इजराइली सेना ने PM नेतन्याहू को बताए बिना किया 'टेक्टिकल युद्धविराम' का ऐलान, इजराइल में कोहराम, जानिए क्यों?
Israel-Hamas War: इजरायली सेना पर आरोप लगा है, कि उसने बिना प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बताए गाजा पट्टी में टेक्टिकल युद्धविराम का ऐलान कर दिया है, जिसका मकसद गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचने देना है।
इजराइली सेना ने रविवार को घोषणा की है, कि वह सहायता पहुंचाने में सुविधा के लिए दिन के समय दक्षिणी गाजा पट्टी के एक हिस्से में "सैन्य गतिविधि का सामरिक विराम" लागू करेगी।

इजराइली सेना की घोषणा क्या है?
इजराइली सेना ने एक बयान में कहा है, कि "मानवीय मदद के लिए सैन्य गतिविधियों को हर दिन सुबह 8 बजे से से शाम 7 बजे तक केरेम शालोम क्रॉसिंग से सलाह अल-दीन रोड और फिर उत्तर की ओर जाने वाली सड़क पर आगे की सूचना तक लागू रहेगा।" इजराइली सेना ने कहा है, कि यह फैसला, संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों के साथ चर्चा के बाद "गाजा पट्टी में मानवीय सहायता की मात्रा बढ़ाने" की कोशिशों के तहत लिया गया है।
इजराइल ने केरेम शालोम क्रॉसिंग के माध्यम से सहायता वितरण को सुविधाजनक बनाने के अपने प्रयासों का लंबे समय से बचाव किया है, लेकिन मानवीय समूहों ने महीनों से घिरे हुए फिलिस्तीनी क्षेत्र में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी के बारे में चेतावनी दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है, कि गाजा में पांच साल से कम उम्र के 8,000 से ज्यादा बच्चों का गंभीर कुपोषण के लिए इलाज किया गया है। कहा गया है, कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को दूध जैसी काफी बुनियादी चीजें नहीं मिल पा रही हैं, जिसकी वजह से वो भूख से छटपटाने लगे हैं और उनके परिजन कोई व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जो बेबसी और बेचारगी की सारी हदों को पार कर रहा है।
मदद पहुंचाने वाले संगठनों का कहना है, कि अगर हालात ऐसे बने रहे, तो पांच साल से कम उम्र के बच्चों की भूख से छटपटाकर मौत होनी शुरू हो जाएगी।
जिसकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थ, इजरायल और हमास पर दबाव डाल रहे हैं, कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की तरफ से जो तीन चरणों का स्थायी युद्धविराम प्रस्ताव है, उसे फौरन माने और मानवीय त्रासदी को रोके। बाइडेन ने जो प्रस्ताव पेश किया है, वो तीन चरणों का है, जिसमें पहला चरण फौरन युद्ध को रोकते हुए हर दिन गाजा में 600 ट्रकों को मानवीय सहायता लेकर भेजना है।
लेकिन, अभी तक इजराइल और हमास युद्धविराम समझौते को लेकर सहमत नहीं हुए हैं।
वर्ल्ड फुड प्रोग्राम के कार्यकारी उपनिदेशक कार्ल स्काउ ने हाल ही में कहा है, कि "क्षेत्र में अराजकता... और सक्रिय संघर्ष के कारण" "जमीन पर बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए सहायता का स्तर प्रदान करना लगभग असंभव हो गया है।"

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को जानकारी नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि इजराइली सेना ने जो युद्धविराम की घोषणा की है, देश के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जिसके बाद इजराइली सेना ने मामले को स्पष्ट करते हुए कहा, कि राफा में लड़ाई वास्तव में जारी रहेगी और जिस क्षेत्र पर युद्धविराम लागू होता है, वह केवल एक विशेष रूप से छोटा मार्ग है।
लेकिन, प्रधानमंत्री को बिना बताए युद्धविराम की घोषणा ने इजराइल की राजनीति में भूचाल ला दिया है और ऐसा माना जा रहा है, कि इजराइली सरकार के मंत्रिमंडल में मतभेद काफी गहरा हो गया है। बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को समर्थन देने वाली अतिकट्टर पार्टियों ने धमकी दे रखी है, कि इजराइल सरकार को जो बाइडेन का युद्धविराम का प्रस्ताव नहीं मानना चाहिए।
वहीं, एक सर्वेक्षण में कहा गया है, कि करीब 70 प्रतिशत इजराइली नहीं चाहते हैं, कि गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाई जाए। जिसको लेकर इजराइल के सुरक्षा मंत्री बेन-ग्वीर ने अपनी पुलिस को निर्देश दिया है, कि वे गाजा में जाने वाले काफिलों पर हमला करने वाले इजराइली प्रदर्शनकारियों को न रोकें।
टेक्टिकल युद्धविराम क्या है?
गाजा को लेकर इजराइली सेना के टेक्टिकल युद्धविराम का मतलब ये है, कि पूरी तरह से युद्ध को रोका नहीं गया है, बल्कि दिन में कुछ घंटों के लिए युद्ध नहीं होंगे, लेकिन बाकी समय युद्ध जारी रहेगा। लेकिन, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री नेतन्याहू को इस विराम के बारे में जानकारी न होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट नहीं है, कि मानवीय मार्ग पर सहमति बनी थी या नहीं और यदि ऐसा है, तो यह गाजा के बाकी हिस्सों में सहायता पहुंचाने में कैसे काम करेगा?
इजराइल के दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेज़ेलेल स्मोट्रिच ने अपने सहयोगी रक्षा मंत्री बेन-ग्वीर के साथ मिलकर, दक्षिणी गाजा में मानवीय सहायता गलियारे को लेकर सेना की तरफ से घोषित "रणनीतिक विराम" की आलोचना की है।
एक्स पर एक पोस्ट में, स्मोट्रिच ने दावा किया, कि गाजा में आने वाली मानवीय सहायता सिर्फ हमास को पहुंचाई जा रही है, जिससे युद्ध लंबा खिंच रहा है। उन्होंने कहा, कि मानवीय सहायता के लिए "रणनीतिक विराम" की सेना की घोषणा से पता चलता है, कि यह इजराइल की 'जीत' पर अंतर्राष्ट्रीय वैधता को गलत तरीके से थोपा जा रहा है।
स्मोत्रिच ने कहा कि युद्ध जीतने का एकमात्र तरीका गाजा पर कब्जा करना और हमास को जड़ से उखाड़ फेंकने तक एक गाजा में एक अस्थायी सैन्य सरकार लागू करना है।
दूसरी तरफ, हमास के नेता इस्माइल हनीयेह ने कहा है, कि इजराइली सेना का युद्धविराम का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्ध विराम प्रस्ताव के मूलभूत सिद्धांतों के मुताबिक है। ईद के दिन टेलीविज़न पर दिए गए संबोधन में हनीयेह ने यह भी कहा, कि हमास एक ऐसे समझौते को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जो स्थायी युद्ध विराम, गाजा से इजरायल की पूरी वापसी, पुनर्निर्माण और कैदियों की अदला-बदली समझौते की गारंटी देता है।












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