इजराइल पर कल हमला कर सकता है ईरान, कितनी खतरनाक हो सकती है जंग, दोनों देशों की सैन्य ताकत जानिए
Israel vs Iran Military Power: पिछले हफ़्ते ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई, जहां वे तेहरान में राष्ट्रपति पद के उद्घाटन समारोह में शामिल होने गए थे। ईरान ने इस हत्या के लिए इजराइल पर आरोप लगाए हैं और अमेरिका और इजराइली अधिकारियों का कहना है, कि कल सुबह में ईरान की तरफ से इजराइल पर हमला हो सकता है।
इस्माइल हानिया की हत्या के दो दिनों के बाद इजराइल ने घोषणा की, कि जुलाई में एक हमले के दौरान उनकी सेना ने हमास के सैन्य विंग के प्रमुख मोहम्मद डेफ को भी मार गिराया था। और फिर, 30 जुलाई को, इजराइली सेना ने कहा, कि उसने बेरूत में एक "सटीक हमला" किया, जिसमें हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर फुआद शुकर की मौत हो गई।

यानि, पिछले एक हफ्ते में इजराइल ने हमास और ईरान को एक के बाद एक बड़े झटके दिए हैं, जिससे ईरान बौखला गया है और एक बड़े युद्ध की आशंका मंडरा रही है। ऐसे में अगर कल सुबह वास्तव में इजराइल पर हमला करता है, तो फिर इस बार ये एक बड़े जंग की तरफ मुड़ सकता है। ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका ने अपना एक एयरक्राफ्ट कैरियर, युद्धपोत और फाइटर जेट स्क्वॉर्डन को मिडिल ईस्ट में भेज दिया है।
ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है, कि अगर इजराइल और ईरान में युद्ध शुरू होता है, तो फिर किसकी सैन्य क्षमता कितनी है?
इजराइल बनाम ईरान, किसके पास कितनी सैन्य क्षमता?
- ग्लोबल फायर पॉवर इंडेक्स की साल 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की कुल जनसंख्या 8 करोड़ 75 लाख 90 हजार के करीब है। जबकि, इजराइल की जनसंख्या 90 लाख 50 हजार के करीब है।
- ईरान के पास 6 लाख 10 हजार एक्टिव सैन्य कर्मी हैं, जबकि इजराइल के पास सिर्फ एक लाख 70 हजार एक्टिव सैन्य कर्मी हैं।
- ईरान के पास 3 लाख 50 हजार रिजर्व बल है, जबकि इजराइल के पास 4 लाख 65 हजार रिजर्व बल है।
- ईरान का डिफेंस बजट 9 अरब 95 करोड़ 44 लाख डॉलर है, जबकि इजराइल का डिफेंस बजट साढ़े 24 अरब डॉलर के करीब है।
- ईरान पर बाहरी कर्ज करीब 8 अरब डॉलर है, जबकि इजराइल पर बाहरी कर्ज एक खरब, 35 अरब डॉलर के करीब है।
- ईरान के पास 551 एयरक्राफ्ट हैं, जबकि इजराइल के पास 612 एयरक्राफ्ट हैं। लेकिन, प्रतिबंधों की वजह से ईरान अपने ज्यादातर फाइटर जेट्स की मरम्मत नहीं करवा पाता है। इसके अलावा, इजराइल के पास अमेरिकी फाइटर जेट्स हैं, जो ईरानी जेट्स के मुकाबले काफी ज्यादा ताकतवर हैं और विध्वंशक हथियारों को ले जाने में सक्षम है। यहां ईरान, इजराइल के मुकाबले कहीं नहीं ठहरता है।
- ईरान के पास 186 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, जबकि इजराइल के पास 241 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं।
- ईरान के पास डेडिकेटेड अटैक टैंकों की संख्या 23 है, जबकि इजराइल के पास 39 है।
- ईरान के पास 7 एरियल टैंकर हैं, जबकि इजराइल के पास 14 एरियल टैंकर हैं।
- ईरान के पास 129 हेलीकॉप्टर हैं, जबकि इजराइल के पास 146 हेलीकप्टर हैं।
- ईरान के पास 1996 टैंक हैं, जबकि इजराइल के पास सिर्फ 1370 ही टैंक हैं।
बात अगर नौसेना शक्ति की करें, तो ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक,
- ईरान के पास 101 युद्धपोत हैं, जबकि इजराइल के पास 67 युद्धपोत हैं।
- ईरान और इजराइल, दोनों ही देशों के पास एक भी एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं हैं। लेकिन, इजराइल की मदद के लिए अमेरिका ने अपना एयरक्राफ्ट कैरियर भेज दिया है और इसका काम इजराइल पर होने वाली आकाशीय हमलों को रोकना है।
- दोनों ही देशो के पास हेलीकॉप्टर कैरियर भी नहीं हैं।
- ईरान के पास 19 पनडुब्बियां हैं, जबकि इजराइल के पास सिर्फ 5 पनडुब्बियां हैं।

आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए, तो इजराइल से ज्यादा सैन्य शक्ति ईरान के पास है, लेकिन इजराइल को अमेरिका का समर्थन हासिल होने के साथ साथ उसके पास परणाणु बम है, जो ईरान के पास नहीं है और ईरान के युद्ध में नहीं जाने की सबसे बड़ी वजह यही है। इसके अलावा, युद्ध की स्थिति में अमेरिका अपने हथियार भंडार भी इजराइल के लिए खोल देता है, साथ ही अमेरिकी सैटेलाइट्स को इजराइल को युद्ध की रियल टाइम जानकारी देते हैं और इन क्षेत्रों में ईरान बुरी तरह से पिछड़ सकता है।
इसके अलावा, इजराइल के पास अमेरिका के स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं, लेकिन ईरान के पास स्टील्थ सुविधा नहीं है और यहां ईरान पर इजराइल काफी ज्यादा भारी साबित हो सकता है। इसके अलाला, ईरान सालों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जबकि इजराइल के लिए अमेरिकी खजाना भी खुला हुआ है और युद्ध की स्थिति में दुनियाभर में फैले अमीर इजराइली देश की मदद के लिए सामने आ जाते हैं, लेकिन ईरान यहां भी अकेला पड़ जाएगा और ये वो वजहें हैं, जिससे ईरान, अब तक इजराइल के खिलाफ युद्ध लड़ने से बचता आया है।












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