ISRAEL: बर्थडे पार्टी में भारतीय मूल के किशोर की बेरहमी से हत्या, जाने क्यों भड़के थे इजरायली?
एक सामाजिक कार्यकर्ता, जिन्होंने मृतक योएल लेहिंघेल के साथ काम किया है, उन्होंने चैनल-12 से बात करते हुए इस घटना को शॉकिंग कहा है और आश्चर्यजनक कहा है।
Yoel Lehingahel: ISRAEL में बर्थडे पार्टी के दौरान भारतीय मूल के एक किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक बर्थडे पार्टी के दौरान भारतीय मूल के शख्स को बेरहमी से चाकू मारे गये, जिसमें उसकी मौत हो गई। पीड़ित शख्स उत्तर-पूर्व भारत का रहने वाला यहूदी समुदाय से बनी मेनाशे से था और उसका परिवार इसी साल भारत से इजरायल शिफ्ट हुआ था।

बर्थडे पार्टी के दौरान विवाद
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरी इजरायली शहर किर्यत शिमोना में बर्थडे पार्टी के दौरान ये खूनी विवाद हो गया था और फिर भारतीय मूल के शख्स को चाकू से गोद दिया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि, पीड़ित लड़के का नाम योएल लेहिंघेल था, जो 18 साल का था और वो बर्थडे पार्टी में भाग लेने के लिए और भारत से ही आए एक और अप्रवासी से मिलने के लिए उत्तरी इजरायली शहर नोफ हागलिल गया हुआ था, जहां उसकी जान ले ली गई। इजरायली समाचार पोर्टल यनेट ने बताया कि, बर्थडे पार्टी में 20 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे और इसी दौरान योएल लेहिंघेल का विवाद शुरू हो गया और फिर उसके ऊपर चाकुओं से हमला कर दिया गया। मृतक के परिवार ने बताया कि, योएल लेहिंघेल को बर्थडे पार्टी के बाद अगले दिन सुबह में घर आ जाना चाहिए था, लेकिन सुबह 7 बजे उसके एक दोस्त ने फोन पर बताया कि, रात में हुई लड़ाई में योएल लेहिंघेल बुरी तरह से घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

15 साल का आरोपी गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले की योएल लेहिंघेल के परिवार वाले अस्पताल पहुंच पाते, उन्हें फोन पर बताया गया कि, उसकी मौत हो गई है। वहीं, पुलिस ने कथित तौर पर घटना में शामिल होने के आरोप में पास के शहर चैटजोर हाग्लिट के रहने वाले 15 साल के एक नाबालिग को गिरफ्तार क लिया है। टाइम्स ऑफ इजराइल अखबार के मुताबिक, शुक्रवार को पुलिस ने कहा कि उन्होंने 13 से 15 साल के बीच के सात अन्य युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं, नोफ हागलिल के मेयर रोनेन प्लॉट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना को "अपने शहर का नुकसान" बताया है और लेहिंघेल को एक "खुश" लड़का बताया, जिसने इजरायली सेना की एक लड़ाकू इकाई में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि, "हिंसा की वजह से उसकी पूरी जिंदगी खत्म हो गई, जो मेरी नजर में हर तरह से एक आतंक का काम है।"

सभी का प्यारा था मृतक
वहीं, एक सामाजिक कार्यकर्ता, जिन्होंने मृतक योएल लेहिंघेल के साथ काम किया है, उन्होंने चैनल-12 से बात करते हुए इस घटना को शॉकिंग कहा है और आश्चर्यजनक कहा है। उन्होंने कहा कि, ये काफी आश्चर्यजनक इसलिए भी है, क्योंकि उसके सभी दोस्त उसे काफी प्यार करते थे। वो कभी किसी के साथ कभी झगड़ा भी नहीं करता था और सिर्फ एक ही बार वो पार्टी में शामिल होने के लिए गया था, जिसमें उसकी जान चली गई। उसे बुरी तरह से घायल कर दिया गया था और यह हम सबके लिए काफी मुश्किल घड़ी है।

मणिपुर का रहने वाला है समुदाय
पीड़ित लेहिंगहेल, बनी मेनाशे यहूदी समुदाय का सदस्य था, जो पिछले दो दशकों से भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों मणिपुर और मिजोरम में रहता है और ये परिवार इसी साल भारत से जाकर इजरायल में बस गया था। बन्नी मेनाशे को मनश्शे की बाइबिल जनजाति के वंशज माना जाता है, जो कि 2,700 साल से ज्यादा समय पहले इजराइल की भूमि से निर्वासित दस खोई हुई जनजातियों में से एक है। साल 2005 में तत्कालीन सेफर्डिक प्रमुख रब्बी श्लोमो अमर ने इस प्रजाति को इजराइल का वंशज घोषित कर दिया, जिससे इजराइल में उनके आप्रवासन का मार्ग प्रशस्त हुआ। कहा जाता है कि करीब 3,000 बनी मेनाशे समुदाय के सदस्य हाल के वर्षों में इजराइल में जाकर बस गए हैं।












Click it and Unblock the Notifications