ईरान के साथ परमाणु डील पर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने डायल किया पीएम मोदी का नंबर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले कुछ दिनों में ईरान के साथ साल 2015 में हुई परमाणु डील पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बाबत अंतरराष्ट्रीय समर्थन इकट्ठा करने के मकसद से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी फोन किया।
जेरूशलम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले कुछ दिनों में ईरान के साथ साल 2015 में हुई परमाणु डील पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बाबत अंतरराष्ट्रीय समर्थन इकट्ठा करने के मकसद से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी फोन किया। शुक्रवार को नेतन्याहू ने इस डील पर पीएम मोदी से भी बात की। नेतन्याहू के मीडिया एडवाइजर की ओर से जानकारी दी गई है कि इजरायली पीएम ने मोदी के अलावा ऑस्ट्रेलिया के पीएम मैल्कम टर्नबुल और ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे को भी कॉल किया था।

मोदी से हुई क्षेत्रीय मुद्दों पर बात
नेतन्याहू ने पीएम मोदी समेत दुनिया के कुछ नेताओं के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर बात की। साथ ही उन्होंने अपने पास मौजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मैटेरियल पर भी इन नेताओं को अपडेट दिया। नेतन्याहू ने इससे पहले मीडिया को जानकारी दी थी कि उनके पास 1,00,000 से भी ज्यादा डॉक्यूमेंट्स हैं जिसे इजरायल की एजेंसी मोसाद ने इकट्ठा किया है। इन डॉक्यूमेंट्स को ईरान के वेयरहाउस से इकट्ठा किया गया है और कहा जा रहा है कि इन डॉक्यूमेंट्स में जानकारी है कि ईरान ने पहले किस तरह से परमाणु हथियारों को तैयार किया है। नेतन्याहू ने मीडिया को बताया, 'ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के नेताओं ने कहा है कि उन्हें यह मैटेरियल चाहिए। वह देखना चाहते हैं कि हमें क्या हासिल हुआ है।' इसके अलावा नेतन्याहू की मानें तो लंदन, पेरिस और बर्लिन से भी इंटेलीजेंस प्रोफेशनल्स अगले हफ्ते जेरूशलम आने वाले हैं और वे यहां पर इन डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे।
मोसाद के पास ईरान से जुड़े अहम डॉक्यूमेंट्स
नेतन्याहू ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों से भी बात की है। इसके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल को भी मोसाद की ओर से हासिल इन डॉक्यूमेंट्स के बारे में जानकारी दी गई है। नेतन्याहू ने सोमवार को प्रजेंटेशन के जरिए यह दिखाया था कि ईरान में आज भी प्रोजेक्ट अहमद जारी है जिसके बारे में ईरान की ओर से दावा किया गया था कि साल 2003 में ही इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है। मोसाद के एजेंट्स ने ईरान के वेयरहाउस से 55,000 कागजी दस्तावेज और 183 सीडी के अलावा अतिरिक्त 55,000 कागजी दस्तावेजों को इजरायल भेजा है। बताया जा रहा कि डॉक्यूमेंट्स को तेहरान में स्थित वेयरहाउस से 2018 की शुरुआत में हासिल किया गया था।











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