तुर्की के ऑपरेशन में मारा गया ISIS का खलीफा, राष्ट्रपति अर्दोआन ने की पुष्टि, कौन था अबू हुसैन अल कुरैशी?
इस्लामिक स्टेट का मकसद पूरी दुनिया में शरिया के मुताबिक इस्लामिक शासन की स्थापना करना है और इस आतंकी संगठन में अभी भी दुनिया के अलग अलग हिस्सों से कट्टरपंथी मुसलमान शामिल हो रहे हैं।

Turkey Killed ISIS Leader: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने दावा किया है, कि सीरिया में इस्लामि स्टेट का सरगना तुर्की खुफिया एजेंसी की एक स्ट्राइक में मारा गया है। राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने रविवार को कहा है, कि आईएसआईएस का मुखिया, अबू हुसैन अल कुरैशी को खुफिया संगठन, एमआईटी ने एक लंबे समय तक चले ऑपरेशन के बाद "बेअसर" कर दिया है।
हालांकि, अभी तक तुर्की के राष्ट्रपति के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आईएसआईएस की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की की सेना ने यह स्ट्राइक उत्तरी सीरियाई शहर जंदारिस में किया था, जिस पर तुर्की समर्थित विद्रोही समूहों का नियंत्रण है।
आपको बता दें, कि जब 6 फरवरी को तुर्की और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में विनाशकारी भूकंप आया था, उस वक्त जंदारिस शहर बुरी तरह से प्रभावित हुआ था।
जंदारिस के रहने वाले एक स्थानीय निवासी के मुताबिक, आईएसआईएस और विरोधी सीरियन नेशनल आर्मी के बीच संघर्ष शनिवार रात से शुरू हुआ और रविवार तक जारी रहा। तभी उन्हें तेज धमाका सुनाई दिया। बाद में इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया था। हालांकि, सीरियाई राष्ट्रीय सेना ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
सीरिया में अभी भी मौजूद है ISIS
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने साल 2014 में इराक और सीरिया के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था, उस समय उसके प्रमुख अबू बक्र अल बगदादी ने वहां रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक इस्लामी खिलाफत की घोषणा की थी। उस वक्त सैकड़ों की संख्या में अलग अलग देशों के मुस्लिम सीरिया और इराक में, पूरी दुनिया में इस्लामिक शासन की स्थापना की मकसद से पहुंचे थे।
लेकिन, सीरिया और इराक में अमेरिका और रूस समर्थित बलों के अभियानों के बाद आईएसआईएस ने इस क्षेत्र से अपनी पकड़ खो दी। और बाद में अबू बकर अल बगदादी को भी अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
वहीं, दक्षिणी सीरिया में एक ऑपरेशन के दौरान अपने पूर्ववर्ती अबू हसन अल हाशिमी अल कुरैशी की मौत के बाद नवंबर 2022 में अल कुरैशी को नया नेता चुना गया था। वहीं, ISIS के बाकी के आतंकवादी तब से सीरिया और इराक दोनों के दूरदराज के इलाकों में छिपे हुए हैं, हालांकि यह माना जाता है कि वे अभी भी बड़े हिट-एंड-रन हमलों को अंजाम देने में सक्षम हैं।
सीरिया में आईएस के अधिकारियों के खिलाफ स्ट्राइक सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस द्वारा किए जाते हैं, जो अमेरिका और कुर्द बलों के बीच का एक सैन्य गठबंधन है।
कौन था अबू हुसैन अल कुरैशी?
अबू अल-हुसैन अल-हुसैनी अल-कुरैशी 30 नवंबर 2022 से 29 अप्रैल 2023 तक इस्लामिक स्टेट का चौथा ख़लीफ़ा था। उसके खलीफा बनने की घोषणा, आईएस के प्रवक्ता अबू उमर अल-मुहाजिर ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में की थी, जिसमें कहा गया था कि उसका पूर्ववर्ती अबू अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी मारा गया है।
अबू अल-हुसैन को इस्लामिक स्टेट के अनुभवी और समूह का एक वफादार सदस्य बताया गया था। जनवरी 2023 को एक प्रमुख असंतुष्ट आईएस-विरोधी नेतृत्व चैनल ने आरोप लगाया, कि अबू अल-हुसैन अपने पूर्ववर्तियों की तरह इराकी है और उसे अब्दुल रऊफ अल-मुहाजिर इस्लामिक स्टेट के प्रशासन के अमीर के नेतृत्व वाली शूरा परिषद द्वारा नियुक्त किया गया है।












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