इराक के बाद अब सीरिया, 2000 साल पुराना मंदिर आईएसआईएस ने नष्ट किया
बेरुत। इराक में मौजूद दुनिया की कई धरोहरों को खत्म करने के बाद अब आईएसआईएस सीरिया में मौजूद एतिहासिक धरोहरों को खत्म करने में लग गया है। ब्रिटेन की संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आईएसआईएस ने सीरिया में मौजूद एक 2000 वर्ष पुराने मंदिर को खत्म कर डाला है।

आर्कियोलॉजिस्ट्स को हमेशा से ही इस बात का डर सताता रहता था कि आईएसआईएस इन देशों में मौजूद एतिहासिक इमारतों को खत्म कर देना चाहता है।
उनके इसी डर को आईएसआईएस ने पिछले दिनों सच साबित कर दिया है। आतंकियों ने सीरिया के प्राचीन शहर पाल्मायरा पर कब्जे के बाद इसकी धरोहरों को नष्ट करने की ओर अपने कदम बढ़ा दिए हैं।
पाल्मायरा यूनेस्को का एक वैश्विक धरोहर स्थल है। आतंकियों ने यहां पर मौजूद बालशामीन मंदिर में ब्लास्ट कर इसको खत्म कर दिया है। यह बलास्ट इतना शक्तिशाली था कि इसकी वजह से कुछ रोमन स्मारकों को भी नुकसान पहुंचा। ऑब्जर्वेटरी ने रविवार रात बताया कि मंदिर को एक महीना पहले विस्फोट करके नष्ट किया गया था।
मूल रूप से पाल्मायरा के रहने वाले तुर्की निवासी एक कार्यकर्ता ओसामा अल खातिब ने बताया कि मंदिर में रविवार को ब्लास्ट किया। आतंकियों ने इसे नष्ट करने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक इस्तेमाल किए। सीरिया में लंबे समय से चल रहे सिविल वॉर में ऐसी जानकारियां मिलना आम बात है।
सुन्नी समुदाय का दावा है कि प्राचीन निशानियां मूर्ति पूजा को बढावा देती हैं और वे मूर्तिपूजा के खात्मे के लिए उन्हें नष्ट कर रहे हैं। अल खातिब ने बताया कि यह मंदिर पाल्मायरा की प्रसिद्ध रंगभूमि से करीब 500 मीटर दूर स्थित था।
आईएसआईएस ने मई में इस ऐतिहासिक शहर पर कब्जे के बाद इसी रंगभूमि में 20 से अधिक सीरियाई सैनिकों को मार दिया था। यह मंदिर पहली सदी का है और यह तूफान एवं फसल के लिए मददगार बारिश के फोएनिसियाई देवता को समर्पित था।












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