Abraham Lincoln Missiles Attack: ईरान ने USS अब्राहम लिंकन पर दागीं 4 मिसाइलें, संघर्ष का ट्रिगर पॉइंट समझें
IRGC Claims USS Abraham Lincoln Missiles Attack: मध्य पूर्व में आग भड़क चुकी है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद तेहरान ने जवाबी हमलों की बौछार कर दी है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार (1 मार्च) को दावा किया कि उसने अमेरिकी नौसेना के यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) विमानवाहक पोत पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह दशकों में किसी अमेरिकी विमानवाहक पर पहला सीधा सफल हमला होगा।
यह घटना Operation True Promise-4 के तहत आईआरजीसी के सातवें बयान में तस्नीम न्यूज एजेंसी के जरिए जारी की गई। आइए विस्तार से जानते हैं...

Khamenei Death Trigger Point: खामेनेई की मौत- संघर्ष का ट्रिगर पॉइंट
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए। ऑपरेशन Epic Fury (अमेरिका) और Roar of the Lion (इजरायल) के तहत तेहरान समेत कई शहरों में स्ट्राइक्स हुईं। पहला बड़ा टारगेट था सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय परिसर। ईरानी मीडिया और इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की कि खामेनेई की मौत हो गई, साथ ही आईआरजीसी कमांडर, रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भी मारे गए।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता और रेजीम को कमजोर करने के लिए था। सैकड़ों टारगेट्स पर 900 से ज्यादा स्ट्राइक्स हुए, जिसमें यूएसएस अब्राहम लिंकन से F-35C और F/A-18 फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया। अबू धाबी, बहरीन, कतर जैसे गल्फ देशों के एयरस्पेस बंद हो गए, हजारों यात्री फंसे - जिसके लिए अबू धाबी ने होटल बिल सरकार उठाने का ऐलान किया।
- ईरान ने तुरंत जवाब दिया: इजरायल, अमेरिकी बेस (बहरीन, कुवैत, कतर, UAE), और क्षेत्रीय ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अटैक। अब यह नया दावा - यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमला - युद्ध को समुद्री स्तर पर ले आया है।
आईआरजीसी का बयान: क्या कहा गया?
तस्नीम न्यूज के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। अमेरिकी-जायोनी शत्रु ठिकानों के खिलाफ हमले एक 'नए चरण' में प्रवेश कर चुके हैं। 'दुश्मन के थके हुए सैन्य बल के खिलाफ इस्लामिक रिपब्लिक के सशस्त्र बलों के शक्तिशाली हमले एक नए चरण में हैं। जमीन और समुद्र तेजी से आतंकवादी हमलावरों का कब्रिस्तान बन जाएंगे।'
यह दावा Operation True Promise-4 का हिस्सा है, जिसमें पहले से ही अमेरिकी बेस पर हमले हुए हैं। आईआरजीसी का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई खामेनेई की मौत और अमेरिकी-इजरायली हमलों का बदला है।
What Is USS Abraham Lincoln Ship: यूएसएस अब्राहम लिंकन कौन सा जहाज और कहां था?
यूएसएस अब्राहम लिंकन एक Nimitz-class विमानवाहक है, जो अरब सागर में तैनात था (Arabian Sea)। इसमें 90 से ज्यादा एयरक्राफ्ट, F-35C, F/A-18 शामिल थे, जिन्होंने ईरान पर हमलों में हिस्सा लिया। यह यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के तहत Fifth Fleet का हिस्सा है, जो बहरीन में हेडक्वार्टर्स रखता है। अगर हमला हुआ, तो यह ईरान की एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों (जैसे Fateh या Khalij Fars) की क्षमता का टेस्ट होगा।
क्या दावा सही है? अभी तक कोई पुष्टि नहीं
अमेरिकी पक्ष: CENTCOM ने कई ईरानी दावों को झूठा बताया है, जैसे अमेरिकी जहाज पर हमला या कैजुअल्टीज। उन्होंने कहा कि कोई अमेरिकी नौसेना जहाज प्रभावित नहीं हुआ, और Armada पूरी तरह ऑपरेशनल है। स्वतंत्र स्रोतों से कोई पुष्टि नहीं मिली। कोई वीडियो, सैटेलाइट इमेज या अमेरिकी बयान नहीं आया कि मिसाइलें हिट हुईं। ऐसे दावे प्रोपगैंडा का हिस्सा हो सकते हैं, जैसे पहले AI वीडियो में दिखाया गया था कि ईरान ने लिंकन को डुबो दिया।
यह संघर्ष अब जमीन, हवा, समुद्र - हर मोर्चे पर फैल रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है, लेकिन फिलहाल यह ईरान का दावा बनाम अमेरिकी इनकार है। शांति के लिए राजनयिक प्रयास जरूरी, वरना तीसरी वर्ल्ड वॉर की आशंका बढ़ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications