फोर्स का काम विदेश में दुश्मनों के खिलाफ ऑपरेशन और अपने समर्थकों को हथियार रसद उपलब्ध कराना है। बतादें कि अमेरिका ने ईरान के कुद्स फोर्स को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है।












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