कबूतरों के प्राइवेट पार्ट्स से ISIS आतंकवादियों को प्रॉबलम!
महिलाएं टाइट जींस पहनती हैं तो भूकंप आता है। महिलाएं पुरुषों की लांघें देखने के लिये फुटबॉल देखती हैं। कबूतरों की ब्रीडिंग को बंद करो, क्योंकि इनके यौन अंग इस्लाम के विरुद्ध हैं। जी हां आपने एक दम सही पढ़ा है। ये बाते हैं जो दुनिया भर में वारयल हो रही हं।
अब सवाल यह उठता है कि ये बातें कौन कर रहा है? जवाब है आतंकी संगठन आईएसआईएस। आईएसआईएस ने इराक और सीरिया में कबूतरों की ब्रीडिंग पर सिर्फ इसलिये प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि इनकी पैदावार इस्लाम के नियमों को तोड़ती है।
आईएसआईएस का मकसद इस्लाम के फेवर में बात करना है या महज हम लोगों को हँसाना है, यह तो कहना मुश्किल है, लेकिन एक बात साफ है कि इराक और सीरिया के कबूतरों की शामत आ गई है। जो लोग इंसान को काटने में एक मिनट नहीं लगाते हैं, वे कबूतरों को काटने में कितनी देर लगायेंगे। [पढ़ें- ISIS की दरिंदगी, यौनसुख से मना करती है लड़की तो डाल देते हैं खौलता पानी]
एंटी-इस्लाम है कबूतर का लिंग
सीरिया और इराक में प्रतिबंध लगाये जाने से पहले एक दस्तावेज तैयार किया गया, जिसमें लिखा गया कि जब कबूतर उड़ता है, तो उसके प्राइवेट पार्ट्स (जेनीटेल्स) दिखाई देते हैं, और ऐसा देखना इस्लाम में पाप है, इसलिये कबूतर पालने पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिये।
3 युवकों को फांसी पर लटकाया
आईएसआईएस ने हाल ही में 15 युवकों को सिर्फ इसलिये पकड़ लिया क्योंकि वे कबूतर पालते थे अैर उनकी ब्रीडिंग करवाते थे। उनमें से 3 को तो फांसी पर चढ़ा दिया।
आईएसआईएस ने आगे लिखा है कि नमाज़ पढ़ते वक्त जब कबूतर हवा में उड़ता दिख जाता है, तो उससे डिस्टर्ब होता है, क्योंकि उसके यौनअंग देखकर ध्यान भटक जाता है।
यह है असली वजह
आईएसाइएस ने कबूतर के प्राइवेट पार्ट की वजह से जो फरमान जारी किया है, जबकि असली वजह यह है कि कबूतरों के माध्यम से लोग आईएसआईएस के विरुद्ध् संदेश भेज रहे हैं।













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