हमास पर भीषण हमले के बीच बदले इजराइल के सुर, गाजा पट्टी को लेकर जारी किया बड़ा बयान
Israel-Hamas War: हमास पर जारी भीषण हमले के बीच इजराइल के सुर बदल गये हैं और इजराइल ने कहा है, कि उसका मकसद गाजा पट्टी पर नियंत्रण हासिल करना नहीं है। इजराइल के सुर में ये परिवर्तन उस वक्त आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चेतावनी दी थी, कि गाजा पट्टी पर नियंत्रण हासिल करना इजराइल की 'बड़ी गलती' होगी।
संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत गिलाद एर्दान ने कहा, कि इजरायल को गाजा पट्टी पर कब्जा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन हमास को खत्म करने के लिए जो भी जरूरी होगा वह करेगा।

हमास को खत्म करना मकसद
उनकी टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था, कि गाजा पट्टी पर फिर से कब्जा करने के लिए इजरायल का कोई भी कदम एक "बड़ी गलती" होगी।
सीएनएन के साथ एक इंटरव्यू में एर्दान ने कहा, कि "हमें गाजा पर कब्जा करने या गाजा में रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन चूंकि हम अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं और एकमात्र रास्ता, जैसा कि राष्ट्रपति [बाइडेन] ने खुद परिभाषित किया है, हमास को खत्म करना है, इसलिए हमें उनकी क्षमताओं को ख़त्म करने के लिए जो भी आवश्यक होगा वह करना होगा।"
एर्दान की टिप्पणी को दोहराते हुए, अमेरिका में इजरायली राजदूत माइकल हर्ज़ोग ने कहा, कि "हमें गाजा पर कब्जा करने या फिर से कब्जा करने की कोई इच्छा नहीं है। हमें 20 लाख से ज्यादा फ़िलिस्तीनियों के जीवन पर शासन करने की कोई इच्छा नहीं है।"
एर्दान ने हमास को खत्म करने के प्रयास में इज़राइल का समर्थन करने के लिए बाइडेन को धन्यवाद दिया।
उन्होंने एक्स पर कहा, कि "बर्बर हमास नरसंहार के बाद से इज़राइल जो कह रहा है उसे पहचानने के लिए राष्ट्रपति बाइडेन को धन्यवाद: इज़राइल का लक्ष्य हमास की आतंकवादी क्षमताओं का पूर्ण उन्मूलन है।"
हमास के 7 अक्टूबर के हमले में 1,400 से ज्यादा इजरायली मारे गए हैं, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक थे। इज़राइल के अनुसार, बच्चों सहित कम से कम 155 अन्य लोगों को हमास ने बंधक बना लिया है और उन्हें गाजा ले जाया गया है। 1973 में मिस्र और सीरिया के साथ हुए संघर्ष के बाद से यह इज़रायल के लिए सबसे घातक युद्ध है।












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