ईरानी मिसाइलों के आगे कैसे फेल हुआ आयरन डोम? इजरायल के दो शहरों में भारी तबाही, नेतन्याहू ने खाई बदले की कसम
Iran Israel War Update: ईरान-इजरायल युद्ध का आज 22वां दिन है। ये जंग हर नए दिन के साथ और तेज होती जा रही है। इस बीच अब ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने दक्षिणी इजरायल के अराद और डिमोना शहरों में भारी तबाही मचाई है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में बच्चों समेत 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं और आवासीय क्षेत्रों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम (MDA) के अनुसार, अराद में 75 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं डिमोना शहर में 33 लोग घायल हुए हैं। इसी जगह पर एक संवेदनशील परमाणु केंद्र भी स्थित है।

कई इमारतों के उड़े परखच्चे
घायलों में एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जो मिसाइल के छर्रों से गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिसाइलें इतनी शक्तिशाली थीं कि उनके गिरने से जमीन पर बड़े गड्ढे बन गए और कई बहुमंजिला इमारतों के परखच्चे उड़ गए।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को देश के अस्तित्व की लड़ाई में एक 'कठिन शाम' करार दिया है। उन्होंने अराद के मेयर यायर मायान से फोन पर बात की और प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यालय के महानिदेशक को सभी सरकारी मंत्रालयों के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए दोहराया कि इजरायल हर मोर्चे पर अपने दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम फेल!
इजरायली सेना (IDF) ने स्वीकार किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने काम तो किया, लेकिन वे ईरानी मिसाइलों को पूरी तरह इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहे। ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रीन ने कहा कि इस तकनीकी विफलता की गहन जांच की जाएगी।
वहीं, इजरायली विदेश मंत्रालय ने इस हमले को 'युद्ध अपराध' और 'आतंकवाद' करार देते हुए ईरान पर जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने इसे नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का बदला बताया है।
ईरानी मिसाइलों से इजरायली शहरों में दहशत
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी इजरायल में अपने शहर पर हुए ईरानी मिसाइल हमले से बचने के लिए एक शेल्टर में पनाह लिए 17 साल के इडो फ्रैंकी ने 'खौफनाक' धमाकों की आवाज़ें सुनीं- ऐसी आवाज़ें जिनका अनुभव उन्होंने पहले कभी नहीं किया था। जैसे ही हवाई हमले के सायरन बजने लगे और आने वाले हमले की चेतावनी दी गई, फ्रैंकी अपने परिवार के साथ फौरन शेल्टर की ओर भागे। फ्रैंकी ने बताया कि, 'धमाकों की आवाज़ें आ रही थीं, मेरी मां चीख रही थीं।' इस शहर ने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा था।'












Click it and Unblock the Notifications